लखनऊ से एक दिल दहला देने वाली खबर सामने आई है, जहां कक्षा 9 में पढ़ने वाली एक छात्रा सड़क किनारे खून से लथपथ हालत में मिली। गंभीर हालत में उसे SGPGI के ट्रॉमा सेंटर के ICU में भर्ती कराया गया है, जहां पिछले 5 दिनों से उसका इलाज चल रहा है। छात्रा अब तक होश में नहीं आई है। परिजनों ने इस घटना को महज हादसा मानने से इनकार किया है और बेटी के दोस्तों पर हत्या की कोशिश का गंभीर आरोप लगाया है।
शहीद पथ पर मिली बेहोश हालत में छात्रा
यह घटना PGI थाना क्षेत्र के शहीद पथ, नीलमथा इलाके की है। सड़क किनारे पड़ी छात्रा को एक अज्ञात व्यक्ति कार से SGPGI के ट्रॉमा सेंटर लेकर पहुंचा। वहां डॉक्टरों ने उसे ICU में भर्ती किया। छात्रा की हालत बेहद नाजुक बनी हुई है और पांच दिन बीतने के बाद भी उसे होश नहीं आया है।
छात्रा की पहचान मानसी के रूप में हुई
घायल छात्रा की पहचान रजनीखंड, आशियाना निवासी मानसी के रूप में हुई है। वह एक प्राइवेट स्कूल में कक्षा 9 की छात्रा है। मानसी 25 दिसंबर को अपने दोस्तों के साथ क्रिसमस सेलिब्रेट करने के लिए घर से निकली थी, लेकिन किसी को नहीं पता था कि यह दिन उसके परिवार के लिए एक बुरा सपना बन जाएगा।
दोस्तों ने घरवालों को बताया ‘एक्सीडेंट’
मानसी के घर से निकलने के कुछ समय बाद उसके दोस्तों ने परिजनों को फोन कर बताया कि रोड एक्सीडेंट हो गया है और मानसी घायल हो गई है। इसके बाद परिवार को SGPGI पहुंचने की जानकारी मिली। लेकिन जब परिजन अस्पताल पहुंचे, तो कई सवाल खड़े हो गए।
मां का आरोप — बहाने से बाहर ले गए दोस्त
मानसी की मां नीतू सिंह ने बताया कि 25 दिसंबर को पहले निखिल नाम के लड़के ने कॉल किया और कहा कि वह मानसी को अपनी बहनों के साथ घुमाने ले जाएगा। मना करने पर दूसरी दोस्त शीजा श्रीवास्तव का फोन आया। उसने कहा कि वह, आइबा खान और मानसी साथ जा रहे हैं। इसके बाद मानसी उनके साथ चली गई।
मॉल का बहाना, लेकिन ले गए दूसरी जगह
परिजनों के अनुसार, दोस्तों ने पहले आलमबाग के फीनिक्स प्लासियो मॉल जाने की बात कही थी, लेकिन बाद में मानसी को लुलु मॉल ले जाया गया। वहीं रुशील नाम का एक लड़का भी मिला। इसके बाद सभी लोग विश्वनाथ एकेडमी स्कूल की ओर गए।
आखिरी कॉल में बोली थी — ‘बस आ रही हूं’
नीतू सिंह ने बताया कि जब काफी देर हो गई तो उन्होंने बेटी को फोन किया। कई बार कॉल करने के बाद फोन उठा और मानसी ने कहा कि वह लुलु मॉल में है और जल्द घर आ रही है। इसके करीब 10 मिनट बाद ही शीजा का कॉल आया और उसने एक्सीडेंट होने की जानकारी दी।
अस्पताल में नहीं पहुंचे दोस्त, दो फरार
मां का कहना है कि घटना के बाद निखिल और आइबा खान न तो अस्पताल आए और न ही परिवार से संपर्क किया। दोनों फरार बताए जा रहे हैं। यही वजह है कि परिजनों को यह घटना संदिग्ध लग रही है।
‘ये हादसा नहीं, हत्या की कोशिश है’
नीतू सिंह का साफ कहना है कि अगर यह सच में हादसा होता, तो दोस्तों को तुरंत पुलिस को सूचना देनी चाहिए थी। लेकिन न तो पुलिस को खबर दी गई और न ही आसपास के लोगों को किसी एक्सीडेंट की जानकारी है। पुलिस भी कह रही है कि मौके पर किसी सड़क हादसे के सबूत नहीं मिले हैं।
पुलिस जांच में जुटी
PGI थाना पुलिस का कहना है कि परिजनों की शिकायत के आधार पर मामले की जांच की जा रही है। सभी आरोपों की पड़ताल की जा रही है और फरार दोस्तों की तलाश की जा रही है। पुलिस का दावा है कि सच्चाई जांच के बाद सामने लाई जाएगी।