Raksha Bandhan 2026: पूरे देश की तरह बिहार में भी रक्षाबंधन का त्योहार बड़े धूमधाम से मनाया जा रहा है। घरों से लेकर कोचिंग संस्थानों, जेलों और राजनीतिक गलियारों तक भाई-बहन के इस खास रिश्ते की खूबसूरत तस्वीरें देखने को मिल रही हैं। बिहार में इस बार रक्षाबंधन का एक खास नजारा देखने को मिला, जहां कुछ लोगों की कलाई पर इतनी ज्यादा राखियां बांधी गईं कि उन सभी राखियों का कुल वजन 5 किलो से ज्यादा हो गया।
एक राखी नहीं, कई राखियों का कुल वजन 5 किलो से ज्यादा
रक्षाबंधन की इस खबर का सबसे खास पहलू यह है कि 5 किलो वजन की कोई एक राखी नहीं है। बल्कि इतनी बड़ी संख्या में राखियां बांधी गई हैं कि उन सभी का कुल वजन मिलाकर 5 किलो से ज्यादा हो गया है।
आम तौर पर एक राखी का वजन करीब 20 ग्राम के आसपास हो सकता है। ऐसे में 5 किलो कुल वजन कई राखियों को मिलाकर बनता है। यही वजह है कि कलाई पर इतनी ज्यादा राखियां बंधने के बाद हाथ उठाना भी मुश्किल हो गया।
ज्ञान बिंदु जीएस एकेडमी में राखियों से भर गई कलाई
ज्ञान बिंदु जीएस एकेडमी के डायरेक्टर रौशन आनंद अपनी कोचिंग में छात्राओं के साथ रक्षाबंधन मना रहे हैं। इस दौरान छात्राओं ने उन्हें एक के बाद एक बड़ी संख्या में राखियां बांधीं।
रौशन आनंद के हाथ में बंधी इन सभी राखियों का कुल वजन करीब 5 किलो बताया जा रहा है। राखियों की संख्या इतनी ज्यादा हो गई कि उनके लिए हाथ उठाना तक मुश्किल हो गया।
छात्राओं के लिए 84 तरह की डिश का इंतजाम
रक्षाबंधन के मौके पर ज्ञान बिंदु जीएस एकेडमी में छात्राओं के लिए खाने का भी खास इंतजाम किया गया है। यहां 84 तरह की डिश बनवाई गई हैं।
मिठाई में काजू कतली, गुलाबजामुन और रसगुल्ले समेत कई चीजों का इंतजाम किया गया है। वहीं खाने में साउथ इंडियन से लेकर चाइनीज आइटम तक शामिल हैं।
इसके अलावा बिहार का पसंदीदा लिट्टी-चोखा भी रखा गया है। जो लोग सादा खाना पसंद करते हैं, उनके लिए भी अलग से व्यवस्था की गई है।
खान सर की कलाई पर भी राखियों का कुल वजन 5 किलो से ज्यादा
रक्षाबंधन के मौके पर खान सर भी पटना के एके मेमोरियल हॉल में राखी का त्योहार मना रहे हैं। उनके हाथ में भी बड़ी संख्या में राखियां बांधी गई हैं।
इन सभी राखियों को मिलाकर उनका कुल वजन 5 किलो से ज्यादा हो गया है। राखियों की संख्या इतनी अधिक है कि खान सर भी अपना हाथ ठीक से उठा नहीं पा रहे हैं।
बिहार की जेलों में भी बहनों ने भाइयों को बांधी राखी
रक्षाबंधन के मौके पर बिहार की जेलों में भी भाई-बहन के रिश्ते की खास तस्वीर देखने को मिली। जेलों में पहुंचीं बहनें अपने भाइयों को सलाखों के बाहर से राखी बांध रही हैं।
इस दौरान कई जगह भावुक माहौल देखने को मिला। जेल में बंद भाइयों से मिलने पहुंची बहनों ने राखी बांधकर उनके साथ रक्षाबंधन का त्योहार मनाया।
CM सम्राट चौधरी ने मुख्यमंत्री आवास पर बंधवाई राखी
बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने भी मुख्यमंत्री आवास पर बहनों से राखी बंधवाई। इस दौरान वह पीले रंग के कुर्ते और पिंक धोती में नजर आए।
बहनों ने मुख्यमंत्री की कलाई पर राखी बांधी और उन्हें रक्षाबंधन की शुभकामनाएं दीं। मुख्यमंत्री आवास पर भी त्योहार को लेकर खास माहौल देखने को मिला।
स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार ने ब्रह्माकुमारी दीदियों से बंधवाई राखी
बिहार के स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार ने अपने आवास पर ब्रह्माकुमारी दीदियों से राखी बंधवाई। इस दौरान उन्होंने रक्षाबंधन का त्योहार मनाया और बहनों से राखी बंधवाई।
नीतीश कुमार ने पेड़ लगाने और बचाने की अपील की
रक्षाबंधन के मौके पर नीतीश कुमार ने लोगों से पेड़ लगाने और उन्हें बचाने की अपील की। उन्होंने रक्षाबंधन को पर्यावरण संरक्षण से जोड़ते हुए लोगों से पेड़ों की रक्षा करने और ज्यादा से ज्यादा पौधे लगाने का संदेश दिया।
दिल्ली में रक्षाबंधन मनाएगा लालू यादव का परिवार
लालू प्रसाद यादव का पूरा परिवार भी रक्षाबंधन के लिए दिल्ली में मौजूद है। दिल्ली में ही तेजस्वी यादव और तेज प्रताप यादव अपनी बहनों से राखी बंधवाएंगे।
इस तरह लालू परिवार भी रक्षाबंधन के मौके पर दिल्ली में एक साथ त्योहार मनाएगा।
प्रशांत किशोर को पार्टी कार्यालय में महिलाओं ने बांधी राखी
जन सुराज पार्टी के सूत्रधार और बांकीपुर से विधायक प्रशांत किशोर ने भी रक्षाबंधन मनाया। पार्टी कार्यालय में महिलाओं ने उन्हें राखी बांधी।
राखी बंधवाने के बाद प्रशांत किशोर ने सभी बहनों का आभार जताया और उन्हें रक्षाबंधन की शुभकामनाएं दीं।
बिहार में रक्षाबंधन के अलग-अलग रंग देखने को मिले
बिहार में इस बार रक्षाबंधन के मौके पर भाई-बहन के रिश्ते के कई अलग-अलग रंग देखने को मिले। कहीं कोचिंग में छात्राओं ने अपने डायरेक्टर की कलाई राखियों से भर दी, तो कहीं जेलों में बहनों ने सलाखों के बाहर से भाइयों को राखी बांधी।
वहीं खान सर और रौशन आनंद की कलाई पर इतनी ज्यादा राखियां बांधी गईं कि सभी राखियों का कुल वजन 5 किलो से ज्यादा हो गया। दूसरी तरफ 84 तरह के पकवानों के इंतजाम ने भी रक्षाबंधन के इस आयोजन को खास बना दिया।
एक त्योहार, कई खास तस्वीरें
रक्षाबंधन सिर्फ राखी बांधने का त्योहार नहीं है, बल्कि भाई-बहन के प्यार और रिश्ते का प्रतीक भी है। बिहार में इस बार कोचिंग संस्थानों से लेकर जेलों और नेताओं के आवास तक इस त्योहार की रौनक देखने को मिली।
सैकड़ों राखियों से कलाई भर जाना और उनका कुल वजन 5 किलो से ज्यादा होना इस रक्षाबंधन की सबसे खास तस्वीरों में से एक बन गया है।