मुज़फ्फरनगर जनप्रतिनिधि बनाम प्रशासन: SDM निकिता शर्मा पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप, कैबिनेट मंत्री ने की मुख्यमंत्री से शिकायत
मुज़फ्फरनगर SDM निकिता शर्मा भ्रष्टाचार मामला: SDM पर मंत्री के आरोप
मुज़फ्फरनगर में प्रशासन और जनप्रतिनिधियों के बीच का टकराव एक नए मोड़ पर पहुंच गया है। उत्तर प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री अनिल कुमार ने सदर उप जिलाधिकारी निकिता शर्मा पर भ्रष्टाचार, जनविरोधी रवैये और भूमाफियाओं से सांठगांठ के गंभीर आरोप लगाकर सियासी हलकों में हलचल मचा दी है। मंत्री ने इस संबंध में सीधे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से शिकायत कर कार्रवाई की मांग की है।
⚠️ मुज़फ्फरनगर जनप्रतिनिधि बनाम प्रशासन: SDM का व्यवहार जनप्रतिनिधियों और जनता के प्रति असहयोगात्मक?
मंत्री अनिल कुमार का आरोप है कि SDM निकिता शर्मा का व्यवहार न केवल जनप्रतिनिधियों, बल्कि आम जनता के प्रति भी अपमानजनक और अड़ियल है। मंत्री का कहना है कि एक प्रशासनिक अधिकारी का यह रवैया लोकतांत्रिक मूल्यों के विरुद्ध है और इससे जनता में प्रशासन के प्रति विश्वास कम हो रहा है।
🏗️ भूमाफियाओं से सांठगांठ और अवैध प्लाटिंग का आरोप
सबसे गंभीर आरोपों में से एक यह है कि SDM पर स्थानीय भूमाफियाओं से मिलकर अवैध प्लाटिंग कराने का आरोप है। मंत्री का दावा है कि SDM की जानकारी में यह सब हो रहा है और उनकी भूमिका संदिग्ध है। यदि ये आरोप सही साबित होते हैं, तो यह एक बड़े भूमि घोटाले का संकेत हो सकता है।
🔎 पहले से चल रही है गोपनीय जांच
मुज़फ्फरनगर जनप्रतिनिधि बनाम प्रशासन: सूत्रों के अनुसार, एक माह पूर्व भी SDM निकिता शर्मा के खिलाफ शिकायत दर्ज की गई थी, जिसकी गोपनीय जांच वर्तमान में जारी है। अब मंत्री द्वारा की गई सार्वजनिक शिकायत इस जांच को और अधिक गंभीर बना सकती है। इससे यह स्पष्ट होता है कि इस मामले को पहले भी प्रशासनिक स्तर पर गंभीरता से लिया गया था।
🧾 प्रशासन पर पहले भी उठ चुके हैं सवाल
यह पहली बार नहीं है जब जिले में प्रशासन के खिलाफ सवाल खड़े हुए हों। इससे पहले पूर्व केंद्रीय मंत्री संजीव बालियान ने भी जिले की पुलिस पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए थे। अब जब कैबिनेट मंत्री भी प्रशासनिक अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठा रहे हैं, तो यह जिला प्रशासन की साख के लिए गंभीर चुनौती बन गया है।
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यह मामला सिर्फ एक अधिकारी के खिलाफ आरोप का नहीं, बल्कि जिले में प्रशासन और जनप्रतिनिधियों के बीच विश्वास संकट का प्रतीक बनता जा रहा है। देखना होगा कि मुख्यमंत्री कार्यालय इस मामले पर क्या रुख अपनाता है, और क्या आने वाले समय में SDM के खिलाफ कोई कार्रवाई होती है या नहीं।