पीलीभीत Special Intensive Revision पर जिला-स्तरीय बैठक — मतदान सूची को त्रुटिरहित व पारदर्शी बनाने का मुख्य उद्देश्य
Election Commission of India (ECI) का Special Intensive Revision (SIR) अभियान
SIR यानी “विशेष गहन पुनरीक्षण” एक ऐसा राष्ट्रीय स्तर का अभियान है, जिसे मतदाता सूची — वोटर लिस्ट — को अद्यतन, सही एवं विश्वसनीय बनाने के लिए चलाया जाता है। इसका उद्देश्य है। नए पात्र मतदाताओं को सूची में शामिल करना, मृत या पलायन/डुप्लिकेट मतदाताओं को हटाना, तथा सूची में त्रुटिहीन विवरण सुनिश्चित करना।
2025 में ECI ने देश के 12 राज्यों/केंद्रशासित प्रदेशों में इस SIR का दूसरा चरण शुरू किया है — जिसमें उत्तर प्रदेश भी शामिल है।
कार्ययोजना के अनुसार घर-घर जाकर गणना-प्रपत्र (Enumeration Forms) भरे जा रहे हैं, फिर ड्राफ्ट रोल प्रकाशित होगा, और Claims–Objections एवं सत्यापन के बाद फाइनल सूची 7 फरवरी 2026 को प्रकाशित होगी।
इस व्यापक ड्राइव के बीच, पीलीभीत में जिला प्रशासन ने मतदाता सूची की शुद्धता एवं पारदर्शिता सुनिश्चित करने हेतु जिला-स्तरीय अधिकारियों के साथ बैठक आयोजित की।
बैठक की रूपरेखा, नेतृत्व, उद्देश्य
पीलीभीत के जिलाधिकारी व जिला निर्वाचन अधिकारी ज्ञानेन्द्र सिंह की अध्यक्षता में, जनपद स्तरीय अधिकारियों की बैठक सम्पन्न हुई — जिसमें अपर जिलाधिकारी, नगर मजिस्ट्रेट, जिला विकास मंत्री, उपायुक्त स्वत: रोजगार, जिला विद्यालय निरीक्षक, सहायक निबन्धक सहकारिता, दिव्यांगजन सशक्तीकरण अधिकारी सहित अन्य विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
इस बैठक में मुख्य रूप से निम्न बातें सुनिश्चित कराने पर बल दिया गया
SIR अभियान के अन्तर्गत एसआईआर कार्य (डाटा मैपिंग, गणना-प्रपत्र वितरण, सत्यापन) को समयबद्ध व गुणवत्तापूर्ण ढंग से करना।
जमा होने वाले फॉर्म व अन्तिम रिपोर्ट में किसी प्रकार की त्रुटि न हो — डाटा मैपिंग एवं रिपोर्टिंग की हर कड़ी को हर विन्दु तक पुनरावलोकन किया जाए।
संबंधित अधिकारियों द्वारा ग्राम प्रधान, कोटेदार, पंचायत सचिव, वार्ड सदस्य आदि स्थानीय प्रतिनिधियों के साथ सत्यापन बैठकें कराएं जाएँ, ताकि भूमि-पड़ाव, निवास, नामांकन एवं अन्य विवरणों की पुष्टि हो सके।
अपात्र मतदाताओं (जिन्हें सूची में रहने का अधिकार नहीं) को हटाना तथा पात्र मतदाताओं का सही तरह से नाम शामिल करना सुनिश्चित किया जाए — सूची को हर तरह से शुद्ध, निष्पक्ष व भरोसेमंद बनाया जाए।
SIR के महत्व और चुनौतियाँ
SIR से क्या हासिल होगा
जिन नए नागरिकों की उम्र 18 वर्ष हो चुकी है, उन्हें मतदाता सूची में शामिल किया जाएगा। साथ ही, जो मृत, पलायन या डुप्लीकेट मतदाता थे, उनका नाम हटाया जाएगा। इससे वोटर लिस्ट अधिक वास्तविक एवं अद्यतन होगी।
गलत तथा अवैध प्रविष्टियों (जिनमें फर्जी वोटर, डुप्लीकेट नाम, मृतक, पलायन करने वाले इत्यादि शामिल हो सकते थे) को हटाकर चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता और निष्पक्षता आएगी।
चुनौतियाँ और सावधानियाँ
फॉर्म भरने, दस्तावेज दिखाने या सत्यापन में यदि किसी प्रकार की असावधानी हुई — तो सही मतदाता वंचित हो सकते हैं। इसलिए सत्यापन प्रक्रिया पूरी पारदर्शिता व सावधानी से करनी होगी।
खासकर ग्राम-वार, वार्ड-वार, पंचायत-वार स्तर पर स्थानीय प्रतिनिधियों से समन्वय, सत्यापन व बैठकें सुनिश्चित करना होगा — ताकि सूची में किसी प्रकार की चूक न हो।
अन्ततः सूची तैयार होते समय डाटा मैपिंग व रिपोर्टिंग में त्रुटियों से बचने के लिए हर विन्दु की गहन समीक्षा आवश्यक है।
पीलीभीत प्रशासन की आगे की कार्रवाई, जिम्मेदारियां व अपेक्षाएँ
जिलाधिकारी व जिला निर्वाचन अधिकारी ज्ञानेंद्र सिंह द्वारा दिए गए निर्देशों के अनुसार —
हर जनपद स्तरीय अधिकारी को न केवल गणना-प्रपत्र वितरित और एकत्र करने की जिम्मेदारी है, बल्कि ग्राम सभा, पंचायत सचिव, वार्ड सदस्य आदि स्थानीय प्रतिनिधियों के साथ मिलकर सत्यापन बैठकें भी बुलानी होंगी।
डाटा मैपिंग व रिपोर्टिंग में किसी प्रकार की त्रुटि न हो — इसलिए प्रत्येक बिंदु पर पुनरावलोकन (cross-check) अनिवार्य होगा।
अपात्र मतदाताओं की पहचान कर उन्हें सूची से हटाना और पात्र मतदाताओं को सूची में शामिल करना सुनिश्चित किया जाएगा — इससे मतदाता सूची अधिक भरोसेमंद बनेगी।
पूरा SIR अभियान — समयबद्ध, गुणवत्तापूर्ण व पारदर्शी रूप में — संपन्न कराने की जिम्मेदारी जिला प्रशासन और निर्वाचन विभाग की है।
पीलीभीत में हुई यह बैठक — जहाँ जिला प्रशासन ने SIR के लिए
अपनी स्पष्ट प्रतिबद्धता जताई — यह संकेत है कि मतदाता सूची को अद्यतन, विश्वसनीय व त्रुटियों से मुक्त बनाया जाना प्राथमिकता है। अगर यह अभियान सहमति, पारदर्शिता और समुचित सत्यापन के साथ सम्पन्न होता है — तो यह लोकतांत्रिक प्रक्रिया और मतदान की वैधता को मजबूत करेगा।