पीलीभीत: शीतलहर के कहर से बचाने को पूरे शहर में आग की व्यवस्था — नगर पालिका ने 30+ स्थानों पर अलाव जलाए
पीलीभीत।
कड़ाके की ठंड और लगातार बढ़ती शीतलहर के बीच पीलीभीत प्रशासन और नगर पालिका परिषद ने जनहित को सर्वोपरि रखते हुए अभूतपूर्व कदम उठाया है।
ताकि कोई भी राहगीर, मजदूर, रात में काम करने वाले लोग या बेघर व्यक्ति इस हाड़ कंपा देने वाली सर्दी का शिकार न हो जाए—इसके लिए नगर क्षेत्र के प्रमुख चौराहों, दफ्तरों, धार्मिक स्थलों और भीड़भाड़ वाले प्वाइंट्स पर बड़े पैमाने पर अलाव की व्यवस्था की गई है।
यह कदम न सिर्फ शासन की मंशा को मजबूती देता है, बल्कि यह संदेश भी देता है कि पीलीभीत प्रशासन जनता के साथ हर पल खड़ा है।
शहर में 30+ हॉटस्पॉट पॉइंट्स पर अलाव—ठंड में जनता को राहत
नगर पालिका परिषद, पीलीभीत द्वारा शहर के जिन महत्वपूर्ण स्थानों पर अलाव जलाए जा रहे हैं, उनमें शामिल हैं—
पुलिस अधीक्षक कार्यालय (पुलिस लाइन)
कलेक्ट्रेट (सीआरए ऑफिस)
जिलाधिकारी आवास
अपर पुलिस अधीक्षक लाइन
निर्वाचन कार्यालय (कलेक्ट्रेट परिसर)
कलेक्ट्रेट तिकोनिया पार्क
ऑफिसर कॉलोनी
विकास भवन
नकटादाना चौराहा
साईधाम मंदिर
के.जी.एन. रैन बसेरा
मंत्री कार्यालय संजय रॉयल पार्क
जिला अस्पताल
गौहनिया चौराहा
नगर पालिका परिषद कार्यालय
रेलवे स्टेशन चौराहा
छतरी चौराहा
डिग्री कॉलेज चौराहा
नौगवां चौराहा
रोडवेज रैन बसेरा
लेखराज चौराहा
बरेली दरवाजा
हिजड़ों वाली मस्जिद
शरीफ खां चौराहा
गैस चौराहा
चावला चौराहा
थाना सुनगढ़ी
आवास विकास चौराहा
जलकल प्रांगण
खकरा
रंगीलाल चौराहा
इन सभी स्थानों पर नगर पालिका की टीमें नियमित रूप से अलाव जलाने का कार्य कर रही हैं ताकि रात के समय कड़ाके की ठंड में किसी भी व्यक्ति को परेशानी न हो।
प्रशासन और नगर पालिका का स्पष्ट संदेश, हर हाल में जनता सुरक्षित रहे —किसी को ठंड से पीड़ित नहीं होने देंगे
अधिशासी अधिकारी, नगर पालिका परिषद ने बताया कि—
“ठंड एवं शीतलहर से बचाव हेतु नगर क्षेत्र में लगातार अलाव जलाए जा रहे हैं। यदि किसी भी राहगीर, आम जनमानस या जरूरतमंद को सर्दी से संबंधित कोई समस्या होती है, तो वे तुरंत सफाई एवं खाद्य निरीक्षक से संपर्क कर सकते हैं।”
हेल्पलाइन नंबर
9369649100
इस पर कोई भी नागरिक तुरंत सूचना देकर मदद प्राप्त कर सकता है।
DM पीलीभीत ज्ञानेंद्र सिंह का बयान — “जनता की सुरक्षा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता”
जिलाधिकारी पीलीभीत ज्ञानेंद्र सिंह ने शीतलहर की गंभीरता को देखते हुए स्पष्ट कहा कि प्रशासन पूरी मुस्तैदी से मैदान में है। उन्होंने बताया कि जिले में जहां-जहां भी आमजन को ठंड से परेशानी हो सकती है, वहां अलाव की व्यवस्था को प्राथमिकता दी गई है। डीएम ने कहा—
“पीलीभीत प्रशासन का पहला दायित्व जनता को सुरक्षित रखना है। शीतलहर से किसी को भी परेशानी न हो, इसके लिए टीमें हर रात भ्रमण कर रही हैं। किसी भी नागरिक को समस्या हो तो तुरंत जानकारी दें, हम तुरंत कार्रवाई करेंगे।”
डीएम ने यह भी निर्देश दिया कि अलाव व्यवस्था में किसी प्रकार की लापरवाही मिलने पर संबंधित कर्मचारियों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
नगर पालिका चेयरमैन डॉ. आस्था अग्रवाल ने बताया — “हर जरूरतमंद के लिए अलाव की व्यवस्था करना हमारा कर्तव्य है”
नगर पालिका परिषद पीलीभीत की चेयरमैन डॉ. आस्था अग्रवाल ने बताया कि इस भीषण ठंड में नगर पालिका की टीमें लगातार फील्ड में सक्रिय हैं। उन्होंने कहा—
“हमारा लक्ष्य है कि नगर क्षेत्र में कोई भी व्यक्ति ठंड के कारण पीड़ा न सहे। अलाव व्यवस्था को लगातार मॉनिटर किया जा रहा है और जरूरत के अनुसार अतिरिक्त प्वाइंट भी जोड़े जा रहे हैं। जनता की सुरक्षा और सुविधा हमारी जिम्मेदारी है और इसे हर हाल में निभाया जाएगा।”
डॉ. अग्रवाल ने नागरिकों से अपील की कि यदि कहीं अलाव की आवश्यकता हो, तो तुरंत नगर पालिका को जानकारी दें ताकि तत्काल व्यवस्था की जा सके।
जनता की सुरक्षा सर्वोपरि
यह खबर सिर्फ अलाव जलाने की सूचना नहीं, बल्कि यह बताती है कि:
प्रशासन शीतलहर को आपदा मानते हुए प्रोएक्टिव मोड में है।
नगर पालिका टीमें रात के समय भी सक्रिय हैं।
भीड़भाड़ वाले इलाकों, धार्मिक स्थलों, सरकारी कार्यालयों और चौराहों पर विशेष ध्यान।
बघर एवं राहगीरों को विशेष सुरक्षा।
शासन की मंशा—“कोई भी नागरिक ठंड से पीड़ित न हो।”
जनहित के लिए बड़ा प्रयास
हर वर्ष उत्तर भारत में शीतलहर कई जानें ले लेती है।
लेकिन इस बार पीलीभीत प्रशासन ने पहले ही मोर्चा संभालते हुए जनहित को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है।
सड़कों पर राउंड लगाती टीमें यह सुनिश्चित कर रही हैं कि
“रात के समय कोई भी इंसान ठिठुरने पर मजबूर न हो।”
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