भाई ने भाई को मिट्टी में दफनाया: जमीन के लालच में खून, 12 दिन तक घर के नीचे दबी रही लाश
डंडों से पीट-पीटकर हत्या, आठ फुट गहरे गड्ढे में छिपाया जुर्म, गांव में खुला रिश्तों का सबसे खौफनाक सच
उत्तर प्रदेश के पीलीभीत जनपद से रिश्तों को शर्मसार कर देने वाली एक ऐसी वारदात सामने आई है, जिसने पूरे इलाके को हिला कर रख दिया है। यहां जमीन के लालच में सगे भाई ने अपने ही भाई की बेरहमी से हत्या कर दी, और हैरानी की हद यह कि शव को घर के अंदर ही करीब आठ फुट गहरे गड्ढे में दफना दिया गया।
करीब 12 दिनों तक एक इंसान की लाश मिट्टी के नीचे दबी रही, ऊपर रोज़मर्रा की जिंदगी चलती रही, और किसी को भनक तक नहीं लगी कि उसी घर में एक खौफनाक राज दफन है।
पीलीभीत का लिलहर गांव बना खून की कहानी का गवाह
यह सनसनीखेज मामला बीसलपुर कोतवाली क्षेत्र के लिलहर गांव का है। मृतक की पहचान हंसराज (35 वर्ष), पुत्र करन सिंह के रूप में हुई है। हंसराज तीन भाइयों में सबसे छोटा था। वह अपने बड़े भाई पृथ्वीराज के साथ गांव भौरूआ में रहता था, जबकि मंझला भाई नक्षत्रपाल सिंह अपनी ससुराल यानी ननिहाल लिलहर गांव में परिवार सहित रहता था।
परिजनों के मुताबिक, नक्षत्रपाल को ननिहाल में करीब सात बीघा जमीन मिली थी, जिसे लेकर लंबे समय से भाइयों के बीच विवाद चल रहा था। यही जमीन धीरे-धीरे रिश्तों में जहर घोलती गई और आखिरकार खून में तब्दील हो गई।
12 दिसंबर को घर से निकला, फिर कभी वापस नहीं लौटा
बताया गया कि 12 दिसंबर को हंसराज अपने बड़े भाई पृथ्वीराज को यह कहकर घर से निकला था कि वह लिलहर गांव में नक्षत्रपाल से मिलने जा रहा है। लेकिन दिन बीतते गए, हंसराज वापस नहीं लौटा। मोबाइल बंद रहने लगा और परिवार की चिंता बढ़ती चली गई।
जब काफी तलाश के बाद भी कोई सुराग नहीं मिला, तो बड़े भाई पृथ्वीराज को शक गहराने लगा। उसने पुलिस को सूचना दी और सीधे तौर पर मंझले भाई नक्षत्रपाल पर हत्या का आरोप लगाया।
14 दिसंबर को हुई हत्या, पहले मंडी के पास पिटाई फिर घर में मौत
पुलिस जांच में जो सच सामने आया, वह रूह कंपा देने वाला था। पूछताछ में नक्षत्रपाल ने कबूल किया कि हंसराज की हत्या 14 दिसंबर को कर दी गई थी।
पहले गांव के बाहर मंडी के पास लाठी-डंडों से उसकी बेरहमी से पिटाई की गई, फिर उसे घर लाया गया। वहां भी मारपीट जारी रही और अंततः हंसराज ने दम तोड़ दिया।
इसके बाद नक्षत्रपाल ने अपने जुर्म को छिपाने के लिए घर के अंदर ही करीब आठ फुट गहरा गड्ढा खोदा और अपने ही भाई के शव को जमीन में दफना दिया।
शुक्रवार शाम टूट गया कातिल का सन्नाटा, पुलिस के सामने कबूला जुर्म
शुक्रवार की शाम करीब चार बजे पुलिस गांव पहुंची और नक्षत्रपाल से कड़ाई से पूछताछ शुरू की। सवालों की मार वह ज्यादा देर तक नहीं सह सका और उसने अपना जुर्म स्वीकार कर लिया।
इसके बाद पुलिस ने घर के अंदर उस स्थान की निशानदेही कराई, जहां शव दबाया गया था।
गड्ढा खुदवा रही पुलिस, फॉरेंसिक टीम जुटा रही सबूत
हत्या के खुलासे के बाद पुलिस ने तुरंत गड्ढा खुदवाने की कार्रवाई शुरू कर दी ताकि शव को बाहर निकाला जा सके। मौके पर फॉरेंसिक टीम भी पहुंच चुकी है, जो हर छोटे-बड़े साक्ष्य को वैज्ञानिक तरीके से जुटा रही है।
सूचना मिलते ही सीओ बीसलपुर प्रगति चौहान भी गांव पहुंचीं और पूरे घटनाक्रम की निगरानी की। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और फॉरेंसिक साक्ष्यों के आधार पर आगे की कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
गांव में सन्नाटा, जमीन के लिए बहा भाई का खून
इस वारदात के बाद लिलहर गांव में सन्नाटा पसरा हुआ है। हर कोई यही सवाल कर रहा है कि क्या सात बीघा जमीन की कीमत एक भाई की जान से ज्यादा हो गई?
जिस घर में कभी भाई-भाई की आवाज गूंजती थी, उसी घर की जमीन के नीचे एक भाई की लाश दबी मिली।
यह मामला सिर्फ एक हत्या नहीं, बल्कि रिश्तों के टूटने, लालच की हैवानियत और इंसान के भीतर छिपे दरिंदे का आईना बनकर सामने आया है।