सहारनपुर में सेना के अभ्यास के दौरान जोरदार धमाका, 4 जवान गंभीर रूप से घायल
बड़कला फायरिंग रेंज में अचानक हुआ विस्फोट, मचा हड़कंप
सहारनपुर के बड़कला फायरिंग रेंज में शनिवार की देर शाम उस वक्त हड़कंप मच गया, जब सेना के नियमित फायरिंग अभ्यास के दौरान अचानक जोरदार विस्फोट हो गया। धमाका इतना तेज था कि पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई और मौके पर मौजूद भारतीय सेना के चार जवान गंभीर रूप से घायल हो गए।
घटना के बाद पूरे बटालियन कैंप में सनसनी फैल गई। वरिष्ठ सैन्य अधिकारी तत्काल मौके पर पहुंचे और घायलों को बिना देरी किए इलाज के लिए रवाना किया गया।
कहां और कैसे हुआ हादसा
यह गंभीर हादसा थाना मिर्ज़ापुर क्षेत्र के अंतर्गत शिवालिक वन प्रभाग की बड़कला रेंज में हुआ। यहां सेना की एक बटालियन प्रशिक्षण और फायरिंग अभ्यास के लिए तैनात थी।
शनिवार शाम जब जवान निर्धारित सैन्य अभ्यास कर रहे थे, तभी एक बम में अचानक विस्फोट हो गया। विस्फोट की चपेट में आकर चार जवान बुरी तरह घायल हो गए।
धमाके की आवाज़ दूर-दराज़ तक सुनाई दी, जिससे आसपास के क्षेत्रों में भी दहशत फैल गई।
घायल जवानों की पहचान
हादसे में घायल जवानों की पहचान इस प्रकार की गई है —
दीपक (27 वर्ष)
सुरेश (45 वर्ष)
प्रवीण (30 वर्ष)
पवित्र (35 वर्ष)
चारों जवान विस्फोट की चपेट में आने से गंभीर रूप से घायल हुए हैं, जिनमें से दीपक और सुरेश की हालत ज्यादा नाजुक बताई जा रही है।
प्राथमिक इलाज के बाद जिला अस्पताल रेफर
विस्फोट के तुरंत बाद सेना के वरिष्ठ अधिकारियों ने घायलों को आनन-फानन में बेहट सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) पहुंचाया।
यहां चिकित्सकों ने प्राथमिक उपचार के बाद चारों जवानों की हालत को गंभीर मानते हुए उन्हें जिला अस्पताल रेफर कर दिया। फिलहाल सभी घायलों का इलाज विशेषज्ञ डॉक्टरों की निगरानी में जारी है।
सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट, जांच शुरू
घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां भी मौके पर पहुंच गईं। पूरे फायरिंग रेंज क्षेत्र को सील कर दिया गया और अतिरिक्त सतर्कता बरती जा रही है।
सेना के अधिकारियों द्वारा आंतरिक जांच शुरू कर दी गई है, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि —
विस्फोट तकनीकी खराबी से हुआ
मिसफायर की वजह से हुआ
या किसी अन्य सुरक्षा चूक के कारण
जांच रिपोर्ट आने के बाद ही विस्फोट के वास्तविक कारणों का खुलासा हो पाएगा।
बड़ा सवाल, अभ्यास के दौरान सुरक्षा में चूक?
इस हादसे ने एक बार फिर सैन्य अभ्यास के दौरान सुरक्षा मानकों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। प्रशिक्षण के दौरान ऐसे हादसे न केवल जवानों की जान के लिए खतरा बनते हैं, बल्कि पूरे सिस्टम की गंभीर समीक्षा की मांग भी करते हैं।
फिलहाल सेना के वरिष्ठ अधिकारी पूरे मामले पर नजर बनाए हुए हैं और घायलों के बेहतर इलाज की व्यवस्था सुनिश्चित की जा रही है।