एडीएम साहब अपनी इज्जत अगर इतनी प्यारी है तो दूसरों की बेइज्जती क्यों करते हो
अरुणेश पटेल का अवैध अस्पताल कब होगा सीज
जनपद बांदा के अशोक लाट परिसर में अपर जिला अधिकारी (ADM) राजेश कुमार वर्मा के खिलाफ शालिनी सिंह पटेल का आमरण अनशन अनावरत जारी है। जिससे पटेल समाज में हलचल मची हुई है। ये हलचल शालनी पटेल के पक्ष में नहीं बल्कि एडीएम राजेश कुमार वर्मा के पक्ष में हो रही है क्योंकि एडीएम भी पटेल समाज के है और चार साल से सरकारी पद का दुरुप्रयोग कर एक वर्ग को फायदा पहुंचा रहे हैं तभी तो समाज की दुहाई दे कर पटेल समाज के लोग आमरण अनशन खत्म करने की दलील दे रहे हैं। पर शालनी पटेल ने साफ कर दिया है कि जरूरत पड़ने पर ये समाज कहां गायब हो जाता है। जब तक एडीएम सबके सामने माफी नहीं मांगेगे वो आमरण अनशन खत्म नहीं करेंगी। दरअसल बीती शाम सपा की नेत्री अर्चना पटेल पूर्व जेडीयू जिलाध्यक्ष समेत दर्जनों पटेल समाज के लोग शालनी पटेल का अनशन खत्म करने पहुंचे और घंटों समझाते रहे कहा मान जाओ वरना तुम्हारा कैरियर खत्म हो जाएगा वो एक अधिकारी है उसका तुम कुछ नहीं कर पाओगी पर शालनी ने साफ कर दिया कि समाज केवल पैसों वालों और ताकतवर लोगों का साथ देता है वो अपने सम्मान की लड़ाई को जान देकर भी लड़ेगी जिसके बाद यह सूचना मिली कि एडीएम राजेश वर्मा माफी मांगने अशोक लाट आ रहे हैं लेकिन मीडिया कर्मियों की मौजूदगी के चलते वो नहीं आए उन्हें ये डर था कि कहीं मीडिया उनके माफी मांगने वाला दृश्य दुनिया को न दिखा दे और उनकी बेइज्जती हो जाएगी अरे साहब अपनी इज्जत का अगर इतना ही ख्याल है तो दूसरों की बेइज्जती करने से पहले सौ बार सोच लिया करे और एक बात न भूले आप जनता के नौकर है और जनता राजा।

अरुणेश पटेल ने देर रात शराब पीकर शालनी पटेल को क्यों दी धमकी
शालनी पटेल जिस दिन एडीएम के खिलाफ आमरण अनशन पर बैठी उसी रात डॉक्टर संगीता पटेल के पति अरुणेश पटेल जो नवाब टैंक रोड में एक अवैध अस्पताल चला रहे हैं। देर रात शराब के नशे में शालनी पटेल को व्हाट्स एप पर वॉयस कॉल की और जमकर धमकी दी उसने यहां कहा मै पूरा बांदा खरीद सकता हूं तुम क्या चीज हो।
दरअसल एडीएम और अरुणेश पटेल के मध्य गहरी दोस्ती है अगर कहा जाए कि लंगोटिया यार वाली दोस्ती है तो कोई गुरेज नहीं किया जा सकता इसी के चलते अरुणेश के खिलाफ कई जांचे ठंडे बस्ते पर पड़ी है और बेधड़क तरीके से अवैध अस्पताल चला रहा है जो ग्रीन जोन में बना हुआ है एक बार वह अस्पताल सीज भी हो चुका है। अस्पताल की बिल्डिंग का नक्शा भी पास नहीं है। पर एडीएम राजेश कुमार वर्मा अपनी कुर्सी का दुरुप्रयोग कर अरुणेश पटेल को जमकर लाभ पहुंचा रहे हैं। इसी से बौखला कर अरुणेश पटेल ने शालनी पटेल को धमकी भी दी है।
एक नजर पूरे मामले पर
ADM पर अवैध खनन और भ्रष्टाचार में संलिप्तता के आरोप
ADM राजेश कुमार वर्मा पर लंबे समय से बांदा जिले में पदस्थ रहने और अवैध खनन को बढ़ावा देने के गंभीर आरोप हैं। स्थानीय लोगों और सामाजिक संगठनों का आरोप है कि उनके खनन माफियाओं से सीधे संबंध हैं और वे इस पूरे अवैध कारोबार को संरक्षण प्रदान करते हैं।
