3

Recent News

बड़ी खबर: Delhi IGI Airport पर SpiceJet और Akasa Air के विमान टकराए, आखिर गलती किसकी? देखें वीडियो..

Delhi IGI Airport: दिल्ली के इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर गुरुवार दोपहर एक बड़ा विमान हादसा टल गया, जब दो…

UP Train Accident: रेलवे ट्रैक पर पड़ी लाश देख रहे थे लोग, दूसरी ट्रेन ने 5 को कुचला, मौत.. 50 मीटर तक बिखरे टुकड़े

UP Train Accident: उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में बुधवार शाम एक दिल दहला देने वाला हादसा हुआ, जिसमें पांच लोगों…

UP Viral Video: DM मैडम की मीटिंग में अचानक घुस आया लंगूर, फिर जो हुआ.. हैरान रह जाएंगे आप! देखें वीडियो..

UP Viral Video: उत्तर प्रदेश के बागपत में किसान दिवस की बैठक के दौरान एक ऐसा नजारा देखने को मिला,…

Parliament Special Session 2026: परिसीमन बिल पर मोदी ने दी चेतावनी, अखिलेश-कांग्रेस को दिया ब्लैंक चेक

Parliament Special Session 2026: संसद का विशेष सत्र गुरुवार से शुरू होते ही सियासी गर्मी तेज हो गई। जैसे ही…

Bulldozer Action UP: संभल में ईदगाह और इमामबाड़ा जमींदोज, DM बोले - "बुलडोजर चलाने का खर्च भी वसूलेंगे"

Bulldozer Action UP: उत्तर प्रदेश के संभल जिले में गुरुवार को प्रशासन ने बड़ा बुलडोजर एक्शन लेते हुए ईदगाह और…

3

Recent News

Delhi IGI Airport: दिल्ली के इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर गुरुवार दोपहर एक बड़ा विमान हादसा टल गया, जब दो…

UP Train Accident: उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में बुधवार शाम एक दिल दहला देने वाला हादसा हुआ, जिसमें पांच लोगों…

UP Viral Video: उत्तर प्रदेश के बागपत में किसान दिवस की बैठक के दौरान एक ऐसा नजारा देखने को मिला,…

Parliament Special Session 2026: संसद का विशेष सत्र गुरुवार से शुरू होते ही सियासी गर्मी तेज हो गई। जैसे ही…

Bulldozer Action UP: उत्तर प्रदेश के संभल जिले में गुरुवार को प्रशासन ने बड़ा बुलडोजर एक्शन लेते हुए ईदगाह और…

Breaking News

विदेश में गूंजा भारत, PM मोदी ने बजाईं तालियाँ

“जब मोदी जी ने विदेश में तालियाँ बजाकर भारत की मिट्टी की खुशबू बिखेर दी!”

विदेश में गूंजा भारत: सोचिए ज़रा… आप हज़ारों किलोमीटर दूर किसी विदेशी ज़मीन पर हैं। माहौल एकदम अलग, चेहरों की भाषा अलग, लेकिन तभी वहां गूंजती है आपकी अपनी भाषा — भोजपुरी! वो भी चौताल के रंग में। और सामने बैठा भारत का सबसे बड़ा नेता, देश का प्रधानमंत्री — जो इस पर झूम उठता है, दिल से तालियाँ बजाता है! क्या आप भावुक नहीं हो जाएंगे?”

ये कोई कल्पना नहीं… ये हकीकत है, और इस ऐतिहासिक पल का गवाह बना त्रिनिदाद और टोबैगो का पोर्ट ऑफ़ स्पेन, जहां भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल ही में भारतीय मूल के लोगों के एक सांस्कृतिक कार्यक्रम में हिस्सा लिया।

विदेश में गूंजा भारत: जहां संस्कृति बोलती है, वहां दूरी मायने नहीं रखती

त्रिनिदाद और टोबैगो एक छोटा सा देश है, लेकिन यहां की मिट्टी में भारत की खुशबू आज भी बसी है। सैकड़ों साल पहले जब हमारे पूर्वज, खासकर उत्तर प्रदेश और बिहार के भोजपुरिया लोग, मजदूरी के लिए जहाजों में बैठकर इस धरती पर पहुंचे थे, तो वे अपने साथ सिर्फ शरीर नहीं, भाषा, गीत, त्योहार और आत्मा लेकर आए थे।

