Ambedkar Jayanti पर विकास खितौलिया का लेख: “मोदी सरकार डॉ. आंबेडकर के सपनों को कर रही साकार”
Ambedkar Jayanti: डॉ. भीमराव रामजी आंबेडकर की जयंती के अवसर पर विभिन्न राजनीतिक और सामाजिक व्यक्तित्वों द्वारा उनके विचारों को लेकर लेख सामने आ रहे हैं। इसी क्रम में भाजपा से जुड़े नेता, लेखक एवं शोधकर्ता विकास खितौलिया ने “डॉ. आंबेडकर के सपनों का भारत : मोदी सरकार के प्रयास” शीर्षक से एक लेख भेजा है, जिसमें उन्होंने केंद्र सरकार की योजनाओं और पहलों को डॉ. आंबेडकर के दृष्टिकोण से जोड़ने का प्रयास किया है।
डॉ. आंबेडकर के सपनों का भारत कैसा था
विकास खितौलिया ने अपने लेख में लिखा है कि भारत के संविधान निर्माता डॉ. भीमराव आंबेडकर ने जिस राष्ट्र की कल्पना की थी, वह केवल राजनीतिक स्वतंत्रता तक सीमित नहीं था, बल्कि सामाजिक, आर्थिक और शैक्षिक समानता पर आधारित एक समावेशी भारत था। उनका सपना था ऐसा भारत, जहाँ जाति, वर्ग, धर्म और लिंग के आधार पर किसी के साथ भेदभाव न हो और हर नागरिक को समान अवसर प्राप्त हो।
Ambedkar Jayanti पंच तीर्थ: आंबेडकर से जुड़े स्थलों का विकास
उन्होंने अपने लेख में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार की विभिन्न पहलों का उल्लेख करते हुए “पंच तीर्थ” के विकास को एक महत्वपूर्ण कदम बताया है। इसके अंतर्गत महू (डॉ. आंबेडकर नगर), लंदन स्थित उनका निवास, नागपुर की दीक्षाभूमि, दिल्ली के अलीपुर रोड स्थित स्मारक और मुंबई की चैत्यभूमि को विकसित किया गया है। उनके अनुसार, इन स्थलों के माध्यम से नई पीढ़ी को डॉ. आंबेडकर के जीवन, शिक्षा और संघर्षों से प्रेरणा मिलती है।
सरकारी योजनाओं से सामाजिक और आर्थिक सशक्तिकरण
विकास खितौलिया ने आगे लिखा है कि केंद्र सरकार द्वारा चलाई जा रही जन धन योजना, मुद्रा योजना, स्टैंड अप इंडिया और आयुष्मान भारत जैसी योजनाओं ने आर्थिक और सामाजिक सशक्तिकरण को बढ़ावा दिया है। उन्होंने स्वच्छ भारत अभियान को भी डॉ. आंबेडकर के ‘स्वास्थ्य और गरिमा’ के विचारों से जुड़ा बताया है।
सामाजिक न्याय और समावेशी विकास पर जोर
सामाजिक न्याय के संदर्भ में उन्होंने अनुसूचित जाति एवं जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम को सख्त बनाए जाने और “सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास” के मंत्र को समावेशी विकास का प्रतीक बताया है।
महिला सशक्तिकरण की दिशा में पहल
महिला सशक्तिकरण पर बात करते हुए खितौलिया ने “बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ”, उज्ज्वला योजना और महिला उद्यमिता से जुड़ी पहलों का उल्लेख किया है। उन्होंने कहा कि ये सभी कदम डॉ. आंबेडकर के महिला अधिकारों से जुड़े विचारों को आगे बढ़ाते हैं।
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शिक्षा और डिजिटल सशक्तिकरण पर फोकस
शिक्षा के क्षेत्र में उन्होंने डिजिटल इंडिया अभियान, छात्रवृत्ति योजनाएँ, कोचिंग और स्किल डेवलपमेंट कार्यक्रमों का जिक्र किया है। उनके अनुसार, ये प्रयास समाज के वंचित वर्गों को आगे बढ़ाने में सहायक हो रहे हैं। प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (DBT) को उन्होंने पारदर्शिता बढ़ाने वाला महत्वपूर्ण कदम बताया।
आंबेडकर के सपनों की ओर बढ़ता भारत
अपने लेख के निष्कर्ष में विकास खितौलिया ने कहा है कि डॉ. आंबेडकर का सपना एक ऐसे भारत का था, जहाँ हर व्यक्ति को समान अवसर, सम्मान और न्याय मिले। उन्होंने दावा किया कि वर्तमान सरकार की नीतियाँ और योजनाएँ उसी दिशा में आगे बढ़ने का प्रयास हैं, हालांकि अभी भी कई चुनौतियाँ बाकी हैं।
लेखक परिचय:
विकास खितौलिया
(लेखक, शोधकर्ता एवं विचारक)