अयोध्या में राम मंदिर में सफाई का काम करने वाली दलित लड़की के साथ हुए गैंगरेप का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। इस मामले में कुल 9 लोगों को आरोपी बनाया गया है, जिनमें से 5 की गिरफ्तारी हो चुकी है। इस बीच, गैंगरेप पीड़िता ने समाजवादी पार्टी (सपा) प्रमुख अखिलेश यादव से मुलाकात की और न्याय की मांग की। पीड़िता की मुलाकात सपा नेता पवन पांडेय ने लखनऊ स्थित पार्टी कार्यालय में करवाई।मीडिया से बात करते हुए पीड़िता ने बताया कि उसने अखिलेश यादव को पूरे मामले की जानकारी दी और उन्हें मदद का आश्वासन मिला है। पीड़िता के अनुसार, यह घटना 16 से 25 अगस्त के बीच की है। जब उसने प्रशासन से संपर्क किया, तो उसे महिला थाने की दरोगा द्वारा दुर्व्यवहार का सामना करना पड़ा, जिन्होंने उसे गाली देकर थाने से भगा दिया। उच्च अधिकारियों से संपर्क करने के बाद ही एफआईआर दर्ज की जा सकी।

आरोपी बना रहे मुकदमा वापस लेने का दबाव
पीड़िता ने कहा कि आरोपी लगातार उसे और उसके परिवार पर एफआईआर वापस लेने का दबाव बना रहे हैं। आरोपी भाजपा के कार्यकर्ता हैं और पुलिस उन पर कार्रवाई करने में टालमटोल कर रही है। पीड़िता ने आरोप लगाया कि आरोपी पक्ष के लोग उसके माता-पिता को धमकी दे रहे हैं और कहा जा रहा है कि यदि एफआईआर वापस नहीं ली, तो उनकी इज्जत खतरे में पड़ जाएगी।

आरोपी है भाजपा का नेता
सूत्रों के अनुसार, मुख्य आरोपी के पिता भाजपा के अनुसूचित जाति प्रकोष्ठ के करिअप्पा मंडल के अध्यक्ष रह चुके हैं और उनकी पार्टी में अच्छी पकड़ है। घटना के बाद, आरोपी के पिता कुछ स्थानीय नेताओं के साथ अयोध्या के एसएसपी राजकरण नैय्यर से भी मिले, जहां उन्होंने अपने बेटे के निर्दोष होने का दावा किया और उसे नाबालिग बताकर मदद की गुहार लगाई। हालांकि, पुलिस ने जांच पूरी होने से पहले कोई सहायता देने से इनकार कर दिया है।यह मामला अब राजनीतिक मोड़ ले चुका है, जहां पीड़िता ने समाजवादी पार्टी से सहयोग की उम्मीद जताई है।