Muzaffarnagar: मोनू खटीक हत्याकांड, भीड़ की पिटाई से मौत और अब गोलियों की गूंज तक की पूरी कहानी
मुजफ्फरनगर में बीते चार दिन से एक ऐसी कहानी लिखी जा रही है, जो किसी भी इंसान को हिलाकर रख दे। मोनू खटीक की पिटाई से हुई मौत से लेकर आरोपियों की मुठभेड़ में गिरफ्तारी तक – यह पूरा घटनाक्रम इंसानियत पर सवाल खड़े करता है। आइए जानते हैं, आखिर इस पूरे मामले की परत-दर-परत कहानी।
Muzaffarnagar:पहली कड़ी, भीड़ ने मोनू को चोर समझा
चार दिन पहले बुढ़ाना क्षेत्र की एक मुस्लिम बस्ती में मोनू खटीक किसी काम से पहुंचा।
वहां मौजूद लोगों को शक हुआ कि वह चोरी करने आया है।
देखते ही देखते भीड़ ने उसे चारों तरफ से घेर लिया।
लाठी-डंडे और घूंसों से हुई बर्बर मारपीट में मोनू लहूलुहान होकर जमीन पर गिर पड़ा।
उसकी चीखें गूंजीं लेकिन कोई मदद को आगे नहीं आया।
Muzaffarnagar: दूसरी कड़ी, मोनू की अस्पताल में टूटी सांसें
भीड़ की पिटाई से गंभीर घायल मोनू को अस्पताल ले जाया गया।
डॉक्टरों ने काफी कोशिश की लेकिन उसकी जान नहीं बच सकी।
परिवार को बेटे की मौत की खबर मिली तो घर में कोहराम मच गया।
गांव में मातम और गुस्से की लहर फैल गई।
Muzaffarnagar:तीसरी कड़ी, हत्या का केस दर्ज
मोनू की मौत के बाद पुलिस हरकत में आई।
7 लोगों पर हत्या का केस दर्ज किया गया।
आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए दबिश दी जाने लगी।
गांव और आसपास के इलाकों में तनाव का माहौल बन गया।
चौथी कड़ी: पहली मुठभेड़ – सादिक घायल
मोनू हत्याकांड में नामजद आरोपी सादिक पुलिस की पकड़ में आया।
दबिश के दौरान पुलिस और बदमाशों का आमना-सामना हुआ।
मुठभेड़ में सादिक को गोली लगी और वह घायल होकर पकड़ा गया।
इसके बाद पुलिस की पकड़ तेज होती चली गई।
पांचवीं कड़ी: दूसरी मुठभेड़ – इरफान घायल
इसके बाद बुढ़ाना थाने के विज्ञाना नहर पुलिया पर पुलिस का सामना इरफान से हुआ।
गोलियों की तड़तड़ाहट से इलाका दहल उठा।
इस मुठभेड़ में इरफान गोली लगने से घायल हो गया।
मौके से तमंचा और कारतूस बरामद किए गए।
इरफान को अस्पताल पहुंचाया गया, जहां इलाज चल रहा है।
छठी कड़ी: गिरफ्तारियों का सिलसिला
अब तक इस मामले में कुल पांच आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है।
दो आरोपी (सादिक और इरफान) मुठभेड़ों में घायल होकर पकड़े गए।
तीन अन्य आरोपियों को दबिश के दौरान गिरफ्तार किया गया।
पुलिस का कहना है कि बाकी बचे आरोपियों की तलाश जारी है।
Muzaffarnagar:सातवीं कड़ी, समाज के लिए सवाल
यह पूरा घटनाक्रम सिर्फ एक हत्या नहीं, बल्कि समाज के सामने एक बड़ा सवाल है।
क्या भीड़ को इंसान की जान लेने का हक है?
मोनू खटीक की मौत ने इंसानियत को शर्मसार कर दिया।
अब भले ही आरोपी घायल होकर गिरफ्तार हो रहे हैं, लेकिन मोनू के परिवार का दर्द और उसकी मां के आंसू किस अदालत में इंसाफ पाएंगे?
मुजफ्फरनगर का मोनू खटीक हत्याकांड एक खौफनाक सच्चाई बनकर सामने आया है।
चोर के शक में भीड़ की पिटाई से मौत,
फिर पुलिस की दबिश और मुठभेड़,
और अब पांच गिरफ्तारियां…
यह कहानी बता रही है कि अपराध चाहे भीड़ का हो या किसी गिरोह का, अंत में सच गोली और हथकड़ी के बीच ही सामने आता है।