Banda News: उत्तर प्रदेश के बांदा जिले से एक ऐसी घटना सामने आई है, जिसे सुनकर आप भी हैरानी में पड़ जाएंगे। यहां बांदा डिपो के रोडवेज बस के एक ड्राइवर और कंडेक्टर ने सारे नियमों को तोड़कर मानवता की मिसाल पेश की है। उन्हें नो एंट्री में पुलिस वालों ने रोका भी और चालान की धमकी भी दी, पर सब कबूल करते हुए यह लोग सवारी से भरी बस लेकर अस्पताल पहुंच गए। वजह थी रक प्रेग्नेंट महिला, जिसने बस में ही बच्चे को जन्म दे दिया था।
बस में बच्चे का हुआ जन्म
दरअसल, चित्रकूट जिले के भरतपुर थाना अंतर्गत भरसौंदा गांव के रहने वाला मजदूर परिवार कटाई के काम से मटौध थाना अंतर्गत इचौली गांव आए थे। काम खत्म होने के बाद वह लोग वापस अपने गांव जाने के लिए मटौन्ध से बांदा डिपो की रोडवेज बस में बैठ गए। इन लोगों में एक गर्भवती महिला भी थी। अचानक महिला के पेट में दर्द उठने लगा। कन्डेक्टर को इसकी जानकारी हुई, तो उसने बस को सीधा अस्पताल लेने के लिए कहा।
नो एंट्री में बस लेके घुसा ड्राइवर, पुलिस ने रोका
साथ ही साथ कंडक्टर ने इसकी जानकारी जिला अस्पताल के डॉक्टर को फोन पर भी दे दी। मगर, प्रसूता ने चलती बस में खैराडा के पास एक बच्ची को जन्म दे दिया। बच्चे की डिलीवरी में बस में बैठी अन्य सवारियों सहायता की। लेकिन ड्राइवर और कंडक्टर बस लेकर जैसे ही जिला अस्पताल के लिए जिला न्यायालय मोड पर मुड़े, उनकी बस को पुलिसवालों ने रोक लिया। उन्होंने कहा कि “नो एंट्री में नहीं जाने देंगे अगर बस निकाली तो चालान करेंगे।” पर ड्राइवर और कंडक्टर ने इस बात की परवाह न करते हुए जच्चा बच्चा को सुरक्षित महिला अस्पताल पहुंचाया और वापस अपने रूट को चले गए।