मांग उठाई जा रही है कि उनकी कॉल डिटेल और व्हाट्सएप चैट की जांच कराई जाए, जिससे यह स्पष्ट हो सके कि उनका खनन माफियाओं से क्या संबंध है और किस स्तर पर भ्रष्टाचार हो रहा है।
इसके अलावा, यह भी आरोप है कि वे अपने पद का दुरुपयोग कर सरकारी योजनाओं में गड़बड़ी कर रहे हैं और स्थानीय प्रशासनिक कार्यों में धांधली कर रहे हैं। लेकिन प्रशासन की ओर से अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है।
पत्रकारों पर हमले और खबरों को दबाने के आरोप
राजेश कुमार वर्मा के कार्यकाल में पत्रकारों पर हमले बढ़े हैं और भ्रष्टाचार से जुड़ी खबरों को दबाने की कोशिशें की गई हैं। कई मामलों में प्रशासन की निष्क्रियता देखने को मिली, जिससे पत्रकारों में भी आक्रोश है।
सवाल यह उठता है कि ADM राजेश कुमार वर्मा को इतने वर्षों से बांदा में ही पदस्थ क्यों रखा गया है? क्या उन्हें राजनीतिक संरक्षण प्राप्त है?
अवैध संपत्तियों की सीबीआई और ईडी से जांच की मांग
शालिनी सिंह पटेल ने केंद्र सरकार से मांग की है कि ADM राजेश कुमार वर्मा और उनके रिश्तेदारों की संपत्तियों की गहन जांच सीबीआई और प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) से कराई जाए।
उनका कहना है कि यदि ADM राजेश कुमार वर्मा भ्रष्टाचार में संलिप्त पाए जाते हैं, तो उन्हें तत्काल निलंबित कर जेल भेजा जाए।
महिलाओं और आम जनता से अभद्रता का आरोप
ADM राजेश कुमार वर्मा पर महिलाओं और आम जनता के साथ अभद्रता करने का भी आरोप है। 28 फरवरी 2025 को एक घटना सामने आई, जिसमें ADM ने कथित रूप से एक महिला कार्यकर्ता से दुर्व्यवहार किया।
शालिनी सिंह पटेल ने मांग की है कि इस घटना की सीसीटीवी फुटेज सार्वजनिक की जाए और न्यायिक जांच कर दोषियों को दंडित किया जाए।
मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन नहीं भेजने का मामला
सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन भी ADM राजेश कुमार वर्मा द्वारा शासन तक नहीं भेजे जा रहे हैं।
यह सवाल उठता है कि क्या ADM अब सरकार से भी ऊपर हो गए हैं?
इस पूरे मामले में न्याय की मांग को लेकर शालिनी सिंह पटेल और अन्य संगठनों ने 2 मार्च 2025 से आमरण अनशन शुरू कर दिया है
उन्होंने साफ कहा है कि जब तक ADM राजेश कुमार वर्मा को निलंबित नहीं किया जाता और उनके खिलाफ निष्पक्ष जांच नहीं होती, तब तक अनशन जारी रहेगा।
अगर इस दौरान कोई अप्रिय घटना होती है, तो इसके लिए ADM राजेश कुमार वर्मा और सदर विधायक प्रकाश द्विवेदी को जिम्मेदार माना जाएगा।
सरकार से निष्पक्ष जांच की मांग
अब यह देखना होगा कि उत्तर प्रदेश सरकार इस मामले को कितनी गंभीरता से लेती है और क्या ADM राजेश कुमार वर्मा पर लगे आरोपों की निष्पक्ष जांच होती है या नहीं।
जनता और सामाजिक कार्यकर्ता इस पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।