कानपुर की साइबर क्राइम टीम ने शेयर मार्केट में रकम के बदले भारी मुनाफ़े की लालच देकर ठगी करने वाले एक अंतरराज्यीय गिरोह का भंडाफोड़ किया है । ये गिरोह सोशल मीडिया के माध्यम से लोगों को अपना शिकार बनाता था । साथ ही आम आदमी की जीवनभर की कमाई फ़र्ज़ी डीमेट अकाउंट खोलकर उन्हें भारी मुनाफा दिखाते थे जिससे आम आदमी इनके झांसे में आ जाता था और इनके जाल में फँसकर अपनी रकम गवा देता था ।
15 करोड़ का मिला फर्जीवाड़ा
जांच में इस गिरोह के पास से करीब 8 अकाउंट से 15 करोड़ से ज़्यादा का फर्जीवाड़ा सामने आया है, साथ ही इन गिरोह पर अलग अलग राज्यों से करीब 250 से अधिक ठगी के मुक़दमे दर्ज है । पुलिस ने इनके पास से ठगी में इस्तेमाल किए जाने वाले लैपटॉप, मोबाइल्स, एटीएम स्वाइप मशीन, समेत कई अहम दस्तावेज मिले है जो पुलिस को जाँच में चौकाने वाले तथ्य हैं ।
कई राज्यों से जुड़े हैं तार
वहीं पकड़े गए चारो अभियुक्तों में मध्यप्रदेश का रहने वाला रोहित सोनी इस गिरोह का सरगना बताया जा रहा है । साथ ही मुख्य आरोपी एक राजनीतिक पार्टी से भी जिलाध्यक्ष के पद पर कार्य कर रहा है, इसके साथ होसांगबाद मध्यप्रदेश से लोन रिकवरी एजेंट अक्षय गुरु, मधुबनी बिहार से बैंक सेल्स डिपार्टमेंट में कार्यरत मनीष मंडल, व मध्यप्रदेश होसांगबाद से ही नामी बैंक में क्लर्क के पद पर तैनात मयंक मीणा को पुलिस ने दबोचा है । पुलिस ने प्रेसवार्ता में बताया कि इन साइबर ठगो के तार विदेश से भी जुड़े है । व इन ठगो की तलाश कई राज्यों की पुलिस कर रही है । लेकिन कानपुर की साइबर टीम को इस मामले में बड़ी सफलता हाँथ लगी है ।