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UP Politics: हाजी सलमान मामले में भाजपा vs भाजपा! विधायक और बड़े BJP नेता भिड़े, बुलाई गई 35 बिरादरियों की महापंचायत..

UP Politics: हाजी सलमान मामले में भाजपा vs भाजपा! विधायक और बड़े BJP नेता भिड़े, बुलाई गई 35 बिरादरियों की महापंचायत..

UP Politics: गाजियाबाद के लोनी में भाजपा के अंदर चल रहा विवाद अब खुले शक्ति प्रदर्शन में बदल गया है। जिस मामले की शुरुआत हाजी सलमान से जुड़े विवाद और उसके बाद भाजपा नेता अनिल कसाना की प्रेसवार्ता से हुई थी, वह अब लोनी विधायक नंदकिशोर गुर्जर बनाम भाजपा नेता अनिल कसाना के दो खेमों तक पहुंच गया है। रविवार को दोनों पक्षों ने अलग-अलग महापंचायत कर अपनी ताकत दिखाई। एक तरफ विधायक के समर्थन में 36 बिरादरियों की हिंदू महापंचायत हुई तो दूसरी तरफ विधायक के विरोध में 12 गांवों के लोगों ने पंचायत की। दोनों जगह एक-दूसरे पर आरोप लगाए गए। माहौल को देखते हुए पुलिस ने करीब 1000 लोगों को शांति व्यवस्था के लिए पाबंद किया है।

हाजी सलमान को लेकर पहले से गरम था लोनी का माहौल

इस पूरे विवाद की पृष्ठभूमि में हाजी सलमान का मामला है। हालिया रिपोर्टों के मुताबिक हाजी सलमान पर लोनी विधायक नंदकिशोर गुर्जर को धमकी देने का आरोप लगा था। इस मामले में उनके खिलाफ कार्रवाई हुई और बाद में राजस्थान के चित्तौड़गढ़ से उनकी गिरफ्तारी की खबर भी सामने आई। रिपोर्टों के मुताबिक वह लोनी थाने का हिस्ट्रीशीटर भी बताया गया है और उस पर 25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया था।

5 सितंबर को अनिल कसाना ने बुलाई थी प्रेसवार्ता

इसके बाद 5 सितंबर को लोनी के दो नंबर इलाके में स्थित एक रेस्टोरेंट में भाजपा नेता अनिल कसाना ने प्रेसवार्ता की। यह प्रेसवार्ता हाजी सलमान द्वारा एक हिंदू युवक से कथित मारपीट के बाद बिगड़े माहौल को लेकर रखी गई थी।

प्रेसवार्ता में पूर्व विधायक और सपा नेता जाकिर अली समेत अन्य लोग भी मौजूद थे। यानी हाजी सलमान से जुड़े मामले को लेकर अनिल कसाना सार्वजनिक तौर पर अपनी बात रख रहे थे।

प्रेसवार्ता के बाद पहुंच गए विधायक नंदकिशोर गुर्जर

प्रेसवार्ता के बाद लोनी विधायक नंदकिशोर गुर्जर वहां पहुंचे। इसके बाद विधायक और अनिल कसाना के बीच तीखी बहस और विवाद हो गया। यही घटनाक्रम आगे चलकर भाजपा के अंदर बड़े टकराव की वजह बन गया।

इस घटना के बाद विधायक और कसाना समर्थकों के बीच आरोप-प्रत्यारोप तेज होते गए। विधायक का कथित तौर पर गाली देने वाला वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, हालांकि वीडियो सामने आने के बाद नंदकिशोर गुर्जर ने गाली देने से इनकार किया था।

हाजी सलमान के मामले पर दोनों नेताओं की दिशा क्या थी?

