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UP Rainfall: जानिए प्रदेश में जिलावार बारिश और बाढ़ का हाल, अब तक कितनों की हुई मौत

उत्तर प्रदेश में मानसूनी तबाही: बाढ़, बारिश और प्रशासनिक प्रयासों का दस्तावेज़

UP Rainfall: उत्तर प्रदेश में मानसून का कहर लगातार बढ़ता जा रहा है। गंगा, यमुना, घाघरा, राप्ती और शारदा जैसी प्रमुख नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। पहाड़ों से आए पानी और लगातार मूसलाधार बारिश के कारण राज्य के कई जिले जलमग्न हो चुके हैं। मकानों के गिरने, जनहानि, फसल नष्ट होने और जीवनचर्या के पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो जाने से प्रदेश त्राहिमाम कर रहा है। इस लेख में हम जिलेवार विश्लेषण कर रहे हैं कि किस जिले में क्या हालात हैं और प्रशासन की ओर से क्या प्रयास किए जा रहे हैं।

बहराइच: नदियों के उफान से गांव घिरे, सैलाब में फंसी जिंदगियां

UP Rainfall: बहराइच की चार तहसीलें—मोतीपुर, नानपारा, महसी और सुजौली—भारी बाढ़ से प्रभावित हैं। नेपाल से छोड़े गए पानी के कारण सरयू और शारदा नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ा है। दर्जनों गांवों की फसलें डूब गईं हैं, घरों में चार-चार फीट तक पानी भरा है। ग्रामीण ऊंचे स्थानों पर शरण ले रहे हैं। प्रशासन ने 44 बाढ़ चौकियां और आश्रय स्थल बनाए हैं। पीएसी और एनडीआरएफ की टीमें तैनात की गई हैं।

धामपुर (बिजनौर): एंबुलेंस फंसी, अवैध वसूली

UP Rainfall: धामपुर के कालागढ़ मार्ग पर एंबुलेंस मरीज को लेने जा रही थी कि अचानक वह इकड़ा नदी के उफान में फंस गई। स्थानीय ट्रैक्टर चालक गाड़ी निकालने के बदले ₹500 की अवैध वसूली आरोप लगा है। पूरे क्षेत्र में जलभराव के कारण जनजीवन पूरी तरह से अस्त-व्यस्त हो गया है।

झांसी: पिकनिक में गई दो युवकों की दर्दनाक मौत

UP Rainfall: सीपरी बाजार थाना क्षेत्र में पहुज डैम पर नहाते समय दो युवक तेज बहाव में बह गए। दोस्तों की मदद के बावजूद दोनों की जान नहीं बच सकी। पूरी घटना का वीडियो वायरल हो चुका है। पुलिस ने शव बरामद कर पोस्टमार्टम के लिए भेजे हैं।

बलरामपुर: खेत में डूबकर बुजुर्ग की मौत

राप्ती नदी का जलस्तर चेतावनी बिंदु पार कर चुका है। खेत जा रहे एक बुजुर्ग की नाले में डूबने से मौत हो गई। परिवार में कोहराम मचा है। सुजौली थाना क्षेत्र के कुटिया गांव की घटना ने प्रशासन को सतर्क कर दिया है।

सीतापुर: अस्पताल और मकान डूबे, मौतें भी हुईं

लगातार बारिश से जिला अस्पताल में पानी भर गया है। मरीजों को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। इमलिया सुल्तानपुर थाना क्षेत्र में कच्ची दीवार गिरने से एक व्यक्ति की मौत और तीन घायल हुए हैं। प्रशासन राहत कार्य में लगा हुआ है।

शाहजहाँपुर: अलर्ट जारी, जलस्तर बढ़ा, मंदिरों तक खतरा

गंगा, गर्रा और खन्नौत नदियों का जलस्तर बढ़ गया है। हनुमत धाम मंदिर के आसपास बाढ़ का खतरा मंडरा रहा है। जिलाधिकारी धर्मेन्द्र प्रताप सिंह ने प्रभावित इलाकों का दौरा कर अधिकारियों को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं। 6500 क्यूसेक पानी छोड़े जाने से अगले तीन दिन में और हालात बिगड़ सकते हैं।

