UP Crime: अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी (AMU) के शिक्षक राव दानिश अली हत्याकांड के मुख्य आरोपी जुबैर को यूपी STF ने मेरठ में मुठभेड़ में मार गिराया। बुधवार तड़के करीब 4 बजे हुई इस कार्रवाई के बाद अलीगढ़ में तनाव का माहौल बन गया। वहीं जुबैर की बहन मुबश्शिरा के सोशल मीडिया पोस्ट और वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस अलर्ट मोड पर आ गई है।
मेरठ में STF एनकाउंटर में मारा गया जुबैर
जानकारी के मुताबिक, यूपी STF पिछले करीब 10 दिनों से जुबैर की लोकेशन ट्रैक कर रही थी। पुलिस को इनपुट मिला था कि वह नई गर्लफ्रेंड और नए साथियों के साथ चोरी-छिपे डिस्को पार्टियों में शामिल हो रहा था।
मंगलवार रात जैसे ही जुबैर दिल्ली से बाहर निकला, मेरठ में STF ने उसे घेर लिया। मुठभेड़ के दौरान वह मारा गया। इससे पहले जयपुर में भी उसकी लोकेशन मिली थी, लेकिन वह पुलिस के पहुंचने से पहले फरार हो गया था।
बहन के पोस्ट से बढ़ी टेंशन
एनकाउंटर के बाद मेरठ मेडिकल कॉलेज में शव लेने पहुंची जुबैर की बहन मुबश्शिरा ने सोशल मीडिया पर विवादित पोस्ट कर दिया।
उसने लिखा—
“मुबारक हो यूपी और अलीगढ़ के लोगों… एक शेर गया है, अभी दो जिंदा हैं। देखना अभी कितने जनाजे उठेंगे।”
यह पोस्ट वायरल होने के बाद अलीगढ़ पुलिस अलर्ट पर आ गई। पुलिस ने संवेदनशील इलाकों में निगरानी और सुरक्षा बढ़ा दी है।
वीडियो जारी कर लगाए गंभीर आरोप
मुबश्शिरा ने एक वीडियो जारी कर दावा किया कि जुबैर को दिल्ली से उठाया गया था और बाद में उसका एनकाउंटर कर दिया गया।
एक अन्य वीडियो में उसने अलीगढ़ के कुछ लोगों को अपने परिवार की बर्बादी का जिम्मेदार बताया। वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस लगातार हालात पर नजर बनाए हुए है।
गांव पहुंचा शव, पुलिस से हुई नोकझोंक
जुबैर अलीगढ़ के थाना बरला क्षेत्र के नौशा गांव का रहने वाला था। बुधवार देर रात जब उसका शव गांव पहुंचा तो वहां भारी पुलिस फोर्स तैनात की गई।
इस दौरान परिजनों और पुलिस अधिकारियों के बीच तीखी नोकझोंक भी हुई। गुरुवार सुबह करीब 70 लोगों की मौजूदगी में जुबैर को दफनाया गया।
AMU टीचर दानिश अली की कैसे हुई थी हत्या?
24 दिसंबर 2025 की रात करीब 8:45 बजे AMU के कंप्यूटर टीचर राव दानिश अली अपने दोस्तों के साथ कैनेडी हॉल पार्क से लौट रहे थे।
मौलाना आजाद लाइब्रेरी कैंटीन के पास नकाबपोश बदमाशों ने उनकी स्कूटी रोकी और कहा—
“अब तो पहचानोगे, मैं कौन हूं।”
इसके तुरंत बाद बदमाशों ने ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी। गोली दानिश अली के सिर में लगी। उन्हें मेडिकल कॉलेज ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।
हत्या के पीछे क्या थी दुश्मनी?
पुलिस जांच में सामने आया था कि साल 2018 में शाहबेज नाम के युवक की हत्या हुई थी। आरोप था कि जुबैर ने अपने भाइयों यासिर और फहद के साथ मिलकर उस वारदात को अंजाम दिया था।
इस मामले में जुबैर को 7 साल की सजा हुई थी। जुबैर को शक था कि दानिश अली ने उसके खिलाफ पुलिस को मुखबिरी की थी। इसी शक में उसने दानिश की हत्या की साजिश रची थी।
2015 से अपराध की दुनिया में सक्रिय था जुबैर
जुबैर मूल रूप से अलीगढ़ के नौशा गांव का रहने वाला था, लेकिन बाद में दिल्ली के शाहीन बाग इलाके में रहने लगा था।
उसने 2015 में अपराध की दुनिया में कदम रखा और 2017 में कुख्यात मुनीर गैंग से जुड़ गया। बाद में उसने अपना अलग गैंग बना लिया और हथियार तस्करी में शामिल हो गया।
उसके खिलाफ अलीगढ़ और दिल्ली में हत्या, लूट और गैंगस्टर एक्ट समेत 24 मुकदमे दर्ज थे।
कौन था मुनीर, जिससे जुड़ा था जुबैर?
मुनीर को अपराध की दुनिया में “द किलिंग मशीन” कहा जाता था। वह बिजनौर का रहने वाला था और 2009-10 में AMU में पढ़ाई के लिए आया था।
पढ़ाई के दौरान ही वह अपराध की दुनिया में उतर गया और उसने “द किलिंग मशीन ए गैंग” बनाया।
मुनीर पर कई बड़े अपराध दर्ज थे—
- NIA DSP तंजील अहमद और उनकी पत्नी की हत्या
- रेलवे मजिस्ट्रेट के गनर की हत्या
- AMU छात्र आलमगीर की हत्या
जून 2016 में STF ने उसे गिरफ्तार किया था। बाद में उसे फांसी की सजा सुनाई गई। नवंबर 2022 में BHU में इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई थी।
कई संदिग्धों के फोन बंद
जुबैर के एनकाउंटर और वायरल पोस्ट के बाद अलीगढ़ में कई संदिग्धों ने अपने मोबाइल फोन बंद कर दिए हैं।
पुलिस को इनपुट मिला था कि यासिर और फहद के लिए रंगदारी वसूली करने आ रहा एक गुर्गा बीच रास्ते से गायब हो गया।
सीओ तृतीय सर्वम सिंह ने बताया कि STF लगातार फरार बदमाशों की तलाश में दबिश दे रही है और पूरे मामले पर नजर रखी जा रही है।