Health update: आगरा में आयोजित एसोसिएशन ऑफ सर्जंस ऑफ इंडिया (एसीकॉन) के वार्षिक सम्मेलन में विशेषज्ञों ने पाइल्स, कब्ज और सर्जरी से जुड़े अन्य मुद्दों पर चर्चा की। सम्मेलन में 300 से अधिक चिकित्सकों ने सर्जरी की नई विधाओं का प्रशिक्षण लिया। इस दौरान, शौच में अधिक समय बिताने से स्वास्थ्य पर पड़ने वाले नकारात्मक प्रभावों को भी विस्तार से समझाया गया।
शौच में 5-10 मिनट से ज्यादा क्यों खतरनाक?
डॉ. योगेश मिश्रा ने बताया कि अगर किसी को पॉटी करने में 5-10 मिनट से ज्यादा समय लगता है, तो यह पाइल्स (बवासीर) का संकेत हो सकता है। लंबे समय तक टॉयलेट में बैठने से गुदा और मलाशय की नसों पर दबाव बढ़ता है, जिससे रक्त प्रवाह बाधित होता है और बवासीर की समस्या हो सकती है।
इसके कारण:
- गलत खानपान और रहन-सहन
जंक फूड, कम फाइबर युक्त आहार और पानी की कमी कब्ज का कारण बनती है, जिससे शौच में अधिक समय लगता है। - फोन और अन्य डिवाइस का इस्तेमाल
विशेषज्ञों ने कहा कि टॉयलेट में मोबाइल फोन इस्तेमाल करने की आदत से लोग अनावश्यक समय बिताते हैं, जिससे पेल्विक मांसपेशियों पर दबाव बढ़ता है। - अन्य स्वास्थ्य समस्याएं
बार-बार कब्ज या गुदा क्षेत्र में दर्द का कारण गुदा फिशर, पाइल्स या अन्य गंभीर बीमारियां हो सकती हैं।
क्या करें?
- फाइबर युक्त आहार लें
हरी सब्जियां, साबुत अनाज और ताजे फल कब्ज को दूर करने में सहायक होते हैं। - ज्यादा पानी पिएं
पर्याप्त मात्रा में पानी पीने से शरीर हाइड्रेट रहता है और मल त्याग आसान हो जाता है। - टॉयलेट में ज्यादा समय न बिताएं
अगर किसी को 5 मिनट में मल त्याग नहीं होता है, तो जोर लगाने के बजाय खुद को रिलैक्स करें और डॉक्टर से सलाह लें।
विशेषज्ञों का सुझाव
एसीकॉन सम्मेलन के दौरान डॉ. मिश्रा और अन्य चिकित्सकों ने जोर देकर कहा कि नियमित जांच और सही जीवनशैली अपनाकर पाइल्स और अन्य संबंधित समस्याओं से बचा जा सकता है।
सम्मेलन के अन्य मुख्य बिंदु
- हैंड-ऑन कोर्स: 300 चिकित्सकों को नई सर्जरी तकनीक का प्रशिक्षण।
- ग्रामीण क्षेत्रों पर ध्यान: ग्रामीण चिकित्सकों को अल्ट्रासाउंड और सीटी स्कैन जैसे उपकरणों की ट्रेनिंग दी गई।
- स्वास्थ्य के लिए जागरूकता: कठोर पानी और कीटनाशकों के कारण पित्त की थैली में पथरी जैसे मुद्दों पर भी चर्चा।
निष्कर्ष:
शौच में 5-10 मिनट से ज्यादा समय बिताना अनदेखी करने वाली समस्या नहीं है। यह पाइल्स और अन्य गंभीर बीमारियों का संकेत हो सकता है। खानपान और जीवनशैली में सुधार से इस समस्या को दूर किया जा सकता है। लंबे समय तक राहत न मिलने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।