पीलीभीत के किसानों के सम्मान में कार्यक्रम, चौधरी चरण सिंह जयंती पर सरकार–प्रशासन का बड़ा कदम
“अन्नदाता के बिना राष्ट्र की कल्पना नहीं” — किसान सम्मान दिवस बना विकास और विश्वास का प्रतीक
भारत रत्न, पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय चौधरी चरण सिंह जी की जयंती के अवसर पर पीलीभीत में आयोजित किसान सम्मान दिवस न केवल एक औपचारिक कार्यक्रम रहा, बल्कि यह किसानों के प्रति सरकार की सोच, प्रशासन की संवेदनशीलता और कृषि को भविष्य का आधार मानने की नीति का सशक्त प्रदर्शन बनकर उभरा।
ड्रमण्ड राजकीय इंटर कॉलेज के प्रांगण में आयोजित यह भव्य आयोजन किसानों के आत्मसम्मान, तकनीकी सशक्तिकरण और आयवर्धन के संकल्प को समर्पित रहा।
यह कार्यक्रम उस विचारधारा को जीवंत करता दिखा, जिसमें चौधरी चरण सिंह ने कहा था— “भारत की आत्मा गांवों में बसती है और गांवों की आत्मा किसान है।”
जिलाधिकारी की अध्यक्षता में भव्य आयोजन, प्रशासन पूरी मजबूती से किसानों के साथ
23 दिसंबर 2025 को आयोजित कार्यक्रम का जिम्मा जिलाधिकारी पीलीभीत ज्ञानेन्द्र सिंह ने लिया । कृषि विभाग द्वारा आयोजित इस किसान सम्मान दिवस के साथ-साथ सब मिशन ऑन एग्रीकल्चर एक्सटेंशन (SMAE) योजना के अंतर्गत एक दिवसीय किसान मेला एवं प्रदर्शनी का भी आयोजन किया गया।
यह आयोजन साफ दर्शाता है कि पीलीभीत प्रशासन किसानों को केवल योजनाओं का लाभार्थी नहीं, बल्कि विकास का सहभागी मानकर चल रहा है।
एक ही मंच पर कृषि से जुड़े सभी विभाग, किसानों को मिली संपूर्ण जानकारी
मेले में कृषि से जुड़े सभी प्रमुख विभागों ने सहभागिता की, जिनमें शामिल रहे—
कृषि विभाग
गन्ना विभाग
उद्यान विभाग
रेशम विभाग
पशुपालन विभाग
मत्स्य विभाग
इन सभी विभागों द्वारा स्टॉल लगाकर सरकारी योजनाओं, नई कृषि तकनीकों, उन्नत बीजों, नई प्रजातियों और आधुनिक खेती के तरीकों का प्रदर्शन किया गया।
इसके साथ ही निजी संस्थाओं ने भी अपने उत्पादों और नवाचारों की जानकारी किसानों को दी, जिससे सरकारी–निजी सहभागिता का संतुलित मॉडल सामने आया।
800 प्रगतिशील किसानों की भागीदारी, जिलेभर में उत्साह
किसान सम्मान दिवस एवं किसान मेले में जनपद के सभी विकास खण्डों से लगभग 800 प्रगतिशील किसानों ने भाग लिया। यह संख्या अपने आप में बताती है कि किसान इस तरह के आयोजनों को कितना महत्व देते हैं और प्रशासन पर कितना भरोसा करते हैं।
जिलाधिकारी ज्ञानेन्द्र सिंह, भाजपा जिलाध्यक्ष संजीव प्रताप सिंह, जिला पंचायत अध्यक्ष प्रतिनिधि गुरभाग सिंह तथा उत्तर प्रदेश सरकार के पूर्व मंत्री रामसरन वर्मा द्वारा सभी स्टॉलों का निरीक्षण किया गया और किसानों से सीधे संवाद किया गया।
किसानों को आय बढ़ाने का मंत्र—एकीकृत कृषि प्रणाली
जिलाधिकारी ने किसानों से अपील करते हुए कहा कि—
