War News: मध्य-पूर्व में तनाव के बीच ईरान ने एक बड़ा कदम उठाते हुए भारत की ओर आ रहे एक कंटेनर जहाज को रोककर अपने कब्जे में ले लिया है। यह घटना दुनिया के सबसे अहम समुद्री मार्गों में से एक होर्मुज स्ट्रेट में हुई, जिससे अंतरराष्ट्रीय शिपिंग और भारत की सप्लाई चेन पर असर पड़ सकता है।
भारत आ रहे ‘एपामिनोडेस’ जहाज को रोका गया
ईरान की इस्लामिक रेवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स ने लाइबेरिया फ्लैग वाले कंटेनर शिप Epaminondas को इंटरसेप्ट कर लिया।
- यह जहाज दुबई से गुजरात के मुंद्रा पोर्ट जा रहा था
- समुद्री ट्रैफिक डेटा के मुताबिक यह भारत की ओर बढ़ रहा था
ईरान का आरोप: बिना अनुमति और नेविगेशन सिस्टम से छेड़छाड़
ईरानी नौसेना ने दावा किया है कि जहाज के पास जरूरी अनुमति नहीं थी और उसके नेविगेशन सिस्टम में छेड़छाड़ की गई थी।
ईरान के अनुसार, इससे समुद्री सुरक्षा को खतरा पैदा हो सकता था, इसलिए कार्रवाई की गई।
तीन जहाजों पर कार्रवाई, एक पर हमला भी
रिपोर्ट्स के मुताबिक, ईरान ने इस दौरान कुल तीन जहाजों को निशाना बनाया:
- Epaminondas – कब्जे में लिया गया
- Francesca – जब्त किया गया (इजराइल से जुड़ा बताया गया)
- Euphoria – इस पर हमला किया गया
पहले भी भारतीय जहाजों पर फायरिंग की खबरें
इस घटना से पहले भी ईरान की ओर से भारतीय जहाजों पर कार्रवाई की खबरें आई थीं।
- Jag Arnav – सऊदी अरब से भारत आ रहा था
- Sanmar Herald – इराक से भारत के लिए तेल ला रहा था
इन दोनों जहाजों पर भी ईरानी नौसेना द्वारा फायरिंग की बात सामने आई थी, जबकि ईरान ने “फ्रेंडली देशों” के जहाजों को सुरक्षित रखने का आश्वासन दिया था।
क्यों अहम है होर्मुज स्ट्रेट?
होर्मुज स्ट्रेट दुनिया के सबसे व्यस्त और रणनीतिक समुद्री मार्गों में से एक है।
- यहां से दुनिया का बड़ा हिस्सा तेल और गैस सप्लाई होता है
- भारत समेत कई देशों की ऊर्जा सप्लाई इसी रूट पर निर्भर है
इस इलाके में तनाव बढ़ने से वैश्विक व्यापार और तेल की कीमतों पर असर पड़ सकता है।
भारत पर क्या असर पड़ सकता है?
- सप्लाई चेन में देरी
- तेल और सामान की कीमतों पर असर
- समुद्री सुरक्षा को लेकर चिंता
हालांकि, इस पूरे मामले पर भारत सरकार की आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार है।