3

Recent News

कानपुर में सनसनी: पिता ने 11 साल की जुड़वा बेटियों का गला काटा, दर्दनाक मौत.. खुद पुलिस को फोन किया और..

Kanpur Double Murder: उत्तर प्रदेश के Kanpur से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहां एक पिता…

Fire Accident Video: फिरोजाबाद की 150 साल पुरानी मंडी में भीषण आग, 60 से ज्यादा दुकानें राख, करोड़ों का नुकसान..
Love Jihad: 17 साल की नाबालिग हिन्दू लड़की से 10 लड़कों ने 3 साल तक किया रेप.. 1 ने फंसाया, फिर दोस्तों के सामने परोसा

Love Jihad: गुजरात के Kheda जिले से एक बेहद गंभीर मामला सामने आया है, जहां एक 17 वर्षीय नाबालिग हिन्दू…

Viral Video: नशे में धुत्त BJP पूर्व मंत्री के बेटे ने की छेड़छाड़, गिरफ्तार.. टहलने निकली माँ-बेटी ने बनाया वीडियो

Cricket News: अफगानिस्तान के पूर्व तेज गेंदबाज Shapoor Zadran इस समय गंभीर बीमारी से जूझ रहे हैं। उन्हें ICU में…

Viral Video: नशे में धुत्त BJP पूर्व मंत्री के बेटे ने की छेड़छाड़, गिरफ्तार.. टहलने निकली माँ-बेटी ने बनाया वीडियो

Viral Video: उत्तर प्रदेश के Muzaffarnagar में छेड़छाड़ का गंभीर मामला सामने आया है। नई मंडी क्षेत्र में देर रात…

3

Recent News

Kanpur Double Murder: उत्तर प्रदेश के Kanpur से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहां एक पिता…

Love Jihad: गुजरात के Kheda जिले से एक बेहद गंभीर मामला सामने आया है, जहां एक 17 वर्षीय नाबालिग हिन्दू…

Cricket News: अफगानिस्तान के पूर्व तेज गेंदबाज Shapoor Zadran इस समय गंभीर बीमारी से जूझ रहे हैं। उन्हें ICU में…

Viral Video: उत्तर प्रदेश के Muzaffarnagar में छेड़छाड़ का गंभीर मामला सामने आया है। नई मंडी क्षेत्र में देर रात…

Breaking News

कीटनाशकों से डीएनए को होने वाले नुकसान की पहचान होगी, जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज में होंगे अत्याधुनिक शोध

जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज की मेडिकल रिसर्च यूनिट (एमआरयू) में अब खून में घुले कीटनाशकों और धातु तत्वों से डीएनए को होने वाले नुकसान की पहचान की जा सकेगी। अत्याधुनिक उपकरणों की सहायता से शोधकर्ता यह पता लगा सकेंगे कि सब्जियों और डिब्बाबंद खाद्य पदार्थों के जरिए शरीर में पहुंचने वाले इन तत्वों से किस हद तक डीएनए और प्रोटीन पर असर पड़ता है। इस जानकारी से न केवल रोगों का बेहतर उपचार संभव होगा, बल्कि थेरेपी देने में भी मदद मिलेगी।

रोगों के बदलते मिजाज पर होगा शोध, मेडिकल रिसर्च यूनिट में आएंगे अत्याधुनिक उपकरण

कॉलेज के प्राचार्य, डॉक्टर संजय काला ने बताया कि नए उपकरणों की मदद से कोशिका स्तर पर विस्तृत जांच की जा सकेगी और डीएनए कोड में आने वाली गड़बड़ियों का पता लगाया जा सकेगा। ये गड़बड़ियां हीमोग्लोबिन से संबंधित समस्याओं, हीमोफीलिया और अन्य जटिल रोगों का कारण बन सकती हैं। उन्होंने बताया कि मेडिकल रिसर्च यूनिट में फ्लो साइटोमीटर, आईसीएमएस एम एस, इलेक्ट्रोलिसिस और ऑटोमेटेड बायोकेमिकल एनालाइजर जैसे अत्याधुनिक उपकरण लगाए जाएंगे। इनसे न्यूक्लिक एसिड, लिंफोसाइट, डीएनए, आरएनए, धातु तत्वों और प्रोटीन की जांच संभव हो सकेगी।

जीएसबीएम मेडिकल कॉलेज प्राचार्य डॉक्टर संजय काला।

स्टेम सेल क्षेत्र में नए शोधों को मिलेगा बल

प्राचार्य डॉक्टर काला ने बताया कि स्टेम सेल के क्षेत्र में भी नए शोध शुरू किए जाएंगे, जिनसे नकली और असली स्टेम सेल की पहचान हो सकेगी। इस तकनीक के विकास से रोगों की शुरुआत में ही पहचान कर इलाज किया जा सकेगा, जिससे रोगियों की स्थिति गंभीर होने से पहले ही उन्हें स्वस्थ किया जा सकेगा।इस पहल से कैंसर, डायबिटीज, न्यूरो रोग और मल्टी ऑर्गन फेल्योर जैसी गंभीर बीमारियों के इलाज में भी नया रास्ता खुल सकेगा। नेशनल मेडिकल कमिशन (एनएमसी) के निर्देश पर उपकरणों की उपलब्धता की प्रक्रिया भी शुरू हो गई है। इससे जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज को रोगों के बदलते ट्रेंड को समझने और नए उपचार विकसित करने में महत्वपूर्ण सफलता मिलेगी।