जौनपुर डबल मर्डर: बेटे ने मां-बाप के आरी से काटकर किए टुकड़े, फिर गोमती नदी में फेंक दिए…! पुलिस ने खोला रोंगटे खड़े कर देने वाला सच
जरा सोचिए… जिस मां ने नौ महीने कोख में रखा, जिस बाप ने खून-पसीना बहाकर बेटे को इंजीनियर बनाया… उसी बेटे ने रात के अंधेरे में अपने ही माता-पिता के सिर कूंच दिए। शवों को आरी से काटा, टुकड़े बोरे में भरे और बेलांव घाट पुल से गोमती नदी में फेंक आया! यह किसी क्राइम वेबसीरीज़ की कहानी नहीं, बल्कि जौनपुर के जफराबाद इलाके की सच्ची और दिल दहला देने वाली वारदात है, जिसने पूरे जिले को हिला कर रख दिया।
पुलिस की जांच के बाद जो सच सामने आया, वह इतना भयानक है कि सुनकर किसी का भी कलेजा कांप जाए। आरोपी कोई बाहरी नहीं बल्कि मृतक दंपत्ति का अपना इकलौता बेटा – अम्बेश कुमार निकला।
पूरा मामला क्या है – जफराबाद थाना क्षेत्र का अहमदपुर गांव
जफराबाद थाना अन्तर्गत अहमदपुर के पास लबे रोड स्थित मकान में रहने वाले दंपत्ति
श्यामबहादुर (रेलवे से रिटायर्ड) और बबिता देवी 8 दिसंबर को अचानक गायब हो गए थे।
13 दिसंबर को उनकी बेटी वंदना ने पुलिस में लापता होने की शिकायत दर्ज कराई थी। तब किसी को नहीं पता था कि उनके प्यारे मां-बाप इस दुनिया में नहीं रहे… और उनकी हत्या घर में ही हो चुकी है।
पुलिस जांच में सामने आज झकझोर देने वाली कहानी
जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ी, पुलिस को कई चौंकाने वाले तथ्य मिले।
जफराबाद पुलिस ने जब बेटे अम्बेश कुमार को गहन पूछताछ में पकड़ा, तो वह टूट गया… और उसने पूरा घटना क्रम कबूल किया।
हत्या की वजह – पैसे और सम्पत्ति का लालच
पुलिस के अनुसार, अम्बेश को मां-बाप की जायदाद पर पूरा अधिकार चाहिए था।
इसके साथ ही
उसकी मुस्लिम लड़की से हुई प्रेम-विवाह
घर में लगातार होने वाले विवाद
आर्थिक मांग
इन सबने मिलकर रिश्तों को जहरीला बना दिया था।
सिर कूंचकर की हत्या
पूछताछ में आरोपी ने बताया कि
8 दिसंबर की रात उसने झगड़े के दौरान अपने मां-पिता का सिलबट्टा और भारी वस्तुओं से सिर कूंचकर हत्या कर दी।
इसके बाद घटना को छुपाने के लिए वह और भी खौफनाक कदम उठाने लगा।
आरी से काटे शव, बोरे में भरे और नदी में फेंक आया
हत्या के बाद अम्बेश ने
शवों को धारदार आरी से काटा
टुकड़ों को सीमेंट के बोरे में भरा
कार से ले जाकर बेलांव घाट पुल से गोमती नदी में फेंक दिया
इसके बाद उसने परिवार को झूठ बोलकर बताया कि
“मां-बाप नाराज़ होकर घर छोड़कर चले गए हैं…”
बहनों को गुमराह करने के लिए वह रोता-गिड़गिड़ाता रहा, लेकिन पुलिस से उसके कदम नहीं बच सके।
सच्चाई सामने आने पर बेटियों के पैरों तले जमीन खिसक गई
जब पुलिस ने हत्या का सच परिजनों को बताया, तो मृतक दंपत्ति की बेटियों का रो-रोकर बुरा हाल था।
बेटी वंदना ने बताया कि
8 दिसंबर को भाई से फोन पर बात भी हुई थी
उसने कहा था कि मां-बाप गायब हैं
लेकिन दरअसल तभी दोनों की हत्या हो चुकी थी
बहनों ने कभी सपने में भी नहीं सोचा था कि उनका भाई इतना बड़ा जल्लाद बन सकता है।
पुलिस की कार्रवाई – आरोपी जेल में, बरामदगी जारी
जौनपुर पुलिस ने
आरोपी अम्बेश को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है
कार, आरी, सिलबट्टा, मोबाइल फोन सहित कई सबूत बरामद किए हैं
गोमती नदी से शव के कुछ अवशेष कब्जे में लिए गए हैं
बचे हुए टुकड़ों की तलाश अभी जारी है
पुलिस का कहना है—
“आरोपी कितना भी चालाक क्यों न हो, कानून से नहीं बच सकता।”
पड़ताल में सामने आए महत्वपूर्ण तथ्य
मृतक श्यामबहादुर जून 2024 में रेलवे से रिटायर हुए थे
अम्बेश ने 5 साल पहले कोलकाता में मुस्लिम लड़की से शादी की थी
परिवार इस शादी से खुश नहीं था
इसी कारण गृहकलह लगातार बनी रहती थी
अम्बेश ने बीटेक किया हुआ है
घटना पहले दिन से ही संदिग्ध थी, लेकिन आरोपी ने झूठ बोलकर सबको भटकाए रखा
ऐसी घटनाओं से समाज को क्या सीख?
यह घटना एक दर्दनाक सच्चाई उजागर करती है—
जब परिवार में लालच, अविश्वास और तनाव पनपने लगता है, तो संबंध खून से नहीं, स्वार्थ से बंधने लगते हैं।
समाज और परिवार को ऐसे संकेतों को अनदेखा नहीं करना चाहिए।
जफराबाद का यह डबल मर्डर केस इस साल का सबसे सनसनीखेज और रोंगटे खड़े कर देने वाला मामला बन गया है।
एक पढ़ा-लिखा, इंजीनियर बेटा कैसे एक रात में जल्लाद बन गया, इसका जवाब अब पुलिस की केस डायरी में दर्ज है, और ये घटना आने वाले कई सालों तक लोगों के ज़हन को झकझोरती रहेगी।