Bengal Election 2026: पश्चिम बंगाल में चल रहे विधानसभा चुनाव के दौरान हिंसा की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं। अब दक्षिण दिनाजपुर जिले के कुमारगंज से एक बड़ा मामला सामने आया है, जहां भाजपा उम्मीदवार शुभेंदु सरकार पर हमला कर दिया गया। इस पूरी घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें साफ देखा जा सकता है कि कैसे भीड़ उन्हें घेरकर मारपीट कर रही है।
जान बचाकर भागते दिखे भाजपा उम्मीदवार
वायरल वीडियो में दिख रहा है कि कुमारगंज सीट से भाजपा उम्मीदवार शुभेंदु सरकार हमले से बचने के लिए दौड़ते नजर आ रहे हैं। उनके साथ उनका सिक्योरिटी गार्ड भी मौजूद है, लेकिन इसके बावजूद भीड़ उनका पीछा करती है और उन्हें पकड़कर पीटने लगती है।
यह वीडियो सामने आने के बाद इलाके में राजनीतिक माहौल और ज्यादा गर्म हो गया है।
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कुमारगंज, दक्षिण दिनाजपुर
भाजपा उम्मीदवार शुभेंदु शेखर पर भीड़ का हमला,जिसके कारण उन्हें जान बचाने के लिए भागना पड़ा.. https://t.co/HXl4mDucJv pic.twitter.com/jfUACCMCX9— Abhishek Dwivedi /अभिषेक द्विवेदी 🇮🇳 (@Dubeyjilive) April 23, 2026
क्या है पूरा मामला?
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, शुभेंदु सरकार को सूचना मिली थी कि एक बूथ पर वोटिंग में गड़बड़ी हो रही है। इसी शिकायत के आधार पर वह मौके पर पहुंचे थे।
उन्होंने आरोप लगाया कि उनके पोलिंग एजेंट को बूथ के अंदर जाने नहीं दिया जा रहा था। इसी दौरान उन्होंने एक व्यक्ति का पीछा किया, जिसके बाद स्थिति बिगड़ गई।
टीएमसी कार्यकर्ताओं पर मारपीट का आरोप
भाजपा की ओर से आरोप लगाया गया है कि टीएमसी कार्यकर्ताओं ने शुभेंदु सरकार को पकड़कर उनके साथ मारपीट की।
बताया जा रहा है कि जैसे ही वह व्यक्ति का पीछा कर रहे थे, तभी कुछ लोगों ने उन्हें घेर लिया और हमला कर दिया। हालांकि हमला करने वाले लोगों की पहचान अभी तक आधिकारिक तौर पर कन्फर्म नहीं हो पाई है।
चुनाव आयोग का सख्त एक्शन
इस घटना को गंभीरता से लेते हुए चुनाव आयोग ने तुरंत कार्रवाई के आदेश दिए हैं।
चुनाव आयोग ने वीडियो में दिख रहे सभी लोगों की पहचान कर उन्हें तुरंत गिरफ्तार करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही इस पूरे मामले पर विस्तृत रिपोर्ट भी तलब की गई है।
बढ़ती हिंसा पर सवाल
पश्चिम बंगाल में इस बार के चुनाव के दौरान कई जगहों से हिंसा, झड़प और हमले की खबरें सामने आ रही हैं।
ऐसे में सवाल उठ रहा है कि क्या चुनाव आयोग और सुरक्षा एजेंसियां इन घटनाओं को रोकने में पूरी तरह सफल हो पा रही हैं या नहीं।