पीलीभीत में जनगणना-2027 की तैयारी तेज: डिजिटल सिस्टम, हजारों कर्मियों की तैनाती और 102 बैचों में होगा विशेष प्रशिक्षण
उत्तर प्रदेश के पीलीभीत जनपद में जनगणना-2027 को सफल, सटीक और आधुनिक तरीके से संपन्न कराने के लिए प्रशासन ने पूरी ताकत झोंक दी है। इस बार की जनगणना केवल आंकड़ों का संग्रह नहीं, बल्कि तकनीक के माध्यम से भविष्य की योजनाओं की मजबूत नींव रखने का अभियान बन चुकी है। डिजिटल उपकरणों के जरिए डेटा संग्रहण, हजारों प्रगणकों की नियुक्ति, और बड़े स्तर पर प्रशिक्षण कार्यक्रम—ये सब इस बात का संकेत हैं कि प्रशासन इस बार किसी भी स्तर पर चूक नहीं चाहता।
आइए विस्तार से जानते हैं कि कैसे पीलीभीत में जनगणना-2027 की यह विशाल प्रक्रिया आकार ले रही है—
15 चार्ज में बंटा पूरा जनपद, ग्रामीण-शहरी दोनों पर खास फोकस
जनगणना कार्य को सुव्यवस्थित ढंग से संचालित करने के लिए पूरे जनपद को 15 चार्ज में विभाजित किया गया है। इसमें
- 05 तहसीलों को ग्रामीण क्षेत्र चार्ज
- 03 नगर पालिका परिषद और
- 07 नगर पंचायतों को शहरी क्षेत्र चार्ज के रूप में चिन्हित किया गया है।
यह विभाजन इस उद्देश्य से किया गया है कि हर क्षेत्र की जनसंख्या, संसाधन और सामाजिक स्थिति का सटीक आकलन किया जा सके।
डिजिटल युग की जनगणना: स्मार्टफोन से होगा डेटा कलेक्शन
इस बार की जनगणना पूरी तरह से तकनीकी रूप से उन्नत होने जा रही है। प्रगणक अब पारंपरिक कागजी प्रक्रिया के बजाय अपने स्मार्टफोन के माध्यम से डिजिटल डेटा संग्रहण करेंगे।
इससे न केवल डेटा की सटीकता बढ़ेगी, बल्कि समय की भी बचत होगी और रिपोर्टिंग सिस्टम अधिक पारदर्शी बनेगा।
4800 से ज्यादा कर्मियों की तैनाती, 10% रिजर्व भी तैयार
जनपद में इस विशाल कार्य को पूरा करने के लिए
- 4116 प्रगणक
- 688 सुपरवाइजर
को चिन्हित कर उनकी ड्यूटी सीएमएसएस पोर्टल पर फीड कर दी गई है।
खास बात यह है कि इनकी संख्या में 10% रिजर्व कर्मियों को भी शामिल किया गया है, ताकि किसी भी आपात स्थिति में कार्य प्रभावित न हो।
18 प्रशिक्षण केंद्र, 102 बैच—हर कर्मी को मिलेगी गहन ट्रेनिंग
जनगणना-2027 के सफल क्रियान्वयन के लिए प्रशासन ने प्रशिक्षण को सबसे अहम कड़ी माना है। इसके तहत:
- पूरे जनपद में 18 प्रशिक्षण केंद्र बनाए गए हैं
- कुल 102 बैच संचालित किए जाएंगे
- हर बैच में 40-50 प्रगणक और सुपरवाइजर शामिल होंगे
- प्रत्येक बैच को 3 दिन का प्रशिक्षण दिया जाएगा
यह प्रशिक्षण कार्यक्रम 15 अप्रैल 2026 से शुरू होकर 30 अप्रैल 2026 तक चलेगा।
तहसीलवार प्रशिक्षण का पूरा खाका
प्रशासन ने हर तहसील के लिए अलग-अलग प्रशिक्षण योजना तैयार की है:
तहसील पीलीभीत
- 05 प्रशिक्षण केंद्र
- 27 बैच
- 1252 प्रशिक्षार्थी
- प्रशिक्षण: 15 से 30 अप्रैल
तहसील बीसलपुर
- 03 प्रशिक्षण केंद्र
- 30 बैच
- 1460 प्रशिक्षार्थी
- प्रशिक्षण: 15 से 24 अप्रैल
