UP Crime News: मथुरा के कोसीकलां के सराफा बाजार स्थित ज्वेलरी शोरूम में हुई करोड़ों रुपये की चोरी के मामले में पुलिस को बड़ी कामयाबी मिली है। पुलिस ने शोरूम के पूर्व कर्मचारी पप्पू को हिरासत में लिया है। उसके कब्जे से करीब 7 किलोग्राम स्वर्ण आभूषण और 11 लाख रुपये की नकदी बरामद होने की बात सामने आई है। पुलिस के अनुसार, आरोपी ने कथित तौर पर अकेले ही पूरी वारदात को अंजाम दिया और करीब सात घंटे तक शोरूम के अंदर मौजूद रहा। खास बात यह है कि 15 सितंबर को अमर उजाला ने कर्मचारियों पर शक की सुई वाली खबर प्रकाशित की थी, जो अब सही साबित होती नजर आ रही है।
कोसीकलां के ज्वेलरी शोरूम में हुई थी करोड़ों की चोरी
मथुरा के कोसीकलां में सराफा बाजार स्थित ज्वेलरी शोरूम के मालिक वरुण अग्रवाल हैं, जो बल्देवगंज निवासी बताए गए हैं। रविवार शाम को रोज की तरह शोरूम बंद करके कर्मचारी और मालिक चले गए थे। सोमवार सुबह जब शोरूम खोला गया तो अंदर का नजारा देखकर सभी के होश उड़ गए।
शोरूम के अंदर वाले गेट का ताला टूटा हुआ था। संदेह होने पर जब स्ट्रांग रूम की जांच की गई तो वहां से करीब 10 किलो सोने के आभूषण और 15 लाख रुपये की नकदी गायब मिली। चोरी हुए सोने की कीमत करीब 13 करोड़ रुपये बताई गई थी।
पुलिस और फोरेंसिक टीम ने शुरू की जांच
करोड़ों रुपये की चोरी की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची। घटना की गंभीरता को देखते हुए फोरेंसिक टीम को भी बुलाया गया। इसके अलावा डॉग स्क्वायड की टीम ने भी मौके पर पहुंचकर जांच में मदद की।
पुलिस ने शोरूम और उसके आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालनी शुरू की। फुटेज में एक संदिग्ध मुंह ढके हुए शोरूम के आसपास दिखाई दिया। उसके आने-जाने की गतिविधियां कैमरे में कैद हुईं, जिससे पुलिस को वारदात की पूरी टाइमलाइन समझने में मदद मिली।
सात घंटे तक शोरूम के अंदर रहा चोर
पुलिस की शुरुआती जांच के अनुसार, चोर रविवार रात करीब 10 बजे छत के रास्ते से शोरूम तक पहुंचा था। इसके बाद उसने शोरूम के अंदर वाले दरवाजे का ताला मिनी गैस कटर की मदद से काटा और अंदर दाखिल हो गया।
सीसीटीवी फुटेज में संदिग्ध सुबह करीब पांच बजे शोरूम के गेट से बाहर निकलता दिखाई दिया। इस तरह पुलिस ने अंदाजा लगाया कि आरोपी करीब सात घंटे तक शोरूम के अंदर रहा और इसी दौरान उसने सोने के आभूषण और नकदी चोरी की।
पुलिस को कर्मचारियों पर क्यों हुआ शक?
करोड़ों की चोरी के बाद पुलिस ने शोरूम से जुड़े लोगों और कर्मचारियों की भूमिका को भी जांच के दायरे में लिया। इसी बीच 15 सितंबर को अमर उजाला ने “करोड़ों की चोरी के मामले में कर्मचारियों पर शक की सुई” शीर्षक से खबर प्रकाशित की थी।
अब पुलिस द्वारा पूर्व कर्मचारी पप्पू को हिरासत में लिए जाने और उसके कब्जे से बड़ी मात्रा में सोने के आभूषण और नकदी बरामद होने के बाद उस एंगल की पुष्टि होती नजर आ रही है।
हालांकि, पुलिस की ओर से मामले का आधिकारिक और विस्तृत खुलासा किए जाने के बाद ही चोरी की पूरी साजिश, आरोपी की भूमिका और वारदात के पीछे की वजह स्पष्ट होगी।
पूर्व कर्मचारी पप्पू पुलिस की हिरासत में
मामले की जांच में जुटी पुलिस ने रामनगर निवासी पप्पू को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की। बताया जा रहा है कि पप्पू पहले इसी शोरूम में काम कर चुका था।
पुलिस के अनुसार, पूछताछ के दौरान उससे महत्वपूर्ण जानकारी मिली और उसके कब्जे से करीब 7 किलोग्राम स्वर्ण आभूषण तथा 11 लाख रुपये की नकदी बरामद की गई। पुलिस को आशंका है कि बरामद सामान इसी चोरी की वारदात से जुड़ा है।
अकेले वारदात को अंजाम देने का दावा
पुलिस की शुरुआती जानकारी के मुताबिक पप्पू ने कथित तौर पर अकेले ही चोरी की वारदात को अंजाम दिया। सीसीटीवी फुटेज में भी एक ही संदिग्ध के शोरूम में आने और बाहर निकलने की जानकारी सामने आई है।
