मेरठ से सनसनीखेज खबर: बीजेपी नेता संगीत सोम को बम से उड़ाने की धमकी, सरकारी नंबर पर आया बांग्ला भाषा में मैसेज, सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट
मेरठ की सियासत और सुरक्षा तंत्र को हिलाकर रख देने वाली एक बेहद गंभीर और सनसनीखेज खबर सामने आई है। भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता और पूर्व विधायक संगीत सोम को बम से उड़ाने की धमकी दी गई है। यह धमकी सीधे उनके सरकारी मोबाइल नंबर पर भेजी गई है, जिससे प्रशासनिक हलकों में हड़कंप मच गया है। खास बात यह है कि यह धमकी भरा मैसेज बांग्ला भाषा में भेजा गया है और इसमें न सिर्फ संगीत सोम को जान से मारने की बात कही गई है, बल्कि भारतीय न्यूज़ चैनलों को भी उड़ाने की धमकी दी गई है।
सुबह 8 बजे आया धमकी भरा संदेश, सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट मोड पर
प्राप्त जानकारी के मुताबिक, यह धमकी भरा मैसेज आज सुबह करीब 8 बजे संगीत सोम के सरकारी नंबर पर आया। जैसे ही मैसेज की जानकारी सामने आई, राजनीतिक गलियारों से लेकर प्रशासनिक महकमे तक खलबली मच गई। संदेश की भाषा और उसमें इस्तेमाल किए गए शब्दों को देखते हुए इसे बेहद गंभीर माना जा रहा है। शुरुआती तौर पर यह भी सामने आया है कि एक ही मोबाइल नंबर से बार-बार धमकी दी गई है, जिससे यह आशंका और गहरी हो गई है कि इसके पीछे कोई सुनियोजित साजिश हो सकती है।
बांग्ला भाषा में धमकी, जांच के दायरे में अंतरराष्ट्रीय एंगल
धमकी भरे मैसेज का बांग्ला भाषा में होना जांच एजेंसियों के लिए एक बड़ा संकेत माना जा रहा है। सुरक्षा एजेंसियां इस बात की भी जांच कर रही हैं कि कहीं यह मामला अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क या किसी कट्टरपंथी साजिश से तो जुड़ा नहीं है। मैसेज में साफ तौर पर लिखा गया है कि संगीत सोम और भारतीय न्यूज़ चैनलों को उड़ाया जाएगा, जिससे मामला सिर्फ एक व्यक्ति की सुरक्षा तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा से भी जुड़ गया है।
संगीत सोम ने अधिकारियों को सौंपी नंबर की पूरी डिटेल
धमकी मिलने के बाद संगीत सोम ने बिना देरी किए मामले की जानकारी संबंधित अधिकारियों को दी और उस नंबर की पूरी डिटेल सुरक्षा एजेंसियों को सौंप दी है, जिससे मैसेज भेजा गया था। बताया जा रहा है कि पुलिस और खुफिया एजेंसियां अब उस नंबर की लोकेशन, सिम डिटेल और डिजिटल फुटप्रिंट खंगालने में जुट गई हैं। इस पूरे मामले को गंभीर मानते हुए संगीत सोम की सुरक्षा बढ़ाए जाने की भी संभावना जताई जा रही है।
संगीत सोम तीखे बयानों को लेकर अक्सर विवादों में रहे हैं
यह धमकी ऐसे समय पर सामने आई है, जब संगीत सोम पहले से ही अपने बेबाक और तीखे बयानों के लिए चर्चा में रहे हैं। कुछ समय पहले संगीत सोम ने बॉलीवुड अभिनेता शाहरुख खान को लेकर विवादित बयान दिया था, जिसमें उन्होंने शाहरुख खान को ‘गद्दार’ तक कह दिया था। यह बयान उस वक्त आया था, जब शाहरुख खान की आईपीएल टीम कोलकाता नाइट राइडर्स ने बांग्लादेशी क्रिकेटर रहमान को खरीदा था।
बयान के बाद देशभर में हुआ था समर्थन
संगीत सोम के उस बयान के बाद पूरे देश में तीखी प्रतिक्रियाएं देखने को मिली थीं। जहां एक ओर विपक्ष और फिल्मी जगत ने उनके बयान की आलोचना की थी, वहीं दूसरी ओर देश के कई हिस्सों में उनके समर्थन में आवाजें भी उठी थीं। सोशल मीडिया पर बड़ी संख्या में लोगों ने संगीत सोम के बयान का समर्थन करते हुए राष्ट्रवाद और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े सवाल खड़े किए थे। यही वजह है कि अब सामने आई धमकी को उनके पुराने बयानों से जोड़कर भी देखा जा रहा है।
राजनीतिक धमकी या साजिश, हर एंगल से जांच
फिलहाल सुरक्षा एजेंसियां इस पूरे मामले को हर एंगल से जांच रही हैं। यह धमकी किसी मानसिक विकृति का नतीजा है, किसी राजनीतिक रंजिश का हिस्सा है या फिर इसके पीछे कोई बड़ा नेटवर्क काम कर रहा है, इन सभी पहलुओं पर बारीकी से काम किया जा रहा है। बांग्ला भाषा में धमकी और भारतीय न्यूज़ चैनलों को भी निशाना बनाने की बात ने इस मामले को और गंभीर बना दिया है।
मेरठ से दिल्ली तक अलर्ट, बढ़ सकती है सुरक्षा
सूत्रों के मुताबिक, इस धमकी के बाद मेरठ से लेकर दिल्ली तक सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट मोड में आ गई हैं। संगीत सोम की सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की जा रही है और जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किए जा सकते हैं। साथ ही जिन न्यूज़ चैनलों को धमकी में शामिल किया गया है, उनके लिए भी सुरक्षा को लेकर सतर्कता बढ़ाई जा रही है।
जांच घेरे में धमकी देने वाला नंबर
एक ही नंबर से धमकी आने की बात सामने आने के बाद अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि उस नंबर के पीछे कौन है और उसकी मंशा क्या है। क्या यह किसी एक व्यक्ति की करतूत है या किसी संगठित गिरोह का हिस्सा, इसका खुलासा आने वाले दिनों में जांच के बाद ही हो पाएगा।
फिलहाल इतना तय है कि बीजेपी नेता संगीत सोम को मिली यह धमकी सिर्फ एक राजनीतिक खबर नहीं, बल्कि देश की आंतरिक सुरक्षा से जुड़ा गंभीर मामला बन चुकी है। अब पूरे देश की नजर इस पर टिकी है कि जांच एजेंसियां कब और कैसे इस धमकी के पीछे की सच्चाई को उजागर करती हैं।