3

Recent News

UP News: IPS आशुतोष मिश्रा की मां की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में चौंकाने वाला खुलासा! लूट के दौरान हत्या वाला एंगल नहीं..

UP News: यूपी में तैनात IPS आशुतोष मिश्रा की मां इंद्रावती देवी की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत के मामले…

UP Crime News: पत्नी को बांधा, फिर प्राइवेट पार्ट में करंट लगाकर हत्या; लाश लेकर ससुराल पहुंचा, वजह हैरान कर देगी..

UP Crime News: रामपुर में जमीन के विवाद को लेकर एक महिला की हत्या का सनसनीखेज मामला सामने आया है।…

UP Big News: मेरठ की मस्जिद से जैश का आतंकी गिरफ्तार! मसूद अजहर को मानता है गुरु, मदरसे से ली मौलवी की डिग्री..

UP Big News: उत्तर प्रदेश ATS ने पाकिस्तान स्थित आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद (JeM) से जुड़े एक संदिग्ध युवक को गिरफ्तार…

Pilibhit News: पीलीभीत में कांग्रेस का ‘कमबैक प्लान'! बूथ स्तर तक संगठन खड़ा करने की कवायद शुरू..

Pilibhit में कांग्रेस ने संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूत करने की कवायद तेज कर दी है। संगठन सृजन अभियान…

UP Election 2027 से पहले BJP की नई राष्ट्रीय टीम में UP का दबदबा; OBC चेहरों की भरमार, क्या है भाजपा का प्लान?

UP Election 2027: भारतीय जनता पार्टी (BJP) के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने नई राष्ट्रीय टीम का ऐलान कर दिया…

3

Recent News

UP News: यूपी में तैनात IPS आशुतोष मिश्रा की मां इंद्रावती देवी की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत के मामले…

UP Crime News: रामपुर में जमीन के विवाद को लेकर एक महिला की हत्या का सनसनीखेज मामला सामने आया है।…

UP Big News: उत्तर प्रदेश ATS ने पाकिस्तान स्थित आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद (JeM) से जुड़े एक संदिग्ध युवक को गिरफ्तार…

Pilibhit में कांग्रेस ने संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूत करने की कवायद तेज कर दी है। संगठन सृजन अभियान…

UP Election 2027: भारतीय जनता पार्टी (BJP) के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने नई राष्ट्रीय टीम का ऐलान कर दिया…

Breaking News

सभी तीर्थों में प्रयागराज को कहा गया तीर्थराज,जानें रहस्य

प्रयाग तीर्थों के नायक हैं, तीर्थों के राजा हैं और मोक्ष देने वाली सातों पुरियां उनकी रानियां हैं। इनमें पटरानी का गौरव काशी को प्राप्त है। काशी तीर्थराज को सबसे ज्यादा प्रिय है। प्रयाग ने उन्हें मुक्ति देने का अबाध और अनंत अधिकार सौंप रखा है। पुराणकाल में उनके लिए कहा है- मुक्तिदाने नियुक्ता। वे मुक्ति देने के लिए नियुक्त की गई हैं।

कल्पवास का है महत्व

महाभारत के एक प्रसंग में मार्कंडेय ऋषि धर्मराज युधिष्ठिर से कहते हैं कि राजन्‌ प्रयाग तीर्थ सब पापों को नाश करने वाला है। जो भी व्यक्ति प्रयाग में एक महीना, इंद्रियों को वश में करके स्नान-ध्यान और कल्पवास करता है, उसके लिए स्वर्ग का स्थान सुरक्षित हो जाता है। इसी तरह शताध्यायी के संदर्भों में त्रिवेणी और प्रयाग- अनेक पौराणिक आख्यानों के अनुसार प्रयाग को तीर्थराज के रूप में महिमामण्डित किया गया है। तीर्थराज प्रयाग में सभी तीर्थों और क्षेत्रों का प्रतिनिधित्व करने वाले मठ और आश्रम हैं।

त्रिदेवों की पुण्यस्थली

त्रिदेवों की पुण्यस्थली तीर्थराज प्रयाग को पुराणों में विष्णुप्रजापति और हरिहर क्षेत्र कहा गया है। सृष्टि रचना से पहले यहीं प्रजापिता ब्रह्मा ने दशाश्वमेध यज्ञ किया था। तीर्थराज प्रयाग की श्रेष्ठता के संबंध में पुराणों में अनेक कथाएं मिलती हैं।एक कथा के अनुसार शेष भगवान के निर्देश से ब्रह्मा ने सभी तीर्थों की पुण्य गरिमा को तराजू पर तौला था। फिर इन सभी तीर्थों, सात समुद्रों सात महाद्वीपों को तराजू के एक पलड़े पर रखा गया। दूसरे पलड़े पर तीर्थराज प्रयाग को रखा गया तो बाकी तीर्थों वाला पलड़ा ध्रुवमण्डल को छूने लगा, लेकिन जिस पलड़े पर तीर्थराज प्रयाग थे, उसने धरती नहीं छोड़ी।

कुंभ में बसते है शिव

इस पौराणिक उल्लेख के जरिये तीर्थराज प्रयाग की श्रेष्ठता सिद्ध करने का प्रयास किया गया है। कहा गया है ब्रह्माण्ड से जगत की उत्पत्ति होती है, जगत से ब्रह्माण्ड की नहीं। इसी प्रकार प्रयाग से सारे तीर्थ उत्पन्न हुए हैं। किसी तीर्थ से प्रयाग का जन्म होना असम्भव है।एक अन्य कथा के अनुसार तीर्थराज की पहचान होने के बाद काशी विश्वनाथ स्वयं आकर प्रयाग में रहने लगे। उन्होंने महाविष्णु रूप भगवान वेणी माधव के दर्शन किए। वेणी माधव, अक्षयवट के पत्ते पर बालमुकुन्द रूप धारण कर अपनी महिमा का विस्तार करने के बारे में सोच रहे थे, तभी शूलपाणि शिव अक्षयवट की रक्षा करने को वहीं उपस्थित थे।पद्‌मपुराण के अनुसार भगवान वेणी माधव को शिव अत्यंत प्रिय हैं। वही शिव अवंतिका में महाकालेश्वर के रूप में विराजमान हैं, वहीं शिव कांची की पुण्य गरिमा के कारण हैं। उनका प्रयाग में निरन्तर निवास करना शैव और वैष्णव धर्म के समन्वय का प्रमाण है।