सिविल टर्मिनल पर CISF की पैनी नजर, विदेशी टूरिस्ट के बैग से मिले तीन जिंदा कारतूस
आगरा देश की आंतरिक सुरक्षा को लेकर केंद्र और राज्य सरकार की सख्त नीति तथा हवाई अड्डों पर तैनात सुरक्षा एजेंसियों की सतर्कता का एक और उदाहरण रविवार को आगरा एयरपोर्ट पर सामने आया, जब डेनमार्क के एक विदेशी टूरिस्ट को सुरक्षा जांच के दौरान तीन जिंदा कारतूसों के साथ पकड़ लिया गया। इस घटना ने साफ कर दिया कि चाहे यात्री देशी हो या विदेशी, सुरक्षा नियमों के मामले में कोई रियायत नहीं दी जाएगी।
बेंगलुरु जाने की तैयारी में था विदेशी नागरिक
प्राप्त जानकारी के अनुसार, आगरा एयरपोर्ट के सिविल टर्मिनल पर सीआईएसएफ द्वारा की जा रही नियमित सुरक्षा जांच के दौरान यह कार्रवाई की गई। आरोपी विदेशी नागरिक बेंगलुरु जाने वाली फ्लाइट पकड़ने की तैयारी में था, तभी उसके बैग की तलाशी के दौरान तीन जिंदा कारतूस बरामद किए गए।
सुरक्षा जांच में कारतूस मिलने के बाद एयरपोर्ट पर तत्काल अलर्ट की स्थिति बन गई और सीआईएसएफ ने बिना देर किए आरोपी को हिरासत में ले लिया।
बेटे के साथ था मौजूद, बेटे को पूछताछ के बाद छोड़ा गया
बताया गया कि विदेशी टूरिस्ट के साथ उसका बेटा भी मौजूद था। दोनों को सीआईएसएफ ने हिरासत में लेकर शाहगंज थाना पुलिस के सुपुर्द कर दिया। पुलिस द्वारा की गई प्रारंभिक पूछताछ में यह स्पष्ट हुआ कि कारतूसों के संबंध में बेटे की कोई संलिप्तता नहीं है, जिसके बाद उसे छोड़ दिया गया।
हालांकि, विदेशी नागरिक के पास से जिंदा कारतूस मिलने को गंभीर अपराध मानते हुए पुलिस ने उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की।
आरोपी की पहचान और यात्रा विवरण
पुलिस के अनुसार आरोपी की पहचान डेनमार्क के हम्लेबेक (Humlebæk) निवासी 63 वर्षीय क्रिश्चिन जेस्पर के रूप में हुई है।
पूछताछ में सामने आया कि—
क्रिश्चिन जेस्पर 10 दिसंबर को भारत आया था
13 दिसंबर को अपने बेटे के साथ बेंगलुरु से आगरा घूमने पहुंचा
ताजमहल सहित आगरा के प्रमुख पर्यटन स्थलों का भ्रमण करने के बाद
रविवार को पिता-पुत्र बेंगलुरु लौट रहे थे, इसी दौरान एयरपोर्ट पर यह बरामदगी हुई
आर्म्स एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज
चूंकि भारत में बिना वैध लाइसेंस के जिंदा कारतूस रखना आर्म्स एक्ट के तहत दंडनीय अपराध है, इसलिए पुलिस ने विदेशी नागरिक के खिलाफ आर्म्स एक्ट की संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है।
फिलहाल पुलिस यह भी जांच कर रही है कि—
कारतूस भारत कैसे लाए गए
क्या ये किसी अन्य देश से लाए गए थे या भारत में ही कहीं से प्राप्त हुए
और आरोपी को इन कारतूसों के बारे में जानकारी थी या नहीं
इन सभी बिंदुओं पर गहन जांच की जा रही है।
सरकार की मंशा, सुरक्षा से कोई समझौता नहीं
यह पूरा मामला सरकार की “जीरो टॉलरेंस ऑन सिक्योरिटी” नीति को दर्शाता है। चाहे मामला किसी आम नागरिक का हो या विदेशी पर्यटक का, हवाई अड्डों पर सुरक्षा मानकों का उल्लंघन किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
CISF की तत्परता ने एक बार फिर साबित कर दिया कि—
एयरपोर्ट सुरक्षा सिर्फ औपचारिकता नहीं
बल्कि हर यात्री की गहन जांच एक अनिवार्य और गंभीर प्रक्रिया है
जागरूकता और सतर्कता
इस खबर को प्रसारित करने का मकसद केवल घटना की जानकारी देना नहीं, बल्कि यह संदेश देना भी है कि—
विदेशी पर्यटकों को भी भारतीय कानूनों और सुरक्षा नियमों की पूरी जानकारी होनी चाहिए
किसी भी प्रकार का हथियार, कारतूस या संदिग्ध सामग्री अनजाने में भी साथ रखना गंभीर अपराध बन सकता है
सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह सतर्क हैं और नियमों के उल्लंघन पर तुरंत कार्रवाई की जाएगी
आगरा एयरपोर्ट की यह कार्रवाई न केवल सुरक्षा एजेंसियों की सफलता है, बल्कि आम नागरिकों और पर्यटकों के लिए भी एक स्पष्ट चेतावनी है —
भारत में सुरक्षा से कोई समझौता नहीं।