गुरुकुल: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है। गुरुकुल में पढ़ने वाले 11 साल के बच्चे दिव्यांश की बेरहमी से पिटाई कर हत्या कर दी गई। आरोपी कोई और नहीं, बल्कि उसका ही मामा निकला, जो गुरुकुल का संचालक और महंत है। पुलिस पूछताछ में आरोपी ने जो खुलासे किए, उसने सभी को झकझोर दिया है।
महंत का कबूलनामा: ‘तंग आकर मार डाला’
आरोपी सौरभ मिश्रा उर्फ कन्हैया ने पुलिस के सामने कबूल किया कि दिव्यांश गुरुकुल के नियमों में ढल नहीं पा रहा था और उसकी शरारतों से वह चिढ़ गया था। इसी गुस्से में उसने कई दिनों तक बच्चे को बेरहमी से पीटा और आखिरकार उसकी मौत हो गई।
गुरुकुल में 3 दिन तक दी गई क्रूर सजा
आरोपी ने बताया कि पिछले 3-4 दिनों से दिव्यांश को सजा दी जा रही थी। उसे नंगे पांव तेज धूप में घंटों खड़ा रखा जाता था। खाना नहीं दिया जाता था और जरा सी गलती पर डंडों से पीटा जाता था।
रातभर की पिटाई बनी मौत की वजह
घटना वाली रात आरोपी ने दिव्यांश को अलग ले जाकर थप्पड़, लात-घूंसे, बेल्ट और डंडे से बुरी तरह पीटा। उसे दीवार पर पटक दिया, जिससे सिर में गंभीर चोट आई। बच्चा बेहोश हो गया और सुबह उसकी मौत हो चुकी थी।
शव को कार से कानपुर में घर के बाहर फेंका
हत्या के बाद आरोपी ने शव को कार से कानपुर ले जाकर उसके घर के बाहर छोड़ दिया और फरार हो गया।
गर्लफ्रेंड ने भी दिया साथ, CCTV तोड़े
इस वारदात में आरोपी की गर्लफ्रेंड हर्षिता सोनी ने भी साथ दिया। उसने बच्चों को घर भेजा, गुरुकुल के CCTV कैमरे तोड़े और आरोपी के लिए कार की व्यवस्था की। पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर लिया है।
CCTV फुटेज में कैद हुई क्रूरता
पुलिस के मुताबिक, गुरुकुल की CCTV फुटेज में दिव्यांश के साथ हुई बर्बरता साफ दिखाई दे रही है। मेस में सभी बच्चे खाना खा रहे थे, जबकि दिव्यांश कोने में भूखा रोता नजर आया।
भूखा रखकर भी दी जाती थी सजा
एक फुटेज में दिखा कि जब दिव्यांश चोरी-छिपे खाना खा रहा था, तो आरोपी ने बाल पकड़कर उसे घसीटा और बुरी तरह पीटा।
पिता भी महंत, बचपन में मिलती थी ऐसी सजा
आरोपी ने पुलिस को बताया कि उसके पिता भी महंत थे और गलती करने पर उसे भी इसी तरह पीटते थे। उसी सोच के चलते वह गुरुकुल के बच्चों के साथ भी वैसा ही व्यवहार करता था।
पुलिस जांच और कार्रवाई
पुलिस ने पिता नरेंद्र कुमार द्विवेदी की शिकायत पर आरोपी सौरभ मिश्रा (27) और हर्षिता सोनी (23) को गिरफ्तार कर लिया है। दोनों पर साक्ष्य मिटाने और हत्या के आरोप लगे हैं।
राजनीतिक हलचल तेज
घटना के बाद समाजवादी पार्टी का प्रतिनिधिमंडल पीड़ित परिवार से मिला। विधायक अभिताभ बाजपेई समेत कई नेताओं ने कड़ी कार्रवाई की मांग की है।