3

Recent News

ग्रेटर नोएडा में श्रमिक आंदोलन पर बड़ा खुलासा: सरकार सख्त, जायज़ मांगों पर विचार, अराजक तत्वों पर शिकंजा कसने की…

अंबेडकर जयंती पर यूपी में भयंकर बवाल: भीड़ ने DSP, तहसीलदार सहित पुलिस की कई गाड़ियां तोड़ दी, लगाई आग..
Fuel Price India: पेट्रोल ₹18 और डीजल ₹35 तक महंगा हो सकता है? कच्चे तेल की कीमतों ने बढ़ाई टेंशन..

Fuel Price India: देश में पेट्रोल-डीजल की कीमतें फिलहाल स्थिर हैं, लेकिन यह राहत ज्यादा दिन नहीं रह सकती। विदेशी…

Breaking News: PM Modi और Donald Trump के बीच 40 मिनट बातचीत, बोले—“भारत के लोग आपको..”

Breaking News: भारत के प्रधानमंत्री Narendra Modi और अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump के बीच करीब 40 मिनट तक फोन…

Election Commission पर भड़के BJP के धुरंधर मुख्यमंत्री, हिमंत बिस्वा सरमा ने कहा - ‘ECI के खिलाफ फाइल करूंगा PIL’

Election Commission: असम विधानसभा चुनाव 2026 खत्म होने के बाद भी सियासत थमती नजर नहीं आ रही है। Himanta Biswa…

3

Recent News

ग्रेटर नोएडा में श्रमिक आंदोलन पर बड़ा खुलासा: सरकार सख्त, जायज़ मांगों पर विचार, अराजक तत्वों पर शिकंजा कसने की…

Fuel Price India: देश में पेट्रोल-डीजल की कीमतें फिलहाल स्थिर हैं, लेकिन यह राहत ज्यादा दिन नहीं रह सकती। विदेशी…

Breaking News: भारत के प्रधानमंत्री Narendra Modi और अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump के बीच करीब 40 मिनट तक फोन…

Election Commission: असम विधानसभा चुनाव 2026 खत्म होने के बाद भी सियासत थमती नजर नहीं आ रही है। Himanta Biswa…

Breaking News

जज को दरोगा बनने का आशिर्वाद देने की कहानी बांदा में हो रही चरितार्थ, एसपी का आदेश नही मान रहे थानाध्यक्ष

जज को दरोगा बनने का आशिर्वाद देने की कहानी बांदा में हो रही चरितार्थ, एसपी का आदेश नही मान रहे थानाध्यक्ष
अनशन करते पीड़ित

आपने एक कहानी तो सुनी ही होगी जिसमें एक गरीब वृद्ध केस जीतने के बाद जज को धन्यवाद देते हुआ दुआ करता है की ईश्वर उन्हें दरोगा बना दे तभी जज साहब बुजुर्ग से कहते है की बाबा क्या आपको पता नही की जज दरोगा से बहुत बड़ा होता है । बुजुर्ग बोला नही साहब मेरे लिए तो अब दरोगा ही बड़ा है क्यों की जिस केस को खत्म करने में आपको सालों लग गए और मेरे हजारों रुपए खर्च हो गए। इसी केस को हमारे क्षेत्र के दरोगा जी उसी दिन खत्म करने को कह रहे थे बस दस हजार की मांग कर रहे थे अगर मैं तभी दरोगा जी को दस हजार रूप दे देता तो केस उसी दिन खत्म हो जाता।

कुछ यही आलम उत्तर प्रदेश के बांदा जिले का भी है जहां के थानाध्यक्ष जनपद के पुलिस अधीक्षक के आदेश भी नहीं मानते और फरियादी भटकते नजर आते हैं।

दरअसल पूरा मामला अशोक लाट अंशल स्थल का है जहां कमासिन थाना क्षेत्र अंतर्गत कंदोहरा गांव के निवासी न्याय की आश में अंशन पर बैठे हैं। पीड़ितों ने बताया की उनके परिवार के सदस्य पर 31 दिसंबर 2024 को नामजद और कुछ अज्ञात लोगों ने जानलेवा हमला किया था जिससे उन्हें गंभीर चोटें आईं थी और इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई थी जिसके बाद वह कमासिन थाना पहुंचे जहां के थानाध्यक्ष ने उन्हें बबेरू थाना पहुंचा दिया वह बबेरू थाना पहुंचे तो वहां के थानाध्यक्ष ने भी भगा दिया फिर पुलिस अधीक्षक अंकुर अग्रवाल से मिले जिन्होंने मुकदमा लिखने और कार्रवाई करने का आदेश दिया पर फिर भी मुकदमा नही लिखा गया वो लोग अनशन पर बैठे तो बबेरू पुलिस मुकदमा लिखने और कार्रवाई करने का आश्वासन देकर ले गई और थाने में दो घंटे बैठाए रहे और धमकाते रहे । जिसके बाद वह एक बार फिर धरने पर बैठने को मजबूर हैं।

यह कोई पहला मामला नहीं है ऐसे कई मामले अलग अलग थानों से सामने आ चुके हैं जहां एसपी और अपर एसपी के आश्वासन के बावजूद कार्रवाई शून्य रही।

इस लचर कार्यशैली का बस एक ही कारण नजर आता है जनपद के पुलिस अधीक्षक का अपने अधिनस्थो पर अधिक भरोसा और जरूरत से ज्यादा छूट देना इतना ही नहीं फरियादियों की समस्याओं को गंभीरता से न लेने को कड़ी भी कहीं न कहीं नजर आ रही है जिसके चलते भ्रष्ट कर्मचारियों की चांदी ही चांदी हो रही है। अब देखने वाली बात यह होगी की ऐसी कार्यशैली का अंजाम क्या होता है।