अमेरिका ने वेनेजुएला पर सीधा सैन्य हमला कर दुनिया को चौंका दिया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने दावा किया है कि वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी सिलिया फ्लोरेस अब अमेरिकी सेना के कब्जे में हैं। ट्रम्प के मुताबिक, दोनों को वेनेजुएला से बाहर ले जाया गया है। इस कार्रवाई के बाद पूरे लैटिन अमेरिका में तनाव का माहौल बन गया है।
रात 2 बजे हमला, 4 शहरों को बनाया गया निशाना
अमेरिका ने भारतीय समय के मुताबिक शनिवार सुबह करीब 11:30 बजे, यानी वेनेजुएला में रात करीब 2 बजे, हमला किया। इस दौरान वेनेजुएला के चार बड़े शहरों में सैन्य ठिकानों और रणनीतिक स्थानों को निशाना बनाया गया। अमेरिकी सेना ने इस ऑपरेशन को बेहद गोपनीय तरीके से अंजाम दिया।
पूरी खबर -> https://t.co/17KqKWTNNV
अमेरिका के वेनेजुएला पर हमले की नई Videos, आग उगलते धमाके.. बेडरूम से घसीटकर निकाले गए राष्ट्रपति..! लिंक में वीडियोस.. pic.twitter.com/KhbEybhwJ7
— Rocket Post Bharat (@rocketpostindia) January 3, 2026
बेडरूम से घसीटकर बाहर निकाले गए मादुरो!
CNN ने अमेरिकी अधिकारियों के हवाले से दावा किया है कि राष्ट्रपति मादुरो और उनकी पत्नी को अमेरिकी सेना ने उनके बेडरूम से घसीटकर बाहर निकाला। यह मिशन अमेरिकी सेना की स्पेशल डेल्टा फोर्स ने अंजाम दिया। अधिकारियों का कहना है कि इस पूरे ऑपरेशन में किसी भी अमेरिकी सैनिक को नुकसान नहीं पहुंचा।
ट्रम्प का सोशल मीडिया पर बड़ा ऐलान
हमले के कुछ घंटों बाद राष्ट्रपति ट्रम्प ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर कहा कि मादुरो और उनकी पत्नी अब अमेरिकी हिरासत में हैं। उन्होंने यह भी कहा कि इस पूरे ऑपरेशन की जानकारी वे प्रेस कॉन्फ्रेंस में साझा करेंगे, जो भारतीय समय के मुताबिक रात 9:30 बजे होगी।
गिरफ्तारी से पहले मादुरो ने लगाया था इमरजेंसी
हमले से पहले वेनेजुएला के राष्ट्रपति मादुरो ने देश में राष्ट्रीय इमरजेंसी लगाने का ऐलान किया था। उन्होंने कहा था कि अमेरिका के हमले का करारा जवाब दिया जाएगा। लेकिन उनके बयान के करीब एक घंटे बाद ही ट्रम्प ने उन्हें पकड़ने का दावा कर दिया।
अमेरिका ने हमले की बताईं 3 बड़ी वजहें
अमेरिका का कहना है कि—
-
वेनेजुएला की सरकार अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा बन चुकी थी।
-
वहां लोकतंत्र खत्म हो चुका है और मानवाधिकारों का गंभीर उल्लंघन हो रहा था।
-
राष्ट्रपति मादुरो अवैध गतिविधियों और हिंसा को बढ़ावा दे रहे थे।
इन्हीं कारणों से अमेरिका ने सैन्य कार्रवाई को जरूरी बताया।
ब्रिटेन ने बनाई दूरी, स्टार्मर बोले- शामिल नहीं थे
ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर ने साफ कहा कि उनका देश इस हमले में शामिल नहीं था। उन्होंने कहा कि वे इस मुद्दे पर राष्ट्रपति ट्रम्प से बात करेंगे, लेकिन उनका मानना है कि हर देश को अंतरराष्ट्रीय कानून का पालन करना चाहिए।
तीसरी बार अमेरिका ने किसी राष्ट्रपति को पकड़ा
यह पहली बार नहीं है जब अमेरिका ने किसी देश के राष्ट्रपति या तानाशाह को सैन्य कार्रवाई के जरिए पकड़ा हो।
-
पनामा (1989): तानाशाह मैनुअल नोरिएगा को गिरफ्तार कर अमेरिका ले जाया गया।
-
इराक (2003): राष्ट्रपति सद्दाम हुसैन को सत्ता से हटाकर बाद में गिरफ्तार किया गया।
अब वेनेजुएला इस सूची में तीसरा देश बन गया है।
दुनिया की नजरें वेनेजुएला पर
इस कार्रवाई के बाद सवाल उठ रहे हैं कि क्या वेनेजुएला में हालात और बिगड़ेंगे? क्या यह कार्रवाई लैटिन अमेरिका में नए टकराव की शुरुआत होगी? आने वाले दिनों में अमेरिका और उसके सहयोगियों के रुख पर पूरी दुनिया की नजरें टिकी हैं।