बताया जा रहा है कि आरोपी रात करीब 10 बजे छत के रास्ते से अंदर पहुंचा और सुबह करीब पांच बजे बाहर निकला। इस दौरान उसने शोरूम के अंदर रहकर स्ट्रांग रूम तक पहुंच बनाई और सोने के आभूषण व नकदी लेकर फरार हो गया।
करीब 7 किलो सोना और 11 लाख रुपये बरामद
पुलिस की कार्रवाई में पप्पू के कब्जे से करीब 7 किलोग्राम स्वर्ण आभूषण और 11 लाख रुपये की नकदी बरामद होने की बात सामने आई है। शुरुआती शिकायत में शोरूम से करीब 10 किलो सोने के आभूषण और 15 लाख रुपये नकद चोरी होने की जानकारी दी गई थी।
इस हिसाब से पुलिस ने चोरी गए माल के एक बड़े हिस्से को बरामद करने में सफलता हासिल की है। बाकी सामान के बारे में पूछताछ और जांच जारी है।
चोरी से पहले शोरूम की जानकारी होने का शक
पुलिस की शुरुआती जांच में पूर्व कर्मचारी का नाम सामने आना इसलिए भी अहम है क्योंकि शोरूम में पहले काम कर चुका व्यक्ति अंदर की व्यवस्था, स्ट्रांग रूम की स्थिति और आने-जाने के रास्तों से परिचित हो सकता है।
हालांकि, आरोपी ने वास्तव में किस तरह पूरी वारदात की योजना बनाई, उसे शोरूम की कौन-कौन सी जानकारी पहले से थी और चोरी के माल को कहां रखने की योजना थी, इसका पूरा खुलासा पुलिस की विस्तृत पूछताछ और आधिकारिक प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद ही हो सकेगा।
11 पुलिस टीमों ने रातभर की तलाश
करोड़ों रुपये की चोरी के मामले को गंभीरता से लेते हुए पुलिस ने जांच के लिए 11 टीमें लगाई थीं। डीआईजी शैलेश पांडेय, एसएसपी श्लोक कुमार, सीओ भूषण वर्मा और प्रभारी निरीक्षक कमलेश सिंह की निगरानी में पुलिस टीमें घटना के खुलासे में जुटी थीं।
पुलिस टीमों ने रातभर संदिग्धों की तलाश की और सीसीटीवी फुटेज समेत दूसरे साक्ष्यों को खंगाला। इसी जांच के दौरान पूर्व कर्मचारी पप्पू तक पुलिस पहुंची और उसे हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की गई।
करोड़ों की चोरी की पूरी कहानी क्या है?
पूरे मामले को आसान भाषा में समझें तो रविवार शाम शोरूम बंद हुआ। रात करीब 10 बजे आरोपी छत के रास्ते से शोरूम तक पहुंचा। उसने मिनी गैस कटर से अंदर के दरवाजे का ताला काटा और शोरूम में दाखिल हो गया।
इसके बाद वह करीब सात घंटे तक अंदर रहा। इस दौरान स्ट्रांग रूम से करीब 10 किलो सोने के आभूषण और 15 लाख रुपये नकद चोरी किए गए। सुबह करीब पांच बजे संदिग्ध शोरूम से बाहर निकल गया।
सोमवार सुबह जब शोरूम खोला गया तो चोरी का पता चला। पुलिस, फोरेंसिक टीम और डॉग स्क्वायड ने जांच शुरू की। सीसीटीवी फुटेज खंगाले गए और 11 पुलिस टीमों ने जांच तेज की। इसके बाद पुलिस ने पूर्व कर्मचारी पप्पू को हिरासत में लिया और उसके कब्जे से करीब 7 किलो सोना तथा 11 लाख रुपये नकद बरामद किए।
अब पुलिस के आधिकारिक खुलासे का इंतजार
फिलहाल पुलिस की कार्रवाई से करोड़ों रुपये की चोरी के मामले में बड़ा सुराग हाथ लगा है। पूर्व कर्मचारी पप्पू से पूछताछ जारी है और बरामद सोने व नकदी को चोरी की वारदात से जोड़कर जांच की जा रही है।
पुलिस शाम तक इस पूरे मामले का आधिकारिक खुलासा कर सकती है। इसके बाद यह स्पष्ट होगा कि चोरी की पूरी योजना कैसे बनाई गई, आरोपी ने अकेले वारदात को कैसे अंजाम दिया, चोरी का बाकी माल कहां है और क्या इस मामले में किसी अन्य व्यक्ति की भूमिका भी सामने आती है।
I have started working as a crime reporter in 2011 for a daily local newspaper named ‘Khusro Mail’. I have also worked for many news organization such as Public Vibe app and Oneindia Hindi news portal. Now I am working as Editor In Chief for Rocket Post Bharat (rocketpostbharat.com).