CAA Notification: लोकसभा चुनाव से ठीक पहले नागरिकता (संशोधन) अधिनियम लागू करने को लेकर केंद्रीय गृह मंत्री ने सरकार का रुख साफ़ कर दिया है। शनिवार को एक कार्यक्रम के दौरान उन्होंने कहा कि चुनाव से पहले इसे लेकर अधिसूचना आ जाएगी। इस संबंध में नियम जारी करने के बाद इसे लोकसभा चुनाव से पहले ही लागू किया जाएगा।
क्या है नागरिकता (संशोधन) अधिनियम ?
सबसे पहले आपको यह जानना जरूरी है कि आखिर यह नागरिकता संशोधन बिल क्या है। दरअसल, यह बिल पडोसी देशों में रहने वाले उन अल्पसंख्यक लोगों के लिए है, जिनका धार्मिक आधार पर उत्पीड़न हो रहा है और वह शरण लेने हिंदुस्तान आ गए हैं। इस बिल के मुताबिक भारत में उनको नागरिकता दी जाएगी। नीचे दिए कुछ तथ्यों के जरिये इस बिल के बारे में समझा जा सकता है।
=> नागरिकता संसोधन विधेयक 2019 के तहत बांग्लादेश, पाकिस्तान और अफगानिस्तान से भारत में आने वाले अल्पसंख्यक यानी हिन्दू, सिख, बौद्ध, जैन, पारसी आदि धर्म के लोगों को भारतीय नागरिकता दी जाएगी।
=> इस विधेयक के मुताबिक पड़ोसी देशों से भारत आए अल्संख्यक यदि 5 साल से भारत में रह रहे हैं तो वे अब भारत की नागरिकता प्राप्त कर सकते है। इससे पहले भारत की नागरिकता प्राप्त करने के लिए 11 साल भारत में रहना अनिवार्य था।
=> वहीं इन पडोसी देशों से आए धार्मिक अल्पसंख्यक प्रवासी, जो 31 दिसंबर 2014 से भारत में अवैध रूप से रह रहे हैं, वह भारतीय नागरिकता के लिए आवेदन कर सकते हैं।
अबतक क्या हुआ ?
=> नागरिकता संशोधन विधेयक 2016 में मोदी सरकार द्वारा संसद में पेश किया गया। इसमें 1955 के नागरिकता कानून में कुछ संशोधन किये गए, जिसके अनुसार भारत के तीन पड़ोसी देश यानी पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान से आए गैर मुस्लिम शरणार्थियों को नागरिकता दी जानी थी। 12 अगस्त 2016 को इसे संयुक्त संसद कमेटी के पास भेजा गया था।
=> इसके बाद कमेटी ने 7 जनवरी 2019 को रिपोर्ट सौंपी थी। फिर 9 दिसंबर 2019 को अमित शाह ने लोकसभा में नागरिकता संशोधन बिल पेश किया। 11 दिसंबर 2019 को राज्यसभा में इस बिल के पक्ष में 125 वोट और खिलाफ 99 वोट पड़े थे। फिर अगले ही दिन 12 दिसंबर को भारत के राष्ट्रपति ने इसे अपनी स्वीकृति प्रदान कर दी और यह विधेयक एक अधिनियम बन गया।
=> साथ ही 20 दिसंबर 2019 को पाकिस्तान से आए 7 शरणार्थियों को भारतीय नागरिकता देकर इस अधिनियम को लागू भी कर दिया गया। 10 जनवरी 2020 से यह अधिनियम प्रभावी भी हो गया।
CAA का विरोध, सड़के जाम

गौरतलब है कि लोकसभा में आने से पहले ही नागरिकता संशोधन बिल विवाद में था, लेकिन जब यह कानून बन गया तब इसके खिलाफ विरोध और भी तेज हो गया। इसी दौरान दिल्ली में कई जगह लोग सड़कों पर आ गए और धरना प्रदर्शन शुरू कर दिए। 23 फरवरी 2020 की रात जाफराबाद मेट्रो स्टेशन के पास एकत्रित हुई भीड़ हिंसक हो गई और विरोध प्रदर्शन ने दंगों का रूप ले लिया।
CAA बिल पास, अधिसूचना जारी होना बाकी
हालांकि, देशभर में हुए विरोध प्रदर्शन और हिंसा के बावजूद यह बिल कानून की शक्ल ले चुका था, बस इसका नोटिफिकेशन जारी होना बाकी था। वहीं आज यानी शनिवार को गृह मंत्री अमित शाह ने ईटी ग्लोबल बिजनेस समिट के दौरान दिए गए इंटरव्यू में कहा कि यह देश का कानून है और लोकसभा चुनाव 2024 से पहले इसे नोटिफाई कर दिया जाएगा और चुनाव से पहले ही पूरे देश में लागू कर दिया जाएगा।
गृह मंत्री अमित शाह ने यह भी कहा कि “CAA लागू करने का वादा कांग्रेस ने किया था, लेकिन वो अपने वादे से मुकर गई।” उन्होंने कहा, “हमारे मुस्लिम भाइयों को सीएए के खिलाफ गुमराह किया जा रहा है और भड़काया जा रहा है। यह किसी की भारतीय नागरिकता छीनने के लिए नहीं है।”
लोकसभा में भाजपा को 400 से ज्यादा सीटें
उधर, गृह मंत्री अमित शाह ने अपने संबोधन में लोकसभा चुनाव 2024 का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि इस बार भाजपा को 300 से ज्यादा सीट मिलेंगी। जबकि, राजग (एनडीए) 400 से ज्यादा सीट हासिल करेगा।” इस दौरान उन्होंने राहुल गाँधी की भारत जोड़ो न्याय यात्रा पर भी हमला बोलते हुए कहा कि “नेहरू-गांधी परिवार के वारिस को इस तरह के मार्च के साथ आगे बढ़ने का कोई अधिकार नहीं है, क्योंकि 1947 में देश के विभाजन के लिए उनकी पार्टी जिम्मेदार थी।