Prepaid Meter: उत्तर प्रदेश में बिजली उपभोक्ताओं के लिए बड़ी राहत की खबर है। योगी सरकार ने प्रीपेड बिजली मीटर को लेकर बड़ा फैसला लिया है, जिसके तहत अब ये मीटर अपने आप पोस्टपेड मोड में बदल जाएंगे। इस फैसले से लाखों उपभोक्ताओं को बिना किसी आवेदन और अतिरिक्त शुल्क के फायदा मिलेगा।
प्रीपेड मीटर खत्म, अब अपने आप पोस्टपेड
Yogi Adityanath सरकार ने प्रीपेड मीटर की अनिवार्यता खत्म कर दी है।
राजधानी में ही करीब 2 लाख से ज्यादा उपभोक्ताओं को इसका सीधा फायदा मिलेगा।
सबसे बड़ी बात—
- मीटर अपने आप पोस्टपेड में बदल जाएंगे
- न कोई आवेदन देना होगा
- न कोई अतिरिक्त शुल्क देना पड़ेगा
अब मोबाइल पर आएगा बिजली बिल
अधिकारियों के मुताबिक, स्मार्ट मीटर सॉफ्टवेयर से जुड़े हैं और एक क्लिक में मोड बदल जाएगा।
अब हर महीने 1 से 10 तारीख के बीच मोबाइल पर ही बिल का मैसेज आएगा।
- बिल में यूनिट की पूरी जानकारी होगी
- घर पर कोई कर्मचारी बिल देने नहीं आएगा
- मई का बिल 1 से 10 जून के बीच भेजा जाएगा
उपभोक्ताओं को बिल 15 दिन के अंदर जमा करना होगा।
बकायेदारों पर सख्ती और बढ़ेगी
पोस्टपेड सिस्टम में राहत के साथ सख्ती भी है।
- बड़े बकायेदारों की बिजली एक क्लिक में काट दी जाएगी
- बिल जमा करते ही कनेक्शन फिर चालू होगा
इससे पहले कर्मचारी कनेक्शन काटने जाते थे, जहां विवाद और आरोप लगते थे। अब यह प्रक्रिया पूरी तरह डिजिटल होगी।
कैंप में जमा कर सकेंगे बकाया बिल
बिजली विभाग मई-जून में विशेष कैंप लगाएगा, जहां:
- बकाया बिल जमा किए जा सकेंगे
- किस्तों में भुगतान की सुविधा मिलेगी
- शिकायतों का निस्तारण किया जाएगा
जल्द ही कैंप का शेड्यूल जारी होगा।
7 हजार नए कनेक्शन भी मिलेंगे
राजधानी में करीब 7 हजार आवेदन लंबित हैं।
अधिकारियों को जल्द सत्यापन पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं।
- अब नए कनेक्शन में सिर्फ पोस्टपेड मीटर लगाए जाएंगे
- प्रीपेड बैलेंस को नए सिस्टम में जोड़ दिया जाएगा
शिकायत के लिए हेल्पलाइन नंबर जारी
Madhyanchal Vidyut Vitran Nigam Limited की एमडी रिया केजरीवाल ने कहा:
- उपभोक्ता 1912 हेल्पलाइन नंबर पर शिकायत दर्ज करा सकते हैं
- हर शिकायत का समाधान किया जाएगा
- फर्जी निस्तारण पर सख्त कार्रवाई होगी
क्या है इस फैसले का असर?
इस फैसले से:
- उपभोक्ताओं को राहत मिलेगी
- बिलिंग सिस्टम आसान होगा
- भ्रष्टाचार और विवाद कम होंगे
- डिजिटल सिस्टम से पारदर्शिता बढ़ेगी