बरेली बवाल के गवाह को उड़ाने की साजिश, पीलीभीत के गैंगस्टर ने ली थी सुपारी, 24 घंटे में पुलिस का बड़ा एक्शन
बरेली बवाल की गवाही देना पड़ा भारी! गवाह को मारने की सुपारी, पीलीभीत का कुख्यात बदमाश निकला शूटर, तमंचा–कारतूस और नकदी बरामद
बरेली / पीलीभीत।
बरेली बवाल मामले में पुलिस के लिए अहम कड़ी बने एक गवाह को खत्म करने की खौफनाक साजिश आखिरकार उजागर हो गई है। दंगे के गवाह को रास्ते से हटाने के लिए पीलीभीत के कुख्यात गैंगस्टर को सुपारी देकर हत्या की तैयारी कराई जा रही थी।
लेकिन बरेली पुलिस ने महज 24 घंटे के भीतर सुपारी किलर को गिरफ्तार कर पूरे नेटवर्क पर से पर्दा उठा दिया।
इस सनसनीखेज मामले में पीलीभीत जिले के बीसलपुर थाना क्षेत्र के निवासी फुरकान को गिरफ्तार किया गया है, जो कॉन्ट्रैक्ट किलिंग का शातिर अपराधी बताया जा रहा है। पुलिस ने उसके पास से तमंचा, दो जिंदा कारतूस और 20 हजार रुपये नकद बरामद किए हैं, जो हत्या की सुपारी की पहली किस्त बताई जा रही है।
गवाही देने की कीमत – मौत की धमकी और 10 लाख की डिमांड
बरेली के पुराना शहर चक महमूद निवासी मो. फिरदौस खां उर्फ अजुम ने पुलिस को बताया कि
26 सितंबर 2025 को हुए बरेली बवाल के दौरान उन्होंने दंगाइयों की पहचान कर पुलिस और प्रशासन की खुलकर मदद की थी।
बस यहीं से शुरू हो गई उनकी मुसीबत।
18 दिसंबर को उन्हें चमगादड़ वाले बाग में घेरकर खुलेआम धमकी दी गई—
“10 लाख रुपये दो, नहीं तो जान से हाथ धो बैठोगे।”
इसके बाद लगातार डराने-धमकाने का सिलसिला शुरू हुआ और फिर जो खुलासा हुआ, उसने पूरे परिवार को दहला दिया।
5 लाख की सुपारी, पीलीभीत के गैंगस्टर को सौंपा गया काम
कुछ दिनों बाद फिरदौस को पुख्ता जानकारी मिली कि
उनकी हत्या की सुपारी पीलीभीत के कुख्यात बदमाश फुरकान को 5 लाख रुपये में दी गई है।
इसके बाद अनजान नंबरों से कॉल आने लगे,
रेकी शुरू हो गई,
परिवार दहशत में आ गया और
आखिरकार पीड़ित ने बारादरी थाना पुलिस से मदद की गुहार लगाई।
24 घंटे में पुलिस का एक्शन, नकटिया से दबोचा गया सुपारी किलर
मामला दर्ज होते ही बारादरी पुलिस हरकत में आई और
शनिवार देर रात नकटिया इलाके से आरोपी फुरकान को धर दबोचा।
चौंकाने वाला खुलासा
फुरकान
कैंट क्षेत्र में किराए के कमरे में रह रहा था
मारिया फ्रोजन मीट फैक्ट्री के पास चाय का खोखा चला रहा था
और वहीं से गवाह की हर गतिविधि पर नजर रख रहा था
जब पुलिस ने उसकी पत्नी की मौजूदगी में कमरे की तलाशी ली तो
एक थैले से तमंचा, दो जिंदा कारतूस और 20 हजार रुपये नकद बरामद हुए।
जेल से रची गई साजिश, IMC से जुड़े नाम भी आए सामने
पूछताछ में आरोपी फुरकान ने बड़ा खुलासा करते हुए बताया कि
जेल में उसकी पहचान IMC से जुड़े कुछ नेताओं से हुई थी।
वहीं से गवाह को रास्ते से हटाने की पूरी साजिश रची गई।
जेल में बंद लोगों के इशारे पर ही उसे यह “काम” सौंपा गया।
पुलिस अब
जेल कनेक्शन
सुपारी देने वालों
और पूरे नेटवर्क
की गहराई से जांच कर रही है।
पीलीभीत का कुख्यात अपराधी – अपराधों की लंबी फेहरिस्त
पुलिस के मुताबिक फुरकान कोई नया नाम नहीं है।
उसके खिलाफ
लूट
हत्या के प्रयास
गैंगस्टर एक्ट
आर्म्स एक्ट
सहित पीलीभीत और बरेली के अलग-अलग थानों में करीब एक दर्जन संगीन मुकदमे दर्ज हैं।
पीलीभीत से निकलकर बरेली में सुपारी किलिंग की तैयारी यह साबित करती है कि
पीलीभीत के अपराधी अब दूसरे जिलों में भी संगठित अपराध फैलाने लगे हैं।
पुलिस का दावा – गवाह की सुरक्षा सर्वोपरि
रविवार को पुलिस लाइन सभागार में
एसपी ट्रैफिक मोहम्मद अकमल खान और
सीओ तृतीय पंकज श्रीवास्तव ने पूरे मामले का खुलासा किया।
मोहम्मद अकमल खान, एसपी ट्रैफिक
“गवाह की सुरक्षा हमारी प्राथमिकता है। आरोपी को समय रहते गिरफ्तार कर लिया गया है। पूरे नेटवर्क पर कार्रवाई की जाएगी।”
बड़ा सवाल – जेल से चल रहा है अपराध का कंट्रोल?
इस मामले ने कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं—
क्या जेल से संगठित अपराध संचालित हो रहा है?
सुपारी देने वाले असली चेहरे कब सामने आएंगे?
गवाहों की सुरक्षा के लिए और कितने कदम जरूरी हैं?