बलिया: 42 गांव जलमग्न, मकान और झोपड़ियां ढहीं

गंगा नदी का जलस्तर 59.83 मीटर तक पहुंच चुका है। अब तक 22 मकान और 24 झोपड़ियां ढह चुकी हैं। 17453 पैकेट पका भोजन और 2400 राहत किटें बांटी गई हैं। सदर और बैरिया तहसील सबसे ज्यादा प्रभावित हैं।

लखीमपुर खीरी: शारदा नदी उफान पर, पलायन शुरू

वनबसा बैराज से एक लाख क्यूसेक से अधिक पानी छोड़े जाने के कारण शारदा नदी ने पलिया तहसील में कहर बरपा दिया है। सड़कों, खेतों और गलियों में पानी भर चुका है। गांववाले ऊंचे स्थानों पर पलायन कर रहे हैं।

मिर्जापुर: स्कूल और चौकियां डूबीं, मंदिर मार्ग बंद

गंगा का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर है। तिलई मौआर का कंपोजिट विद्यालय और खैरा पुलिस चौकी पूरी तरह डूब चुके हैं। 346 गांवों में हजारों एकड़ फसल डूब चुकी है। वाराणसी मार्ग बाधित हो गया है। गंगा तटवर्ती लोग भय के साए में हैं।

बांदा: बेतवा और यमुना ने तबाही मचाई

पैलानी और बबेरू तहसील के गांव पूरी तरह पानी में डूबे हैं। चिल्ला और राजापुर क्षेत्र के लोग पॉलिथीन के टेंट में रह रहे हैं। राहत के नाम पर नावें और शेल्टर कम हैं। मंत्री रामकेश निषाद और डीएम जे. रीभा दौरे कर रहे हैं, लेकिन हालात गंभीर हैं।

अमरोहा: आठ मकान गिरे, दो की मौत

36 घंटे की बारिश ने अमरोहा जिले में कहर ढाया है। आठ मकान गिर चुके हैं, दो मौतें हो चुकी हैं। जिलाधिकारी निधि गुप्ता नाव से गांवों का दौरा कर रही हैं। गंगा नदी के किनारे के इलाकों में रेड अलर्ट जारी किया गया है।

मैनपुरी: जलभराव ने रोकी बच्चों की पढ़ाई

भोगांव तहसील के मिर्जापुर गांव में बच्चे स्कूल जाने के लिए पानी में घुसकर जा रहे हैं। वीडियो वायरल होने के बाद भी प्रशासन ने कोई स्थायी समाधान नहीं किया है।

ग्रेटर नोएडा: अर्थी ले जाना बना मुश्किल

हाइटेक शहर के रोजा जलालपुर गांव में जलभराव इतना है कि शमशान तक ले जाना भी संभव नहीं रहा। एक अर्थी को कीचड़ और पानी में ले जाते ग्रामीणों का वीडियो वायरल हुआ है। स्थानीय लोग प्राधिकरण की लापरवाही से नाराज हैं।

प्रयागराज और काशी: खतरे की घड़ी में

गंगा और यमुना के जलस्तर में बढ़ोतरी से प्रयागराज और वाराणसी में भी सतर्कता बढ़ा दी गई है। गंगा घाटों और मंदिरों के आसपास प्रशासन निगरानी रख रहा है। श्रद्धालुओं से अपील की गई है कि वे नदी किनारे जाने से बचें।


उत्तर प्रदेश इस समय प्राकृतिक आपदा के कठिन दौर से गुजर रहा है। लगातार हो रही बारिश, उफनती नदियां और प्रशासनिक चुनौतियां एक बड़ा संकट बनकर उभरी हैं। ज़रूरत है एक समन्वित और स्थायी समाधान की, जिससे हर साल आने वाली इस विभीषिका से आमजन को राहत मिल सके।

Uttarkashi Cloudburst: धराली गांव में बादल फटने से तबाही – स्थिति, राहत प्रयास और सरकार की प्रतिक्रिया