छत्रपति शाहू जी महाराज जयंती 2025: किया सामाजिक न्याय के प्रतीक को नमन
✊ सामाजिक क्रांति के योद्धा को नमन
पीलीभीत में समाजवादी पार्टी ने शुक्रवार को एक ऐतिहासिक अवसर पर छत्रपति शाहू जी महाराज की जयंती धूमधाम से मनाई। कार्यक्रम का आयोजन सपा के जनपद कार्यालय पर जिला अध्यक्ष जगदेव सिंह ‘जग्गा’ की अध्यक्षता में हुआ। मंच को शाहू जी महाराज के चित्र से सजाया गया और कार्यकर्ताओं ने पुष्प अर्पित कर उन्हें नमन किया। यह आयोजन सिर्फ श्रद्धांजलि नहीं, बल्कि सामाजिक न्याय की अलख जगाने का माध्यम भी बना।
👑छत्रपति शाहू जी महाराज जयंती 2025: राजा जो समाज के सबसे पिछड़ों के लिए जिए
जगदेव सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि छत्रपति शाहू जी महाराज भारत के इतिहास में वे राजा थे जिन्होंने सत्ता को सामाजिक सुधार का माध्यम बनाया। उन्होंने महात्मा फुले के विचारों को अपने राज्य में जमीन पर उतारा और अछूतों, पिछड़ों व दलितों के अधिकारों की लड़ाई को अपना जीवन-धर्म बना लिया। बाबा साहब अंबेडकर को अमेरिका भेजकर उच्च शिक्षा दिलवाने में उनका योगदान ऐतिहासिक है। उन्होंने कहा कि शाहू जी सम्राट अशोक के बाद सबसे कल्याणकारी शासक थे।
👶 बचपन में संघर्ष, युवावस्था में बदलाव का बीज
कार्यक्रम में सपा नेत्री दिव्या गंगवार ने बताया कि शाहू जी के जीवन की शुरुआत ही संघर्ष से भरी थी। मात्र तीन वर्ष की उम्र में माँ और बारह वर्ष में पिता का देहांत हो गया। शाहू जी ने कोल्हापुर में शिक्षा हासिल करने के बाद में जब वे राजा बने, तो उन्होंने 50% आरक्षण लागू कर भारत में सामाजिक न्याय की नींव रखी।
🗳️ छत्रपति शाहू जी महाराज जयंती 2025: आयोजन में जुटे जिले भर के सपा नेता
कार्यक्रम में प्रमुख रूप से सपा जिला महासचिव नफीस अहमद अंसारी, बीसलपुर की पूर्व प्रत्याशी दिव्या पी गंगवार, एडवोकेट धनपति वर्मा, सदर विधानसभा अध्यक्ष इम्तियाज अल्वी, उपाध्यक्ष बालकराम सागर, युवजन सभा अध्यक्ष हरगोविंद गंगवार, चौधरी प्रदीप पटेल, एडवोकेट गोविंद पांडे, संदीप सक्सेना, सतेन्द्र मौर्य, पिछड़ा वर्ग प्रकोष्ठ जिलाध्यक्ष निरंजन गंगवार सहित तमाम नेता, कार्यकर्ता एवं पदाधिकारी उपस्थित रहे। सबने मिलकर शाहू जी के आदर्शों को जन-जन तक पहुंचाने का संकल्प लिया।
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📜 यह आयोजन क्यों हुआ?
छत्रपति शाहू जी महाराज की जयंती 26 जून को होती है। वह आधुनिक भारत के पहले ऐसे राजा थे जिन्होंने सामाजिक न्याय की दिशा में कार्य किया। आज जब देश में सामाजिक विषमता और जातीय असमानता पर फिर से चर्चा हो रही है, ऐसे समय में शाहू जी के विचार और कार्य एक आदर्श के रूप में प्रस्तुत किए जा रहे हैं। सपा ने इस अवसर को सामाजिक न्याय के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दिखाने के रूप में चुना।