दिल्ली की राजनीति में बड़ा उलटफेर सामने आया है। आम आदमी पार्टी (AAP) के सुप्रीमो अरविंद केजरीवाल ने रविवार को मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने की घोषणा की, जिसके बाद विधायक दल की बैठक में आतिशी के नाम पर मुहर लग गई है। केजरीवाल, जो कथित शराब घोटाले में कई महीनों तक जेल में रहने के बाद हाल ही में बाहर आए हैं, ने खुद आतिशी के नाम का प्रस्ताव रखा। सभी विधायकों ने इस प्रस्ताव को सर्वसम्मति से स्वीकार कर लिया।केजरीवाल ने कहा है कि वह तब तक मुख्यमंत्री पद पर नहीं लौटेंगे जब तक चुनाव जीतकर जनता से ईमानदारी का सर्टिफिकेट हासिल नहीं कर लेते। इस बीच, आतिशी को दिल्ली का नया मुख्यमंत्री नियुक्त किया जा रहा है। कालकाजी विधानसभा से पहली बार विधायक बनीं आतिशी, सरकार में केजरीवाल के बाद सबसे ताकतवर मंत्री के रूप में उभरी हैं।

आतिशी ने दिल्ली की शिक्षा नीति को सफलतापूर्वक लागू करने में प्रमुख भूमिका निभाई है और उन्हें केजरीवाल और मनीष सिसोदिया का विश्वास पात्र माना जाता है। वर्तमान में, वह 18 से अधिक विभागों का प्रभार संभाल रही हैं, जिससे उनके प्रशासनिक अनुभव का पता चलता है। आतिशी मीडिया के सामने पार्टी का पक्ष मजबूती से रखने के लिए जानी जाती हैं।केजरीवाल के इस कदम को आगामी विधानसभा चुनावों से पहले महिला वोटरों को साधने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है। पार्टी ने यह भी स्पष्ट कर दिया है कि आतिशी को यह पद केवल अगले चुनाव तक के लिए सौंपा जा रहा है। अगर AAP फिर से जीत हासिल करती है, तो अरविंद केजरीवाल ही मुख्यमंत्री बनेंगे।

गौरतलब है कि 2022 के विधानसभा चुनावों में आम आदमी पार्टी ने 62 सीटों पर जीत हासिल की थी और लगातार तीसरी बार सरकार बनाई थी। हालांकि, 2021-22 में लागू की गई शराब नीति के चलते पार्टी विवादों में घिर गई थी, जिसके चलते मनीष सिसोदिया, संजय सिंह और केजरीवाल को जेल जाना पड़ा।केजरीवाल ने घोषणा की है कि वह मंगलवार की शाम दिल्ली के उपराज्यपाल को अपना इस्तीफा सौंप देंगे।