Bengal Election 2026: पश्चिम बंगाल में शनिवार को डायमंड हार्बर और मगराहाट पश्चिम के कई बूथों पर दोबारा मतदान के दौरान तनावपूर्ण माहौल देखने को मिला। मतदान शुरू होते ही कई जगहों से हिंसा, मारपीट और पुलिस कार्रवाई के आरोप सामने आए। स्थानीय लोगों ने पुलिस पर लाठीचार्ज का आरोप लगाया, जबकि तृणमूल कांग्रेस ने सुरक्षाबलों पर पार्टी कैंप में तोड़फोड़ और कार्यकर्ताओं से मारपीट करने का आरोप लगाया है।
15 बूथों पर हो रहा है दोबारा मतदान
राज्य में डायमंड हार्बर के 4 और मगराहाट पश्चिम के 11 बूथों पर शनिवार सुबह 7 बजे से री-पोलिंग शुरू हुई। चुनाव आयोग की निगरानी में मतदान कराया जा रहा है और सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं।
हालांकि मतदान शुरू होने के कुछ ही घंटों बाद कई जगहों से तनाव और झड़प की खबरें आने लगीं।
स्थानीय लोगों ने पुलिस पर लगाया लाठीचार्ज का आरोप
डायमंड हार्बर के फालता इलाके में स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि वोट डालने के बाद उन पर TMC कार्यकर्ताओं ने हमला किया और मारपीट की।
लोगों का कहना है कि जब उन्होंने शांतिपूर्ण तरीके से विरोध किया तो पुलिस ने उन पर लाठीचार्ज कर दिया। आरोप है कि इस कार्रवाई में कई लोगों के सिर, हाथ और पैरों में चोटें आई हैं।
कुछ लोगों ने विशेष समुदाय को निशाना बनाए जाने का भी आरोप लगाया है।
TMC ने सुरक्षाबलों पर लगाए गंभीर आरोप
दूसरी तरफ तृणमूल कांग्रेस ने भी सुरक्षाबलों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। TMC का कहना है कि मगराहाट पश्चिम के बूथ नंबर 127 पर सुरक्षाबलों ने पार्टी कैंप में तोड़फोड़ की और कार्यकर्ताओं के साथ मारपीट की।
घटना के बाद इलाके में TMC समर्थकों ने जमकर नारेबाजी की और विरोध प्रदर्शन किया।
दोपहर 1 बजे तक 55% से ज्यादा मतदान
तनाव और आरोप-प्रत्यारोप के बीच मतदान जारी रहा। चुनाव आयोग के मुताबिक डायमंड हार्बर और मगराहाट पश्चिम में दोपहर 1 बजे तक 55 फीसदी से ज्यादा वोटिंग दर्ज की गई।
प्रशासन का कहना है कि सभी बूथों पर सुरक्षा व्यवस्था मजबूत की गई है और हालात पर लगातार नजर रखी जा रही है।
चुनाव आयोग ने बढ़ाई निगरानी
बंगाल में मतदान प्रक्रिया को निष्पक्ष और शांतिपूर्ण बनाने के लिए चुनाव आयोग ने अतिरिक्त अधिकारियों की तैनाती की है।
आयोग ने राज्य में 165 अतिरिक्त काउंटिंग ऑब्जर्वर और 77 पुलिस ऑब्जर्वर नियुक्त किए हैं ताकि किसी भी गड़बड़ी पर तुरंत कार्रवाई की जा सके।
राजनीतिक माहौल गरमाया
री-पोलिंग के दौरान हुई घटनाओं के बाद पश्चिम बंगाल का राजनीतिक माहौल और गरमा गया है। विपक्ष लगातार राज्य में हिंसा और पक्षपात के आरोप लगा रहा है, जबकि TMC भी सुरक्षा एजेंसियों की भूमिका पर सवाल उठा रही है।