तहसील पूरनपुर
- 06 प्रशिक्षण केंद्र
- 19 बैच
- 911 प्रशिक्षार्थी
- प्रशिक्षण: 15 से 25 अप्रैल
तहसील अमरिया
- 01 प्रशिक्षण केंद्र
- 14 बैच
- 696 प्रशिक्षार्थी
- प्रशिक्षण: 15 से 25 अप्रैल
तहसील कलीनगर
- 03 प्रशिक्षण केंद्र
- 12 बैच
- 485 प्रशिक्षार्थी
- प्रशिक्षण: 15 से 25 अप्रैल
इस प्रकार पूरे जनपद में कुल
- 18 केंद्र
- 102 बैच
- 4804 प्रशिक्षार्थी
जनगणना के लिए प्रशिक्षित किए जाएंगे।
मास्टर ट्रेनर से फील्ड ट्रेनर तक—ट्रेनिंग का मजबूत सिस्टम
जनगणना की तैयारी को मजबूत बनाने के लिए
- 72 फील्ड ट्रेनरों को पहले ही प्रशिक्षित किया जा चुका है
- यह प्रशिक्षण 10 मार्च से 16 मार्च 2026 तक चला
- इन्हें जनगणना निदेशालय, लखनऊ से प्रशिक्षित मास्टर ट्रेनरों द्वारा ट्रेनिंग दी गई
अब यही फील्ड ट्रेनर पूरे जनपद में प्रगणकों और सुपरवाइजरों को प्रशिक्षण दे रहे हैं।
प्रशिक्षण के दौरान पूरी सुविधा—खाना, पानी, चाय का इंतजाम
प्रशिक्षण में शामिल सभी कर्मियों के लिए प्रशासन ने पूरी व्यवस्था सुनिश्चित की है।
चार्ज अधिकारियों द्वारा
- चाय
- पानी
- भोजन
की समुचित व्यवस्था की गई है, ताकि प्रशिक्षण में किसी प्रकार की असुविधा न हो।
जिलाधिकारी ने किया प्रशिक्षण का शुभारंभ
15 अप्रैल 2026 को तहसील सदर पीलीभीत के सभागार में प्रशिक्षण कार्यक्रम का औपचारिक शुभारंभ जिलाधिकारी एवं प्रमुख जनगणना अधिकारी ज्ञानेन्द्र सिंह द्वारा किया गया।
इस मौके पर कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे, जिनमें:
- प्रसून द्विवेदी (अपर जिलाधिकारी/जिला जनगणना अधिकारी)
- श्रीमती अर्चना सिंह (अपर जिला जनगणना अधिकारी)
- मेराज हुसैन (जिला सूचना विज्ञान अधिकारी)
- पवन कुमार (उपजिलाधिकारी न्यायिक)
- रोहित कुमार (जिला पंचायत राज अधिकारी)
- श्रद्धा सिंह (उप जिलाधिकारी सदर/चार्ज अधिकारी)
- मण्डल प्रभारी, नोडल अधिकारी शुभम बाजपेई
- मास्टर ट्रेनर और फील्ड ट्रेनर
सहित कई अधिकारी मौजूद रहे।
जनगणना-2027: विकास की दिशा तय करने वाला सबसे बड़ा अभियान
जनगणना केवल जनसंख्या गिनने का काम नहीं, बल्कि आने वाले वर्षों की योजनाओं, बजट, संसाधन वितरण और विकास की दिशा तय करने का आधार होती है।
पीलीभीत में जिस स्तर पर तैयारियां की जा रही हैं, वह इस बात का संकेत है कि प्रशासन इस बार हर घर, हर व्यक्ति और हर जानकारी को सटीक रूप में दर्ज करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
तकनीक और प्रबंधन का संगम बनेगी जनगणना-2027
डिजिटल सिस्टम, प्रशिक्षित मानव संसाधन, और सुनियोजित रणनीति के साथ पीलीभीत जनगणना-2027 में एक मिसाल बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।
अब देखने वाली बात यह होगी कि यह विशाल अभियान किस तरह जमीनी स्तर पर सफल होता है और भविष्य की योजनाओं को कितना मजबूत आधार देता है।