Bengal Election 2026: पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु में विधानसभा चुनाव के लिए मतदान खत्म हो चुका है। जहां तमिलनाडु की सभी 234 सीटों पर एक ही चरण में वोटिंग हुई, वहीं पश्चिम बंगाल में 152 सीटों पर पहले चरण के तहत मतदान कराया गया। दोनों राज्यों में सुबह से ही वोटिंग को लेकर जबरदस्त उत्साह देखने को मिला, खासकर महिलाओं की भागीदारी उल्लेखनीय रही।
कितना रहा वोटिंग प्रतिशत?
- तमिलनाडु: 84.35% मतदान
- पश्चिम बंगाल (पहला चरण): 91.40% मतदान
बंगाल में शाम 5 बजे तक ही 89.93% वोटिंग हो चुकी थी, जो बाद में 91% के पार पहुंच गई—यह हाल के चुनावों से कहीं ज्यादा है।
पिछले चुनावों से तुलना (पश्चिम बंगाल)
- 2011: 84.72%
- 2016: 83.02%
- 2021: 82.30%
साफ है कि इस बार रिकॉर्ड तोड़ मतदान हुआ है।
SIR की वजह से वोटिंग प्रतिशत कैसे बढ़ा?
Election Commission of India के SIR (Special Intensive Revision) का असर सीधे turnout पर पड़ा है, ऐसे समझो:
वोटर लिस्ट ज्यादा “clean” हुई
पहले voter list में:
- डुप्लीकेट नाम
- मृत लोगों के नाम
- शिफ्ट हो चुके लोगों के नाम
ये सब रहते थे → turnout artificially कम दिखता था
SIR के बाद ये नाम हटे →
अब real voters ही लिस्ट में हैं, इसलिए प्रतिशत अपने आप बढ़ा दिखा
नए वोटर्स बड़े पैमाने पर जुड़े
- 18+ नए युवा वोटर्स को जोड़ा गया
- पहली बार वोट डालने वालों की संख्या बढ़ी
Result: fresh participation = higher turnout
बूथ लेवल पर verification से confusion कम हुआ
- कई लोगों का नाम पहले गलत/मिसिंग होता था
- SIR के बाद सही बूथ, सही नाम
अब लोग बिना परेशानी वोट डाल पाए
“छूट जाने वाले वोट” कम हुए
Ground mobilization बढ़ा
SIR के दौरान:
- BLO घर-घर पहुंचे
- लोगों को बताया गया कि नाम चेक करो
इससे awareness बढ़ी
लोग voting day पर ज्यादा निकले
Political mobilization भी तेज हुआ
- पार्टियों को साफ voter data मिला
- targeted campaigning आसान हुई
Result: voters को बूथ तक लाने में efficiency बढ़ी
“SIR की वजह से मतदाता सूची ज्यादा सटीक हुई, नए वोटर्स जुड़े और गलत नाम हटे, जिससे असली वोटरों की भागीदारी बढ़ी और मतदान प्रतिशत में उछाल दिखा।”