यहां एक बात समझना जरूरी है। उपलब्ध रिपोर्टों के आधार पर ऐसा नहीं कहा जा सकता कि नंदकिशोर गुर्जर हाजी सलमान के पक्ष में थे और अनिल कसाना उनके खिलाफ थे। उल्टा, विधायक नंदकिशोर गुर्जर खुद हाजी सलमान से जुड़े मामलों में कार्रवाई की मांग करते रहे हैं।

विधायक के समर्थन में हुई महापंचायत में भी वक्ताओं ने कहा कि निठौरा गांव के एक युवक समेत कुछ लोगों के साथ मारपीट की घटनाओं के बाद विधायक ने हाजी सलमान के खिलाफ कार्रवाई की मांग उठाई थी। पंचायत ने हाजी सलमान से जुड़े लोगों, उनके पक्ष में हुई प्रेसवार्ता और उससे जुड़े घटनाक्रम की जांच की मांग भी की।

यानी मौजूदा टकराव को केवल हाजी सलमान के समर्थन बनाम विरोध के तौर पर देखना सही नहीं होगा। हाजी सलमान का मामला वह मुद्दा है जिससे विवाद की शुरुआत और राजनीतिक टकराव का सिलसिला आगे बढ़ा, लेकिन अब मुख्य लड़ाई नंदकिशोर गुर्जर और अनिल कसाना के समर्थक खेमों के बीच दिखाई दे रही है।

विधायक के समर्थन में 36 बिरादरियों की महापंचायत

रविवार को सिरौली गांव स्थित एक स्कूल में लोनी विधायक नंदकिशोर गुर्जर के समर्थन में महापंचायत बुलाई गई। आयोजकों ने इसे 36 बिरादरियों की हिंदू महापंचायत बताया। इसमें आसपास के कई गांवों के लोग और विभिन्न सामाजिक संगठनों से जुड़े लोग पहुंचे।

महापंचायत में हाल की आपराधिक घटनाओं, सामाजिक विवाद और कानून-व्यवस्था की स्थिति पर चर्चा हुई। पंचायत में विधायक के समर्थन में प्रस्ताव रखे गए और उनके विरोध करने वाले भाजपा नेताओं की भूमिका की जांच की मांग भी उठी।

विधायक बोले- हिंदुत्व और गौरक्षा की लड़ाई जारी रहेगी

महापंचायत को संबोधित करते हुए नंदकिशोर गुर्जर ने कहा कि वह हिंदुत्व और गौरक्षा के मुद्दे पर अपनी लड़ाई जारी रखेंगे। उन्होंने कहा कि लोनी की शांति खराब करने वालों का हर स्तर पर विरोध किया जाएगा।

विधायक ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग भी की। उनके समर्थन में हुई पंचायत में यह भी कहा गया कि विधायक ने हिंदू बच्चों और परिवारों से जुड़े मामलों में आवाज उठाई है।

विधायक की हत्या की योजना का भी लगाया गया आरोप

विधायक के समर्थन में हुई महापंचायत में कुछ वक्ताओं ने गंभीर आरोप लगाए। दावा किया गया कि हाजी सलमान के मामले को लेकर कुछ नेताओं ने लखनऊ में विपक्ष के मुखिया से बातचीत कर नंदकिशोर गुर्जर की हत्या की योजना बनाई थी।

हालांकि यह महापंचायत में लगाया गया आरोप है और इसकी स्वतंत्र पुष्टि सामने नहीं आई है। इसलिए इसे आरोप या दावे के रूप में ही देखा जाना चाहिए, किसी स्थापित तथ्य के रूप में नहीं।

सामाजिक विवाद सुलझाने के लिए 51 सदस्यीय समिति का फैसला

विधायक समर्थक पंचायत में सामाजिक विवादों को आपसी बातचीत से सुलझाने के लिए 51 सदस्यीय समिति गठित करने का निर्णय भी लिया गया। इसका उद्देश्य क्षेत्र में होने वाले सामाजिक विवादों में संबंधित पक्षों को साथ बैठाकर समाधान निकालना बताया गया।

पंचायत की ओर से सामाजिक सौहार्द और शांति बनाए रखने पर भी जोर दिया गया।

दूसरी तरफ अनिल कसाना के समर्थन में 12 गांवों की पंचायत

इसी दौरान रिस्तल गांव में भाजपा नेता और पूर्व ब्लॉक प्रमुख अनिल कसाना के समर्थन में अलग महापंचायत हुई। इसमें 12 गांवों के लोग शामिल हुए।

इन गांवों में कोतवालपुर, राजपुर, भूपखेड़ी, धारीपुर, सिरोरा, रेवड़ी, गढ़ी कलजरी, जावली, रिस्तल, महमूदपुर, शकलपुर और सीती शामिल हैं।

