UP News: यूपी के पीलीभीत से एक हैरान कर देने वाली और दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहां करंट लगने से एक महिला की मौत हो गई। लेकिन इससे भी ज्यादा चौंकाने वाली बात यह रही कि परिजनों ने महिला को जिंदा करने के लिए उसके शव को बालू में गाड़ दिया और करीब एक घंटे तक उसे रगड़ते रहे। इस दौरान पुलिस समझाती रही, लेकिन किसी ने नहीं सुनी।
करंट लगने से महिला की मौत
पीलीभीत के खजुरिया नवीराम गांव में मंगलवार सुबह 45 वर्षीय अनीता देवी की करंट लगने से मौत हो गई। वह सुबह करीब 5:30 बजे पड़ोस की दो महिलाओं के साथ खेत की तरफ गई थीं। रास्ते में गांव के पूर्व प्रधान शिव प्रसाद के खेत के चारों ओर तार लगे थे, जिनमें करंट दौड़ रहा था।
इसी दौरान अनीता देवी उस तार की चपेट में आ गईं और मौके पर ही उनकी मौत हो गई।
अस्पताल में डॉक्टरों ने किया मृत घोषित
घटना की जानकारी मिलते ही परिजन उन्हें तुरंत एम्बुलेंस से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बिलसंडा ले गए। वहां डॉक्टरों ने जांच के बाद अनीता देवी को मृत घोषित कर दिया।
यह सुनते ही परिजन भड़क गए और अस्पताल परिसर में हंगामा शुरू हो गया।
अंधविश्वास: शव को बालू में गाड़कर जिंदा करने की कोशिश
डॉक्टरों की बात मानने के बजाय परिजनों ने महिला को जिंदा करने के लिए अजीब तरीका अपनाया। उन्होंने अस्पताल परिसर में ही महिला के शव को बालू में गाड़ दिया।
सिर, हाथ और तलवों को छोड़कर पूरा शरीर रेत में दबा दिया गया और करीब एक घंटे तक हाथ-पैर रगड़े गए। सिर पर भी बालू रगड़ी जाती रही।
पुलिस समझाती रही, लेकिन नहीं माने परिजन
मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों और अन्य लोगों ने परिजनों को बार-बार समझाने की कोशिश की कि यह अंधविश्वास है, लेकिन उन्होंने किसी की नहीं सुनी।
करीब एक घंटे बाद जब महिला के शरीर में कोई हरकत नहीं हुई, तब जाकर परिजनों ने शव पुलिस को सौंपा।
पूर्व प्रधान पर आरोप, जांच शुरू
परिजनों ने खेत के मालिक और पूर्व प्रधान शिव प्रसाद पर आरोप लगाया है कि उन्होंने फसल बचाने के लिए खेत की बाड़ में करंट छोड़ा था, जिसकी वजह से यह हादसा हुआ।
वहीं शिव प्रसाद का कहना है कि उन्होंने सिर्फ कम पावर (DC) करंट लगाया था। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है।
डॉक्टर ने बताया: यह सब सिर्फ मिथ है
लखनऊ के बलरामपुर अस्पताल के डॉक्टर सर्वेश सिंह के मुताबिक, करंट लगने पर किसी व्यक्ति को मारना-पीटना या मिट्टी में दबाना पूरी तरह से मिथ है।
ऐसा करने से इलाज में देरी होती है और अगर जान बचने की संभावना होती है, तो वह भी खत्म हो सकती है।
क्या करें ऐसी स्थिति में?
डॉक्टरों के अनुसार, अगर किसी को करंट लगता है तो तुरंत उसे सुरक्षित जगह पर ले जाकर बिना देरी के अस्पताल पहुंचाना चाहिए। यही एकमात्र सही तरीका है।
I have started working as a crime reporter in 2011 for a daily local newspaper named ‘Khusro Mail’. I have also worked for many news organization such as Public Vibe app and Oneindia Hindi news portal. Now I am working as Editor In Chief for Rocket Post Bharat (rocketpostbharat.com).