वहीं से भोजपुरी चौताल भी आई — वो लोकधुन जो होली के गीतों में गूंजती है, जिसमें लोग ढोल-मंजीरे की थाप पर एक-दूसरे को रंगते हैं… और यह परंपरा आज भी त्रिनिदाद की गलियों में जिंदा है।

यूपी रोजगार मिशन:1 लाख को देश में,30 हजार को विदेश में नौकरी

वो पल जब मोदी जी तालियों से भावुक हो उठे

कार्यक्रम में जब वहां के कलाकारों ने पारंपरिक भोजपुरी चौताल की प्रस्तुति दी — तो पीएम मोदी खुद को रोक नहीं पाए। उनकी आंखों में चमक थी, चेहरे पर मुस्कान और हाथ… तालियाँ बजाने में मसरूफ़। ये तालियाँ सिर्फ एक कलाकार को सम्मान नहीं थी, ये उस सदियों पुराने सांस्कृतिक रिश्ते को सलाम थी, जो बिना किसी काग़ज़, बिना किसी राजनीतिक समझौते के — दिलों में बसा है।

वो पल अपने आप में ऐतिहासिक था — एक ऐसा दृश्य जहां भारत का प्रधानमंत्री कूटनीतिक भाषण नहीं, बल्कि दिल से संवाद कर रहा था।

विदेश में गूंजा भारत: भोजपुरी चौताल क्या है, क्यों है खास?

भोजपुरी चौताल कोई आम गीत नहीं है। ये भावनाओं का रंग है, जिसमें ग्रामीण भारत की आत्मा बसती है। यह गीत होली, फगुआ, शादी-ब्याह या किसी भी बड़े आयोजन में गाया जाता है। इसमें समूह में गाकर समाज के लोगों को एकजुट किया जाता है।

इसमें शब्द सरल होते हैं, लेकिन भावना गहरी होती है। ढोलक की थाप पर जब चौताल शुरू होती है, तो लगता है जैसे गांव-घर की गलियों में फिर से रौनक लौट आई हो।

और अब सोचिए — यही चौताल अगर त्रिनिदाद जैसे देश में गूंजे, और उस पर भारत का प्रधानमंत्री झूम उठे… तो क्या यह भारत की संस्कृति की जीत नहीं है?

विदेशी धरती पर भारतीयता का उत्सव

त्रिनिदाद और टोबैगो में आज भी लाखों प्रवासी भारतीय रहते हैं। ये लोग भले ही शारीरिक रूप से भारत से दूर हैं, लेकिन उनके दिलों में काशी, मगध, आरा, बलिया और बनारस धड़कता है। वो आज भी भोजपुरी में बोलते हैं, तुलसी की रामायण गाते हैं, और चौताल की थाप पर नाचते हैं।

प्रधानमंत्री मोदी ने इसी जड़ से जुड़े भारतीयों को न केवल सराहा, बल्कि भारत सरकार की ओर से उनके योगदान को सम्मान भी दिया। यह केवल राजनयिक संबंध नहीं, यह संवेदनात्मक कनेक्शन है।

विदेश में गूंजा भारत: तालियों से दुनिया को संदेश

इस कार्यक्रम से एक बात और साफ़ हो गई — कि संस्कृति कभी मरती नहीं है, बस उसे पहचानने और सराहने की जरूरत होती है। जब पीएम मोदी ने चौताल पर तालियाँ बजाईं, तो उन्होंने सिर्फ संगीत को नहीं सराहा — उन्होंने ये दिखाया कि भारत की असली ताकत उसकी संस्कृति और उसकी जड़ें हैं।

यह घटना सिर्फ एक कार्यक्रम नहीं थी। यह एक सांस्कृतिक पुनर्जागरण था — जो भारत और विश्व में फैले हर उस व्यक्ति को याद दिलाता है कि वो भारत से जुड़ा है, भारत उसकी आत्मा है।

श्रीकृष्ण जन्मभूमि केस: HC ने याचिका खारिज की, हिंदू पक्ष को बड़ा झटका