अमरोहा से कोलकाता तक सियासी हलचल: तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी पर चुनाव आयोग का नोटिस, SIR सुनवाई के लिए समन से मचा हड़कंप
भारतीय क्रिकेट के तेज तर्रार गेंदबाज और अमरोहा की पहचान बन चुके मोहम्मद शमी एक बार फिर सुर्खियों में हैं, लेकिन इस बार वजह मैदान पर उनकी घातक गेंदबाजी नहीं बल्कि चुनाव आयोग की कार्रवाई है। कोलकाता में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR प्रक्रिया के तहत चुनाव आयोग ने मोहम्मद शमी और उनके भाई मोहम्मद कैफ को समन जारी किया है। जादवपुर के कार्तजू नगर स्कूल से जारी नोटिस में दोनों भाइयों को AERO यानी सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी के सामने सुनवाई के लिए उपस्थित होने को कहा गया है। इस कार्रवाई के सामने आते ही खेल और राजनीति, दोनों गलियारों में चर्चाओं का दौर तेज हो गया है।
SIR प्रक्रिया के तहत भेजा गया समन, वोटर लिस्ट बनी जांच का आधार
चुनाव आयोग द्वारा यह समन कोलकाता में चल रही मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान के दौरान जारी किया गया है। इस प्रक्रिया का उद्देश्य मतदाता सूची को अधिक पारदर्शी, सटीक और अद्यतन बनाना होता है। इसी क्रम में कुछ मतदाताओं की जानकारी, पते और पात्रता को लेकर जांच की जाती है। मोहम्मद शमी और उनके भाई मोहम्मद कैफ का नाम भी इसी जांच के दायरे में आया, जिसके बाद दोनों को AERO के समक्ष पेश होने का नोटिस भेजा गया।
विजय हजारे ट्रॉफी बनी पेशी में बाधा
हालांकि तय तारीख पर मोहम्मद शमी सुनवाई के लिए उपस्थित नहीं हो सके। इसकी वजह कोई अनदेखी या लापरवाही नहीं, बल्कि उनका व्यस्त क्रिकेट शेड्यूल रहा। शमी इस समय विजय हजारे ट्रॉफी में बंगाल की ओर से खेल रहे थे और टीम की जिम्मेदारी निभा रहे थे। घरेलू क्रिकेट में शानदार प्रदर्शन कर रहे शमी के लिए उस तारीख पर पेश होना व्यावहारिक रूप से संभव नहीं हो पाया, जिसकी जानकारी संबंधित अधिकारियों को दी गई है। माना जा रहा है कि अगली तारीख पर उन्हें या उनके प्रतिनिधि को उपस्थित होने का अवसर दिया जा सकता है।
अमरोहा में जन्म, कोलकाता में वोटर लिस्ट में नाम
उत्तर प्रदेश के अमरोहा में जन्मे मोहम्मद शमी लंबे समय से कोलकाता के वार्ड 93 में मतदाता के रूप में पंजीकृत हैं। क्रिकेट करियर की शुरुआत के बाद से ही शमी का घरेलू क्रिकेट और पेशेवर जीवन बंगाल से जुड़ा रहा है। इसी कारण उनका नाम कोलकाता की मतदाता सूची में दर्ज है। SIR प्रक्रिया के दौरान जब मतदाता विवरणों का मिलान और सत्यापन किया जा रहा था, तब शमी और उनके भाई से जुड़े दस्तावेज और विवरण जांच के दायरे में आए।
टीम इंडिया से बाहर, लेकिन घरेलू क्रिकेट में शानदार प्रदर्शन कर हैं रहे शमी
भले ही मोहम्मद शमी इस समय भारतीय टीम से बाहर चल रहे हों, लेकिन घरेलू क्रिकेट में उनका प्रदर्शन चयनकर्ताओं और क्रिकेट प्रशंसकों, दोनों का ध्यान खींच रहा है। इस सीजन में शमी ने अब तक 47 विकेट झटककर यह साबित कर दिया है कि उनकी धार और लय अभी भी बरकरार है। विजय हजारे ट्रॉफी में उन्होंने 15 विकेट लेकर बंगाल के शीर्ष गेंदबाज के रूप में खुद को स्थापित किया। उनकी गेंदबाजी न सिर्फ विरोधी बल्लेबाजों के लिए मुश्किल बनी, बल्कि टीम के लिए मैच जिताऊ भी साबित हुई।
रणजी से आईपीएल तक व्यस्त रहने वाला है शेड्यूल
विजय हजारे ट्रॉफी के बाद मोहम्मद शमी का कार्यक्रम और भी व्यस्त होने वाला है। उन्हें जल्द ही रणजी ट्रॉफी में बंगाल की ओर से खेलते हुए देखा जा सकता है। इसके बाद आईपीएल का मंच उनका इंतजार कर रहा है, जहां वे लखनऊ सुपर जायंट्स की जर्सी में नजर आएंगे। लगातार क्रिकेट में सक्रिय रहने के कारण शमी का ध्यान फिलहाल पूरी तरह अपने खेल और फिटनेस पर केंद्रित है।
चुनाव आयोग की कार्रवाई पर टिकी निगाहें
चुनाव आयोग की ओर से भेजा गया यह समन किसी आपराधिक कार्रवाई से जुड़ा नहीं है, बल्कि मतदाता सूची की शुद्धता सुनिश्चित करने की प्रशासनिक प्रक्रिया का हिस्सा माना जा रहा है। फिर भी, एक अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटर और चर्चित नाम होने के कारण यह मामला चर्चा में आ गया है। अब सबकी नजर इस बात पर है कि अगली सुनवाई की तारीख क्या तय होती है और जांच के बाद आयोग की ओर से क्या निष्कर्ष सामने आता है।
खेल और सिस्टम के बीच खड़े सवाल
मोहम्मद शमी का यह मामला एक बार फिर यह सवाल खड़ा करता है कि राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खेलने वाले खिलाड़ियों के प्रशासनिक रिकॉर्ड किस तरह विभिन्न राज्यों और शहरों में फैले होते हैं। SIR जैसी प्रक्रियाएं जहां लोकतांत्रिक व्यवस्था को मजबूत करने का काम करती हैं, वहीं खिलाड़ियों जैसे व्यस्त पेशेवरों के लिए समय प्रबंधन भी एक चुनौती बन जाती है।
फिलहाल इतना तय है कि मोहम्मद शमी मैदान पर अपनी गेंदों से कहर बरपा रहे हैं और मैदान के बाहर चुनाव आयोग की इस कार्रवाई ने उन्हें एक अलग वजह से सुर्खियों में ला दिया है। अब देखना यह होगा कि सुनवाई के बाद यह मामला किस मोड़ पर पहुंचता है और क्या शमी को इससे कोई प्रशासनिक राहत मिलती है।