Breaking News: नोएडा में भड़की श्रमिक हिंसा के मामले में बड़ा एक्शन लेते हुए यूपी एसटीएफ ने फरार आरोपी Aditya Anand को तमिलनाडु से गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस के मुताबिक यह सिर्फ एक स्थानीय विरोध नहीं था, बल्कि इसके पीछे सुनियोजित डिजिटल साजिश के संकेत मिले हैं।
तमिलनाडु से गिरफ्तारी, 1 लाख का इनामी था आरोपी
- आदित्य आनंद को तिरुचिरापल्ली रेलवे स्टेशन से पकड़ा गया
- उस पर ₹1 लाख का इनाम घोषित था
- गिरफ्तारी के लिए नोएडा पुलिस की 6 टीमें लगी थीं
- कोर्ट ने पहले ही NBW (गैर-जमानती वारंट) जारी किया था
WhatsApp ग्रुप बनाकर भड़काया आंदोलन
पुलिस जांच में सामने आया:
- आदित्य ने Rupesh Rai और Manisha के साथ मिलकर
- 9 और 10 अप्रैल को कई WhatsApp ग्रुप बनाए
- QR कोड के जरिए लोगों को जोड़ा गया
- ग्रुप में भड़काऊ मैसेज और भाषण दिए गए
मकसद:
श्रमिकों को सड़क पर उतारना और हिंसा के लिए उकसाना
‘डिजिटल साजिश’ और पाकिस्तान कनेक्शन
जांच में बड़ा खुलासा हुआ है:
- सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर सक्रिय हैंडल
- @Proudindiannavi
- @Mir_Ilyas_INC
ये दोनों अकाउंट पाकिस्तान से ऑपरेट हो रहे थे
- VPN के जरिए लोकेशन छिपाई गई
- भड़काऊ और भ्रामक कंटेंट पोस्ट किया गया
- IP एड्रेस भी पाकिस्तान से जुड़े पाए गए
पुलिस का दावा: 3 महीने से चल रही थी साजिश
Lakshmi Singh के मुताबिक:
- यह नेटवर्क पिछले 3 महीनों से सक्रिय था
- लक्ष्य था:
- कानून-व्यवस्था बिगाड़ना
- श्रमिकों को हिंसा के लिए उकसाना
अब बैकडेटा मंगवाकर पूरे नेटवर्क की जांच की जा रही है
13 अप्रैल को भड़की थी हिंसा
इस साजिश का असर 13 अप्रैल को दिखा:
- नोएडा के कई इलाकों में हिंसा
- ईंट-पत्थरबाजी
- आगजनी और तोड़फोड़
पुलिस अब तक 63 आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है
कौन है आदित्य आनंद?
- NIT जमशेदपुर से बीटेक किया हुआ
- आंदोलन के दौरान लगातार नोएडा में मौजूद
- डिजिटल तरीके से नेटवर्क खड़ा किया
पुलिस के मुताबिक वह इस पूरे नेटवर्क का मुख्य चेहरा था
मजदूर संगठन से लिंक
जांच में सामने आया कि:
- यह नेटवर्क कथित “मजदूर बिगुल दास्ता” से जुड़ा था
- रूपेश राय, मनीषा और आदित्य—तीनों इसके एक्टिव सदस्य थे
इन्होंने मिलकर श्रमिकों को हिंसक प्रदर्शन के लिए उकसाया
जमीन से ज्यादा डिजिटल युद्ध
यह मामला सिर्फ एक लोकल विरोध नहीं, बल्कि:
- सोशल मीडिया आधारित मोबिलाइजेशन
- डिजिटल प्रोपेगेंडा
- और संभावित क्रॉस-बॉर्डर इंफ्लुएंस
यानी अब आंदोलन सिर्फ सड़कों पर नहीं,
ऑनलाइन भी तैयार किए जा रहे हैं
I have started working as a crime reporter in 2011 for a daily local newspaper named ‘Khusro Mail’. I have also worked for many news organization such as Public Vibe app and Oneindia Hindi news portal. Now I am working as Editor In Chief for Rocket Post Bharat (rocketpostbharat.com).