अयोध्या रामेश्वरम शैली शिव मंदिर: अयोध्या: उत्तर प्रदेश के अयोध्या की पावन भूमि पर एक और ऐतिहासिक अध्याय जुड़ गया है। मर्यादा पुरुषोत्तम प्रभु श्री राम की नगरी में दक्षिण भारत के रामेश्वरम मंदिर की तर्ज पर एक भव्य शिव मंदिर का निर्माण किया गया है। प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ ने पूरे विधि-विधान से इस मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा की। इस अवसर पर मंदिर में पूजा अर्चना का भव्य आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया।
रामेश्वरम मंदिर की तर्ज पर बना शिव मंदिर
दक्षिण भारतीय शैली में निर्मित यह शिव मंदिर, अयोध्या में रामसेवक पुरम के निकट स्थित है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंदिर के शिखर पर 25 फीट ऊंचा कलश स्थापित कर प्राण प्रतिष्ठा समारोह को संपन्न किया। इस दौरान मुख्यमंत्री का स्वागत भी दक्षिण भारतीय सभ्यता और परंपरा के अनुसार किया गया। उन्होंने कहा कि दक्षिण भारत और अयोध्या का संबंध हजारों वर्षों पुराना है, जिसे आज पुनः जीवंत किया जा रहा है।
त्रेता युग में स्थापित हुआ था रामेश्वरम शिवलिंग
हिंदू पुराणों के अनुसार, त्रेता युग में भगवान श्री राम ने वनवास के दौरान, सुग्रीव से भेंट से पूर्व, महादेव की उपासना के लिए एक शिवलिंग स्थापित किया था। इसे रामेश्वरम शिवलिंग के नाम से जाना गया। आज उसी परंपरा को अयोध्या में पुनर्जीवित किया जा रहा है।
हरतालिका तीज पर महिलाओं की विशेष पूजा
प्राण प्रतिष्ठा के ठीक एक दिन बाद हरतालिका तीज का पावन पर्व होने के कारण बड़ी संख्या में महिलाओं ने इस शिव मंदिर में पूजा अर्चना की। मंदिर का निर्माण ठीक उसी शैली में किया गया है, जैसे दक्षिण भारत के रामेश्वरम मंदिर का है। इस आयोजन ने अयोध्या और दक्षिण भारत के सांस्कृतिक संबंधों को और मजबूत किया है।