“कृषक भाई एकीकृत कृषि प्रणाली अपनाएं। खेती के साथ-साथ मुर्गी पालन, बकरी पालन और मधुमक्खी पालन जैसे कार्यों को जोड़कर आय को कई गुना बढ़ाया जा सकता है।”
यह संदेश केवल सलाह नहीं, बल्कि सरकार की उस नीति का संकेत है, जिसमें खेती को लाभ का व्यवसाय बनाने की दिशा में काम किया जा रहा है।
वैज्ञानिकों ने दी आधुनिक खेती की दिशा
कृषि विज्ञान केंद्र, पीलीभीत के वरिष्ठ वैज्ञानिक—
डॉ. एस.एस. ढाका
डॉ. दीपक कुमार
ने रबी फसलों की समसामयिक कृषि क्रियाओं, नई तकनीकों, उत्पादन बढ़ाने के उपायों और जलवायु अनुकूल खेती पर विस्तार से जानकारी दी।
इस वैज्ञानिक संवाद ने किसानों को पारंपरिक खेती से आगे बढ़कर आधुनिक कृषि की ओर प्रेरित किया।
63 किसानों को मिला सम्मान, मेहनत का मिला मंच
किसान सम्मान दिवस के अवसर पर जिले के 63 उत्कृष्ट किसानों को उनके उल्लेखनीय योगदान के लिए सम्मानित किया गया—
14 किसानों को जनपद स्तरीय प्रथम पुरस्कार
14 किसानों को जनपद स्तरीय द्वितीय पुरस्कार
35 किसानों को विकास खण्ड स्तरीय प्रथम पुरस्कार
यह सम्मान किसानों के लिए केवल प्रशस्ति पत्र नहीं, बल्कि उनके परिश्रम की सार्वजनिक स्वीकार्यता है।
ट्रैक्टर की चाबी सौंपकर आत्मनिर्भरता की ओर कदम

कार्यक्रम का सबसे प्रेरक क्षण तब आया, जब—
महकफेड प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड को 80% अनुदान पर
कृषक वीरेंद्र पाल को 40% अनुदान पर
ट्रैक्टर की चाबी जिलाधिकारी एवं जनप्रतिनिधियों द्वारा प्रदान की गई।
यह कदम सरकार की उस सोच को दर्शाता है, जिसमें किसान को आधुनिक संसाधनों से सशक्त कर आत्मनिर्भर बनाया जा रहा है।
प्रशासन, जनप्रतिनिधि और किसान—एक साझा लक्ष्य
इस मौके पर अनेक वरिष्ठ अधिकारी एवं जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे, जिनमें प्रमुख रूप से—
राममिलन सिंह परिहार (उप कृषि निदेशक)
पवन कुमार (परियोजना निदेशक, DRDA)
इं. प्रवीन प्रकाश गौतम (अधिशासी अभियंता, सिंचाई)
नरेंद्र पाल (जिला कृषि अधिकारी)
खशीराम (जिला गन्ना अधिकारी)
डॉ. प्रदीप कुमार (सहायक निबंधक, सहकारिता)
आर.डी. गंगवार (जिला उद्यान अधिकारी)
इं. कौशल किशोर (उप संभागीय कृषि प्रसार अधिकारी)
सहित बड़ी संख्या में किसान और अधिकारी मौजूद रहे।
पीलीभीत बना किसान कल्याण की मिसाल
पीलीभीत में आयोजित किसान सम्मान दिवस ने यह स्पष्ट कर दिया कि सरकार और जिला प्रशासन किसानों के साथ खड़ा है, न केवल योजनाओं के माध्यम से, बल्कि सम्मान, संवाद और संसाधनों के जरिए भी।
यह आयोजन चौधरी चरण सिंह की किसान-केन्द्रित सोच को सच्ची श्रद्धांजलि है और आने वाले समय में कृषि को समृद्धि की दिशा में ले जाने का मजबूत संकेत भी।
यह खबर केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि उस सकारात्मक प्रशासनिक सोच का दस्तावेज़ है, जो अन्नदाता को राष्ट्र की रीढ़ मानती है।