यूपी में बवाल का वीडियो: उत्तर प्रदेश के गाजीपुर में बुधवार को उस समय हालात बिगड़ गए जब समाजवादी पार्टी (सपा) का प्रतिनिधिमंडल एक पीड़ित परिवार से मिलने गांव पहुंचा। ग्रामीणों ने उन्हें गांव में प्रवेश से रोक दिया, जिसके बाद विवाद बढ़ गया और दोनों पक्षों के बीच जमकर पत्थरबाजी हुई। इस घटना में कई लोग घायल हो गए हैं।
पत्थरबाजी में पूर्व मंत्री समेत कई लोग घायल
इस झड़प में सपा के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री रामआसरे विश्वकर्मा के सिर में गंभीर चोट आई है।
इसके अलावा:
- जंगीपुर विधायक डॉ. वीरेंद्र यादव
- महिला कार्यकर्ता रीना यादव और बिंदु
भी घायल हुए हैं। सभी का इलाज गाजीपुर मेडिकल कॉलेज में चल रहा है।
गांव में प्रवेश से रोके जाने पर बढ़ा विवाद
सपा का प्रतिनिधिमंडल कटरिया गांव में एक पीड़ित परिवार से मिलने पहुंचा था।
- ग्रामीणों ने उन्हें गांव के बाहर ही रोक दिया
- इसके विरोध में प्रतिनिधिमंडल धरने पर बैठ गया
- पुलिस से मिलने की अनुमति मांगी गई
इसी दौरान अचानक स्थिति बिगड़ गई और पत्थरबाजी शुरू हो गई।
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16 साल की लड़की की मौत से पहले से तनाव
यह पूरा मामला 16 वर्षीय निशा विश्वकर्मा की मौत से जुड़ा है।
- 15 अप्रैल को उसका शव जमानिया पुल के पास नदी में मिला था
- पुलिस जांच में मामला हत्या का निकला
- एक आरोपी हरिओम पांडेय को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया
इस घटना के बाद से गांव में लगातार तनाव बना हुआ है।
घटना के बाद भारी पुलिस बल तैनात
पत्थरबाजी के बाद हालात को काबू में करने के लिए पुलिस ने तुरंत कार्रवाई की।
- एसपी सिटी राकेश कुमार मिश्रा के नेतृत्व में फोर्स तैनात
- 26 जवानों की PAC प्लाटून मौके पर मौजूद
- इलाके में लगातार निगरानी जारी
सोशल मीडिया पर भड़काऊ पोस्ट से बढ़ा तनाव
रिपोर्ट्स के मुताबिक, घटना के बाद सोशल मीडिया पर जातीय टिप्पणी किए जाने से भी माहौल और बिगड़ गया।
कुछ असामाजिक तत्वों द्वारा की गई आपत्तिजनक पोस्ट्स ने गांव में तनाव को और बढ़ा दिया।
पहले भी हो चुका है प्रदर्शन
- 20 अप्रैल को सपा कार्यकर्ताओं ने इस मामले में प्रदर्शन किया था
- आरोपियों पर सख्त कार्रवाई, पॉक्सो एक्ट लगाने और परिवार को सुरक्षा देने की मांग की गई
भाजपा नेता भी कर चुके हैं मुलाकात
21 अप्रैल को भाजपा MLC हंसराज विश्वकर्मा ने पीड़ित परिवार से मुलाकात की थी।
उन्होंने दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और निष्पक्ष जांच का आश्वासन दिया था।
संवेदनशील मामला, हालात पर नजर
गाजीपुर का यह मामला बेहद संवेदनशील हो चुका है, जहां एक तरफ हत्या की जांच चल रही है, वहीं दूसरी ओर राजनीतिक और सामाजिक तनाव भी बढ़ गया है।
प्रशासन की कोशिश है कि हालात को जल्द से जल्द सामान्य किया जाए।