कसाना पक्ष ने विधायक पर लगाया अभद्रता का आरोप

रिस्तल की पंचायत में वक्ताओं ने नंदकिशोर गुर्जर पर समाज के लोगों के साथ अभद्रता करने का आरोप लगाया। उनका कहना था कि लोनी की पहचान सामाजिक एकता और भाईचारे के लिए रही है, लेकिन विधायक के कथित आचरण से इस माहौल को नुकसान पहुंच रहा है।

विधायक के कथित आचरण के खिलाफ निंदा प्रस्ताव भी पेश किया गया और भाजपा के शीर्ष नेतृत्व से कार्रवाई की मांग की गई।

अनिल कसाना बोले- यह राजनीति नहीं, समाज के सम्मान का मामला

अनिल कसाना ने पंचायत में कहा कि यह मामला चुनाव या राजनीति का नहीं है, बल्कि समाज के सम्मान का मामला है। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में जनता इसका जवाब देगी।

यानी कसाना समर्थक पंचायत ने सीधे तौर पर विधायक के खिलाफ अपना विरोध दर्ज कराया और इस पूरे विवाद को सामाजिक सम्मान से जोड़कर पेश किया।

भाजपा ने कहा- पार्टी का विवाद नहीं, दोनों पक्षों का आपसी मामला

विवाद के बीच भाजपा संगठन ने इसे पार्टी के अंदर का औपचारिक विवाद मानने से दूरी बनाई है। भाजपा जिला अध्यक्ष चैनपाल सिंह ने कहा कि यह दोनों पक्षों का आपसी मामला है और पार्टी से जुड़ा कोई विवाद नहीं है।

उन्होंने बताया कि इस संबंध में हाईकमान को जानकारी दे दी गई है।

1000 लोग पाबंद, चारों थानों को अलर्ट

दोनों महापंचायतों और क्षेत्र में बढ़ते तनाव को देखते हुए पुलिस ने भी सतर्कता बढ़ा दी है। डीसीपी देहात सुरेंद्र नाथ तिवारी के मुताबिक करीब 1000 लोगों को शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए पाबंद किया गया है।

पुलिस के मुताबिक इनमें ऐसे लोग भी शामिल हैं, जिनसे क्षेत्र का माहौल खराब होने की आशंका हो सकती है। पंचायतों और दूसरे कार्यक्रमों में शामिल लोगों की भी निगरानी की जा रही है। लोनी क्षेत्र के चारों थानों को अलर्ट रखा गया है।

लोनी में अब असली टकराव किस बात पर है?

पूरे घटनाक्रम को जोड़कर देखें तो विवाद की शुरुआत हाजी सलमान से जुड़े मामले और उसके बाद अनिल कसाना की प्रेसवार्ता से हुई। प्रेसवार्ता के बाद नंदकिशोर गुर्जर और अनिल कसाना के बीच विवाद हुआ। इसके बाद मामला व्यक्तिगत और राजनीतिक आरोपों में बदलता गया और अब दोनों पक्षों ने अलग-अलग महापंचायत कर अपना शक्ति प्रदर्शन किया है।

एक तरफ विधायक समर्थक 36 बिरादरियों के समर्थन का दावा कर रहे हैं, दूसरी तरफ कसाना के समर्थन में 12 गांवों की पंचायत हुई। यानी हाजी सलमान से शुरू हुआ मुद्दा अब लोनी में भाजपा के भीतर दो खेमों के खुले टकराव में बदल चुका है।

आगे क्या होगा, इस पर सबकी नजर

फिलहाल पुलिस की प्राथमिकता लोनी में शांति व्यवस्था बनाए रखना है। करीब 1000 लोगों को पाबंद करने के साथ ही स्थानीय पुलिस दोनों पक्षों की गतिविधियों पर नजर रख रही है।

दूसरी तरफ भाजपा संगठन को भी पूरे विवाद की जानकारी दी जा चुकी है। अब देखना यह होगा कि पार्टी नेतृत्व इस टकराव को सिर्फ दोनों पक्षों का आपसी मामला मानकर छोड़ता है या नंदकिशोर गुर्जर और अनिल कसाना के बीच बढ़ते विवाद को लेकर कोई संगठनात्मक कदम उठाता है।