उत्तर प्रदेश के फतेहपुर जिले में धार्मिक स्थल को लेकर विवाद एक बार फिर सुर्खियों में है। मकबरे में तोड़फोड़ के बाद अब मजार गिराने का मामला सामने आया है। बजरंग दल नेता द्वारा समर्थकों के साथ मिलकर की गई इस कार्रवाई का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होते ही इलाके में तनाव फैल गया। पुलिस ने तेजी दिखाते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया, लेकिन सवाल यह है कि क्या फतेहपुर में धार्मिक टकराव की आग फिर से भड़क रही है?
मजार पर हथौड़ा, कैमरे में कैद पूरी घटना
यह मामला हुसैनगंज थाना क्षेत्र के मवई गांव का है। मंगलवार को बजरंग दल का भिटौरा प्रखंड संयोजक नरेंद्र हिंदू अपने 10–15 समर्थकों के साथ सड़क किनारे बनी एक पुरानी मजार पर पहुंचा। वायरल वीडियो में साफ दिख रहा है कि पहले एक युवक हथौड़े से मजार तोड़ता है, फिर खुद नरेंद्र हिंदू हथौड़ा लेकर ईंटें गिराने लगता है।
15 मिनट में पूरी मजार ध्वस्त
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, करीब 15 मिनट के भीतर मजार को पूरी तरह तोड़ दिया गया। इस दौरान मौके पर कोई पुलिस बल मौजूद नहीं था। घटना का वीडियो सामने आते ही सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया और मामला गरमा गया।
भड़काऊ बयान ने बढ़ाई सियासी और सामाजिक हलचल
वीडियो में नरेंद्र हिंदू मजार पर खड़े होकर कहते दिख रहे हैं—
“देश में रहना है तो भारत के संविधान, राष्ट्रगान और वंदे मातरम् के प्रति समर्पण दिखाना होगा। ये बांग्लादेश नहीं है, ये हिंदुस्तान है।”
इस बयान को लेकर राजनीतिक और सामाजिक हलकों में तीखी प्रतिक्रिया देखने को मिली।
वीडियो वायरल होते ही हरकत में पुलिस
वीडियो सामने आने के बाद बुधवार को अपर पुलिस अधीक्षक महेंद्र पाल सिंह, एसडीएम सदर और थाना प्रभारी आलोक कुमार पांडे मवई गांव पहुंचे। हालात को देखते हुए तीन थानों की पुलिस फोर्स गांव में तैनात कर दी गई।
यूपी – जिला फतेहपुर में बजरंगदल कार्यकर्ताओं ने हथौड़े–ईंटों से मजार तोड़ी। पुलिस ने बजरंगदल के प्रखंड संयोजक नरेंद्र हिंदू को कस्टडी में लिया।@bnetshukla pic.twitter.com/BIwnn9UdtV
— Sachin Gupta (@SachinGuptaUP) December 24, 2025
आरोपी गिरफ्तार, गांव में पुलिस पहरा
पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए बजरंग दल नेता नरेंद्र हिंदू को गिरफ्तार कर लिया। उसके खिलाफ मवई थाने में मामला दर्ज किया गया है। थाना प्रभारी आलोक कुमार पांडे ने बताया कि स्थिति नियंत्रण में है और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस बल तैनात है।
फतेहपुर में पहले भी भड़क चुका है विवाद
गौरतलब है कि फतेहपुर में 11 अगस्त 2025 को ईदगाह में बने मकबरे को लेकर बड़ा विवाद हुआ था। उस दौरान बजरंग दल और हिंदू महासभा समेत कई संगठनों के करीब 2 हजार कार्यकर्ता पहुंचे थे। मकबरे को मंदिर बताकर तोड़फोड़ की गई और भगवा झंडा लगाया गया, जिसके बाद दोनों समुदायों के बीच पथराव हुआ था।
कोर्ट में मामला, प्रशासन अलर्ट
उस पुराने मामले में 10 नामजद और 150 अज्ञात लोगों के खिलाफ केस दर्ज हुआ था और 75 पन्नों की रिपोर्ट मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को भेजी गई थी। फिलहाल वह मामला कोर्ट में विचाराधीन है। अब मजार तोड़ने की नई घटना ने प्रशासन की चिंता और बढ़ा दी है।
कानून से ऊपर कोई नहीं
फतेहपुर की ताजा घटना ने साफ कर दिया है कि धार्मिक भावनाओं से जुड़ा कोई भी कदम कानून के दायरे में ही होगा। पुलिस और प्रशासन ने स्पष्ट संकेत दिए हैं कि शांति भंग करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।