3

Recent News

हरियाणवी एक्ट्रेस दिव्यांका सिरोही की मौत, वजह हैरान करने वाली.. सिंगर मासूम शर्मा ने मंच से कराई थी पहचान

एक्ट्रेस दिव्यांका सिरोही: हरियाणवी म्यूजिक इंडस्ट्री से एक दुखद खबर सामने आई है। 30 वर्षीय एक्ट्रेस दिव्यांका सिरोही का अचानक…

बड़ी खबर: दिल्ली में IRS अधिकारी की बेटी का रेप और मर्डर, घर में घुसकर पूर्व नौकर ने की हैवानियत की हदें पार! CCTV में दिखा..

बड़ी खबर: दक्षिण-पूर्वी दिल्ली के अमर कॉलोनी इलाके से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। यहां एक…

UP Board Result 2026: यूपी बोर्ड छात्रों का इंतजार खत्म, कल इतने बजे आएगा रिजल्ट, जानिए कैसे करें सबसे पहले चेक?
UP News: मुस्लिम परिवार ने अपनाया हिन्दू धर्म, शहजाद बना शंकर, रजिया बनी सावित्री और बेटियां बनीं 'रुक्मिणी और दिशा'
UP Crime News: पत्नी, 3 बेटियां और बेटी का बॉयफ्रेंड - सबने मिलकर उतारा मौत के घाट, वजह आपके होश उड़ा देगी..

UP Crime News: महोबा जिले के पनवाड़ी थाना क्षेत्र से रिश्तों को शर्मसार कर देने वाला सनसनीखेज मामला सामने आया…

3

Recent News

एक्ट्रेस दिव्यांका सिरोही: हरियाणवी म्यूजिक इंडस्ट्री से एक दुखद खबर सामने आई है। 30 वर्षीय एक्ट्रेस दिव्यांका सिरोही का अचानक…

बड़ी खबर: दक्षिण-पूर्वी दिल्ली के अमर कॉलोनी इलाके से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। यहां एक…

UP Crime News: महोबा जिले के पनवाड़ी थाना क्षेत्र से रिश्तों को शर्मसार कर देने वाला सनसनीखेज मामला सामने आया…

Breaking News

Dausa Road Accident: खाटूश्याम से लौटते एटा के 11 श्रद्धालुओं की मौत

दौसा का दर्दनाक हादसा — खाटू श्याम से लौटते श्रद्धालुओं की जिंदगी पल भर में खत्म

Dausa Road Accident: राजस्थान के दौसा जिले में 13 अगस्त 2025 की सुबह एक भयावह सड़क हादसे ने 11 जिंदगियों को लील लिया। यह हादसा लालसोट–मनौहरपुर राष्ट्रीय राजमार्ग पर बापी गाँव के पास हुआ, जब उत्तर प्रदेश के एटा जिले से आए खाटू श्याम मंदिर के श्रद्धालुओं से भरी एक पिक-अप आमने-सामने कंटेनर ट्रक से टकरा गई। टक्कर इतनी जोरदार थी कि वाहन के परखच्चे उड़ गए और मौके पर चीख-पुकार मच गई।

Dausa Road Accident: श्रद्धालु कौन थे और कहाँ से लौट रहे थे

मृतक सभी उत्तर प्रदेश के एटा जिले के निवासी थे, जो धार्मिक आस्था से ओतप्रोत होकर खाटू श्याम मंदिर के दर्शन करने आए थे। दर्शन करने के बाद यह सभी अपने घर वापस लौट रहे थे। दो पिक-अप वाहनों में करीब डेढ़ दर्जन से अधिक श्रद्धालु सवार थे। इनमें महिलाएं, बच्चे और बुजुर्ग शामिल थे।

Dausa Road Accident: मौत का भयावह मंजर

इस भीषण टक्कर में 11 श्रद्धालुओं की मौके पर ही मौत हो गई, जिनमें 7 मासूम बच्चे और 4 महिलाएं शामिल थीं। टक्कर के बाद वाहन का अगला हिस्सा बुरी तरह दब गया, जिससे कई लोग उसमें फंस गए। स्थानीय लोग और पुलिस मौके पर पहुंचे और किसी तरह शवों व घायलों को बाहर निकाला। यह दृश्य इतना दर्दनाक था कि देखने वालों की आंखें नम हो गईं।

Dausa Road Accident: घायलों की हालत गंभीर

हादसे में कई श्रद्धालु गंभीर रूप से घायल हुए। उन्हें तुरंत दौसा जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद हालत नाजुक होने पर कुछ को जयपुर के बड़े अस्पताल में रेफर किया गया। घायलों में कई ऐसे थे जिन्हें सिर, रीढ़ और पैरों में गंभीर चोटें आई थीं। डॉक्टरों के मुताबिक कई घायलों की स्थिति अभी भी चिंताजनक बनी हुई है।

Dausa Road Accident: हादसे का कारण

जांच में पता चला है कि दो पिक-अप वाहनों में श्रद्धालु सफर कर रहे थे। उनमें से एक पिक-अप, आगे चल रही दूसरी पिक-अप को ओवरटेक कर रही थी। इसी दौरान सामने से आ रहे कंटेनर ट्रक से आमने-सामने टक्कर हो गई। यह टक्कर इतनी तेज थी कि पिक-अप के अगले हिस्से में बैठे लोग मौके पर ही ढेर हो गए। विशेषज्ञ मानते हैं कि हाईवे पर तेज रफ्तार और ओवरटेक के दौरान सावधानी न बरतना इस तरह की दुर्घटनाओं का मुख्य कारण बनता है।

प्रशासनिक कार्रवाई और मौके का हाल

दुर्घटना की सूचना मिलते ही जिला प्रशासन और पुलिस के आला अधिकारी घटनास्थल पर पहुंचे। शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया और घायलों के इलाज की व्यवस्था की गई। मौके पर हाईवे के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई थी, जिसे नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने यातायात डायवर्ट किया। प्रशासन ने हादसे के कारणों की जांच के आदेश दिए हैं और कंटेनर चालक की भूमिका की भी जांच हो रही है।

सड़क सुरक्षा पर सवाल

यह हादसा एक बार फिर यह सवाल खड़ा करता है कि धार्मिक यात्राओं के दौरान सड़क सुरक्षा के लिए पर्याप्त इंतजाम क्यों नहीं होते। श्रद्धालुओं से भरे वाहन अक्सर ओवरलोड होते हैं और लंबी दूरी तय करते समय थकान, लापरवाही और तेज रफ्तार जैसे कारक दुर्घटनाओं को न्योता देते हैं। ऐसे में प्रशासन को सख्ती से नियम लागू करने और विशेष निगरानी की जरूरत है, ताकि भविष्य में ऐसी त्रासदी से बचा जा सके।

अंतिम विदाई और गांव में मातम

इस हादसे की खबर जैसे ही एटा जिले के गांवों में पहुंची, पूरा इलाका शोक में डूब गया। जिन परिवारों ने अपने बच्चों और महिलाओं को इस यात्रा पर भेजा था, वे अब उनके शवों की प्रतीक्षा में गमगीन हैं। गांव के लोग बताते हैं कि इन मृतकों में कई ऐसे थे जिनकी पूरी उम्मीदें और सपने इसी यात्रा के बाद के जीवन से जुड़ी थीं, लेकिन सड़क पर हुई इस एक चूक ने सब खत्म कर दिया।

Gonda Bolero Accident: बोलेरो नहर में गिरी, 11 की मौत, पृथ्वीनाथ मंदिर जा रहे थे 15 श्रद्धालु