Shocking News: उत्तर प्रदेश के मथुरा जिले से एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है, जहां पुलिस चेकिंग के दौरान एक बड़े गांजा तस्करी गिरोह का भंडाफोड़ हुआ। इस केस की सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि पकड़ा गया मुख्य आरोपी यूपी पुलिस की डायल 112 सेवा में तैनात एक सिपाही निकला। पुलिस ने उसके पास से भारी मात्रा में गांजा और नकदी बरामद की है।
कैसे हुआ खुलासा?
यह मामला मथुरा के थाना महावन क्षेत्र का है। महावन-बल्देव रोड पर पुलिस को गांजा तस्करी की गुप्त सूचना मिली थी। सूचना के आधार पर पुलिस ने इलाके में चेकिंग अभियान चलाया और दो लोगों को दबोच लिया।
डायल 112 का सिपाही ही निकला आरोपी
जांच के दौरान पुलिस के होश उड़ गए जब पता चला कि गिरफ्तार आरोपियों में एक यूपी पुलिस की डायल 112 सेवा में तैनात सिपाही अनिल कुमार है। उसके साथ उसका साथी पुष्पेंद्र भी पकड़ा गया।
दोनों के कब्जे से—
- 20 किलो अवैध गांजा
- ₹2 लाख नकद
बरामद किए गए हैं।
खाकी पर फिर लगा दाग
इस घटना ने एक बार फिर पुलिस विभाग की छवि पर सवाल खड़े कर दिए हैं। आरोपी सिपाही और उसका साथी लंबे समय से इस अवैध धंधे में शामिल बताए जा रहे हैं। पुलिस ने दोनों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत केस दर्ज कर लिया है।
पहले भी जेल जा चुका है सिपाही
जांच में यह भी सामने आया है कि सिपाही अनिल कुमार का पुराना आपराधिक रिकॉर्ड रहा है। बताया जा रहा है कि करीब चार साल पहले वह शराब तस्करी के मामले में गिरफ्तार होकर जेल भी जा चुका है।
इसके बावजूद उसने सुधरने के बजाय एक बार फिर नशे के कारोबार में कदम रख दिया।
विभागीय कार्रवाई शुरू, सस्पेंड
मामले की गंभीरता को देखते हुए एसएसपी ने सिपाही अनिल कुमार को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया है। साथ ही उसके खिलाफ विभागीय जांच भी शुरू कर दी गई है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जांच के आधार पर आगे बर्खास्तगी तक की कार्रवाई की जा सकती है।
पुलिस महकमे में हड़कंप
इस घटना के बाद पुलिस विभाग में भी हड़कंप मच गया है। एक तरफ जहां आम अपराधियों पर कार्रवाई हो रही है, वहीं खाकी वर्दी में ही इस तरह की तस्करी ने सिस्टम पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।