IPL Satta: उत्तर प्रदेश के झांसी में IPL ऑनलाइन सट्टेबाजी मामले में बड़ा खुलासा हुआ है। पुलिस ने जिस युवती Yashasvi Dwivedi को गिरफ्तार किया है, वह दरोगा बनने का सपना देख रही थी। वह हाल ही में पुलिस भर्ती परीक्षा भी दे चुकी थी। लेकिन अब वह अपने सिपाही बॉयफ्रेंड Rajat Singh के साथ करोड़ों के ऑनलाइन सट्टा गिरोह में फंस गई। पुलिस ने फ्लैट से करोड़ों के गहने, लाखों की नकदी और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण बरामद किए हैं।
दरोगा भर्ती परीक्षा भी दे चुकी थी यशस्वी
पुलिस जांच में सामने आया कि 24 वर्षीय यशस्वी द्विवेदी बीएड पास थी और टीचर भर्ती परीक्षा भी दे चुकी थी। सफलता नहीं मिलने पर उसने एमटेक में दाखिला लिया था।
यशस्वी हाल ही में दरोगा भर्ती परीक्षा में भी शामिल हुई थी और पुलिस विभाग में नौकरी पाने का सपना देख रही थी।
पॉश कॉलोनी में सिपाही बॉयफ्रेंड के साथ लिव-इन में रहती थी
यशस्वी पिछले करीब 12 महीनों से झांसी की पॉश कॉलोनी रॉयल सिटी में किराए के फ्लैट में सिपाही रजत सिंह के साथ लिव-इन रिलेशनशिप में रह रही थी।
पुलिस के मुताबिक रजत के कहने पर वह अपना परिवार छोड़कर उसके साथ रहने लगी थी। बाद में वह ऑनलाइन सट्टेबाजी के धंधे में भी शामिल हो गई।
मुखबिर की सूचना पर पड़ा छापा
एसएसपी B. B. GTS Murthy ने बताया कि शुक्रवार सुबह सीपरी बाजार थाना पुलिस बिहारी तिराहा पर चेकिंग कर रही थी। तभी मुखबिर से सूचना मिली कि रॉयल सिटी के फ्लैट LS9 में IPL मैचों पर बड़े स्तर पर ऑनलाइन सट्टा खिलाया जा रहा है।
सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने फ्लैट पर छापा मारा और मौके से यशस्वी द्विवेदी और Nisha Khan को गिरफ्तार कर लिया।
फ्लैट से करोड़ों का माल बरामद
छापेमारी के दौरान पुलिस को फ्लैट में रखे ट्रॉली बैग से भारी मात्रा में नकदी और गहने मिले।
पुलिस ने 100-100 ग्राम के 9 सोने के बिस्किट, करीब 1.55 करोड़ रुपए की ज्वैलरी, 19 लाख रुपए कैश, 12 मोबाइल फोन, लैपटॉप और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण जब्त किए।
एसएसपी के मुताबिक करीब 1.46 करोड़ का सोना और 11 लाख रुपए की चांदी बरामद हुई है।
भाजपा नेता चला रहा था पूरा सट्टा नेटवर्क
पुलिस जांच में सामने आया कि पूरे ऑनलाइन सट्टा गैंग को भाजपा नेता Ashish Upadhyay लीड कर रहा था।
उसे 7 दिन पहले दिल्ली से गिरफ्तार किया जा चुका है। फिलहाल सिपाही रजत समेत 5 आरोपी फरार हैं और उनकी तलाश में लगातार छापेमारी की जा रही है।
मोबाइल और लैपटॉप से चलता था IPL सट्टा
पुलिस के मुताबिक आरोपी फ्लैट में बैठकर मोबाइल और लैपटॉप के जरिए IPL मैचों पर ऑनलाइन सट्टेबाजी करवाते थे।
रजत सिंह अपने साथियों सुमित साहू, आशीष उपाध्याय, विशेष भार्गव, प्रभात अग्रवाल और अन्य लोगों के साथ मिलकर यह नेटवर्क चला रहा था।
सट्टेबाजी के बदले मिलने वाली नकदी और गहने फ्लैट में जमा किए जाते थे। IPL खत्म होने के बाद रकम का बंटवारा होना था, जिसमें दोनों महिलाओं को भी हिस्सा मिलना था।
पैसों के विवाद से खुला पूरा मामला
सूत्रों के मुताबिक यशस्वी और निशा खान के बीच पैसों के बंटवारे को लेकर विवाद हुआ था। इसी के बाद पुलिस को अहम सुराग मिला और पूरा नेटवर्क सामने आ गया।
निशा ने पुलिस को बताया कि यशस्वी नकदी लेकर झांसी छोड़ने की तैयारी कर रही थी।
गिरफ्तारी के बाद बोली- जिसने पत्नी नहीं बनाया, जेल पहुंचा दिया
पुलिस पूछताछ के दौरान यशस्वी ने भावुक होकर कहा कि “जो मुझे पत्नी का दर्जा नहीं दिला सका, उसने आखिरकार जेल पहुंचा दिया।”
अब पुलिस उसके बैंक खातों और फाइनेंशियल ट्रांजैक्शन की जांच कर रही है। आशंका जताई जा रही है कि सट्टा गिरोह की रकम उसके जरिए ठिकाने लगाई जाती थी।
पहले भी हत्या केस में फंस चुका है सिपाही रजत
आरोपी सिपाही रजत सिंह 12 दिन पहले भी चर्चा में आया था। उसने बुंदेलखंड यूनिवर्सिटी में अपनी THAR गाड़ी से रिटायर्ड असिस्टेंट रजिस्ट्रार Maniram Verma को कुचल दिया था। हादसे में उनकी मौके पर मौत हो गई थी।
उस मामले में रजत को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था। बाद में SSP ने उसे सस्पेंड कर विभागीय जांच शुरू कर दी थी।
कुछ दिन पहले ही वह जेल से बाहर आया था और गुरुवार को पुलिस लाइन में आमद कराई थी। इसके अगले ही दिन उसका नाम IPL सट्टा कांड में सामने आ गया।
SSP ने सिपाही को किया बर्खास्त
शुक्रवार को SSP ने सिपाही रजत सिंह को नौकरी से बर्खास्त कर दिया।
बताया जा रहा है कि सस्पेंड होने से पहले वह पूंछ थाने में तैनात था और कई वर्षों तक SOG टीम में भी काम कर चुका है।
सट्टा केस में ये लोग आरोपी
पुलिस ने जिन आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज किया है, उनमें शामिल हैं:
- रजत सिंह – शमदपुर, हाथरस
- सुमित साहू – राजीव नगर, प्रेमनगर
- आशीष उपाध्याय – ग्वालियर रोड
- विशेष भार्गव – अयोध्यापुरी कॉलोनी
- प्रभात अग्रवाल – नगरा, प्रेमनगर
सभी के खिलाफ सीपरी बाजार थाने में BNS और जुआ अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है।