आगरा में डेंगू का कहर: दो मासूमों की मौत के बाद स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप, बुखार से कराहता गांव
Agra में डेंगू का कहर: बरसात का मौसम जहां ठंडक और राहत लेकर आता है, वहीं यह मच्छरों से फैलने वाली बीमारियों का खतरा भी बढ़ा देता है। आगरा जिले के शमशाबाद क्षेत्र के बड़ोबरा कला गांव में डेंगू ने दस्तक दी है और हालात इतने गंभीर हो गए कि दो बच्चियों की दर्दनाक मौत हो गई। इस घटना ने पूरे गांव को दहशत में डाल दिया और स्वास्थ्य विभाग को तुरंत हरकत में आने पर मजबूर कर दिया। देर रात तक गांव में मेडिकल टीमों ने डेरा डालकर जांच और इलाज शुरू कर दिया।
Agra में डेंगू का कहर: गांव में तेज़ी से फैल रहा बुखार
पिछले कुछ दिनों से गांव में बुखार के मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ रही थी। अब तक 100 से अधिक लोग बुखार की चपेट में आ चुके हैं। इनमें करीब दो दर्जन मरीजों को अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। अस्पताल में भर्ती कई मरीजों की रिपोर्ट में डेंगू की पुष्टि हुई है, जिससे स्थिति और गंभीर हो गई।
Agra में डेंगू का कहर: दो मासूमों की मौत से मचा कोहराम
गांव में बुखार से पीड़ित दो बच्चियों ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। इन मौतों की खबर ने पूरे गांव को सदमे में डाल दिया। लोग अपने बच्चों और परिवार को लेकर बेहद चिंतित हैं। कई घरों में सभी सदस्य बुखार की चपेट में हैं, जिससे दहशत और बढ़ गई है।
देर रात गांव में स्वास्थ्य विभाग का डेरा
हालात की गंभीरता को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग की टीम देर रात गांव पहुंची और वहीं ठहरकर जांच शुरू कर दी। गांव के एक कोने में स्वास्थ्य शिविर लगाया गया, जहां डॉक्टरों ने लोगों का तापमान और ब्लड सैंपल लेकर तात्कालिक इलाज शुरू किया।
Agra में डेंगू का कहर: सीएमओ की मौके पर मौजूदगी और निर्देश
Chief Medical Officer अरुण श्रीवास्तव खुद गांव पहुंचे। उन्होंने शिविरों का निरीक्षण किया और स्वास्थ्यकर्मियों को साफ-सफाई पर विशेष जोर देने के निर्देश दिए। उन्होंने ग्रामीणों से अपील की कि घरों और आसपास के क्षेत्रों में पानी जमा न होने दें, क्योंकि यही डेंगू मच्छरों के प्रजनन का मुख्य कारण है।
स्वास्थ्य विभाग की अपील और जागरूकता
स्वास्थ्य विभाग ने ग्रामीणों को जागरूक करते हुए कहा कि—
घर के भीतर और बाहर पानी जमा न होने दें।
पानी की टंकियों और बर्तनों को ढककर रखें।
बुखार, सिरदर्द या शरीर पर लाल चकत्ते जैसे लक्षण दिखते ही तुरंत डॉक्टर को दिखाएं।
बच्चों और बुजुर्गों को मच्छरदानी में सुलाएं और पूरी बांह के कपड़े पहनाएं।
स्थिति का विश्लेषण
बड़ोबरा कला गांव की यह घटना सिर्फ एक गांव की कहानी नहीं है, बल्कि बरसात में मच्छरजनित बीमारियों की बढ़ती चुनौती का प्रतीक है। दो बच्चियों की मौत और दर्जनों लोगों का बुखार से जूझना इस बात का सबूत है कि छोटी-सी लापरवाही भी बड़े नुकसान में बदल सकती है। अब जबकि स्वास्थ्य विभाग सक्रिय हो गया है, असली चुनौती ग्रामीणों की जागरूकता और स्वच्छता बनाए रखने में है, ताकि यह बीमारी और न फैल सके।