3

Recent News

धोखे में डूबी मोहब्बत का खौफनाक अंत! टूटा भरोसा, बिखरे रिश्तों के बीच मौतों ने सबको हिलाया। जानिए पूरी घटना और चौंकाने वाली सच्चाई!

इश्क की आग में जले रिश्ते: जब मोहब्बत ने चुनी हिंसा, जब भरोसा टूटा और जिंदगी मौत बन गई आज…

हापुड़ में पति ने पत्नी को पढ़ा-लिखाकर SI बनाया लेकिन नौकरी लगते ही पत्नी ने दहेज़ उत्पीड़न की FIR कर दी। लव स्टोरी से FIR तक की पूरी कहानी।

पति ने पढ़ा-लिखा कर SI बनाया… और नौकरी लगते ही ने पत्नी ने दिया धोखा या कुछ और!  हापुड़  Love…

पीलीभीत में कुर्की और लखनऊ में FIR! KGMU डॉक्टर रमीज पर धर्मांतरण, फर्जी निकाह और यौन शोषण के गंभीर आरोप, पुलिस तलाश में।

 KGMU डॉक्टर रमीज मलिक पर धर्मांतरण–यौन शोषण आरोप: पैतृक पीलीभीत आवास पर कुर्की नोटिस, गिरोह की तलाश जारी, संगठित नेटवर्क…

बांग्लादेश में हिंदू महिला से गैंगरेप, पेड़ से बांधकर बाल काटे और वीडियो वायरल। झेनाइदह की घटना ने मानवता को शर्मसार किया।

बांग्लादेश में मानवता शर्मसार: झेनाइदह में हिंदू विधवा से गैंग रेप, पेड़ से बांधकर काटे बाल — सवालों के घेरे…

वोटर लिस्ट SIR जांच में फंसे तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी, कोलकाता में चुनाव आयोग का नोटिस, विजय हजारे के कारण सुनवाई में नहीं हो सके शामिल।

अमरोहा से कोलकाता तक सियासी हलचल: तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी पर चुनाव आयोग का नोटिस, SIR सुनवाई के लिए समन…

3

Recent News

इश्क की आग में जले रिश्ते: जब मोहब्बत ने चुनी हिंसा, जब भरोसा टूटा और जिंदगी मौत बन गई आज…

पति ने पढ़ा-लिखा कर SI बनाया… और नौकरी लगते ही ने पत्नी ने दिया धोखा या कुछ और!  हापुड़  Love…

 KGMU डॉक्टर रमीज मलिक पर धर्मांतरण–यौन शोषण आरोप: पैतृक पीलीभीत आवास पर कुर्की नोटिस, गिरोह की तलाश जारी, संगठित नेटवर्क…

बांग्लादेश में मानवता शर्मसार: झेनाइदह में हिंदू विधवा से गैंग रेप, पेड़ से बांधकर काटे बाल — सवालों के घेरे…

अमरोहा से कोलकाता तक सियासी हलचल: तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी पर चुनाव आयोग का नोटिस, SIR सुनवाई के लिए समन…

Breaking News

जज को दरोगा बनने का आशिर्वाद देने की कहानी बांदा में हो रही चरितार्थ, एसपी का आदेश नही मान रहे थानाध्यक्ष

जज को दरोगा बनने का आशिर्वाद देने की कहानी बांदा में हो रही चरितार्थ, एसपी का आदेश नही मान रहे थानाध्यक्ष
अनशन करते पीड़ित

आपने एक कहानी तो सुनी ही होगी जिसमें एक गरीब वृद्ध केस जीतने के बाद जज को धन्यवाद देते हुआ दुआ करता है की ईश्वर उन्हें दरोगा बना दे तभी जज साहब बुजुर्ग से कहते है की बाबा क्या आपको पता नही की जज दरोगा से बहुत बड़ा होता है । बुजुर्ग बोला नही साहब मेरे लिए तो अब दरोगा ही बड़ा है क्यों की जिस केस को खत्म करने में आपको सालों लग गए और मेरे हजारों रुपए खर्च हो गए। इसी केस को हमारे क्षेत्र के दरोगा जी उसी दिन खत्म करने को कह रहे थे बस दस हजार की मांग कर रहे थे अगर मैं तभी दरोगा जी को दस हजार रूप दे देता तो केस उसी दिन खत्म हो जाता।

कुछ यही आलम उत्तर प्रदेश के बांदा जिले का भी है जहां के थानाध्यक्ष जनपद के पुलिस अधीक्षक के आदेश भी नहीं मानते और फरियादी भटकते नजर आते हैं।

दरअसल पूरा मामला अशोक लाट अंशल स्थल का है जहां कमासिन थाना क्षेत्र अंतर्गत कंदोहरा गांव के निवासी न्याय की आश में अंशन पर बैठे हैं। पीड़ितों ने बताया की उनके परिवार के सदस्य पर 31 दिसंबर 2024 को नामजद और कुछ अज्ञात लोगों ने जानलेवा हमला किया था जिससे उन्हें गंभीर चोटें आईं थी और इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई थी जिसके बाद वह कमासिन थाना पहुंचे जहां के थानाध्यक्ष ने उन्हें बबेरू थाना पहुंचा दिया वह बबेरू थाना पहुंचे तो वहां के थानाध्यक्ष ने भी भगा दिया फिर पुलिस अधीक्षक अंकुर अग्रवाल से मिले जिन्होंने मुकदमा लिखने और कार्रवाई करने का आदेश दिया पर फिर भी मुकदमा नही लिखा गया वो लोग अनशन पर बैठे तो बबेरू पुलिस मुकदमा लिखने और कार्रवाई करने का आश्वासन देकर ले गई और थाने में दो घंटे बैठाए रहे और धमकाते रहे । जिसके बाद वह एक बार फिर धरने पर बैठने को मजबूर हैं।

यह कोई पहला मामला नहीं है ऐसे कई मामले अलग अलग थानों से सामने आ चुके हैं जहां एसपी और अपर एसपी के आश्वासन के बावजूद कार्रवाई शून्य रही।

इस लचर कार्यशैली का बस एक ही कारण नजर आता है जनपद के पुलिस अधीक्षक का अपने अधिनस्थो पर अधिक भरोसा और जरूरत से ज्यादा छूट देना इतना ही नहीं फरियादियों की समस्याओं को गंभीरता से न लेने को कड़ी भी कहीं न कहीं नजर आ रही है जिसके चलते भ्रष्ट कर्मचारियों की चांदी ही चांदी हो रही है। अब देखने वाली बात यह होगी की ऐसी कार्यशैली का अंजाम क्या होता है।