Iran US War: मध्य-पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच ईरान ने टोगो के झंडे वाले एक केमिकल टैंकर पर फायरिंग की है। इस जहाज पर 12 भारतीय क्रू मेंबर भी सवार थे। राहत की बात यह है कि सभी भारतीय सुरक्षित बताए गए हैं। इस घटना ने एक बार फिर फारसी खाड़ी और समुद्री सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है।
टोगो के झंडे वाले जहाज पर हमला
जानकारी के मुताबिक, यह हमला ईरान ने टोगो के झंडे वाले केमिकल टैंकर MT Chiron पर किया।
यह जहाज अन्य जहाजों के साथ आगे बढ़ रहा था, तभी ईरानी कोस्ट गार्ड ने इसे रोक लिया और चेतावनी देते हुए गोलियां चला दीं।
ओमान के पास हुई घटना
यह घटना ओमान के शिनास पोर्ट के बाहरी क्षेत्र के पास हुई।
जहाज को रोके जाने के बाद स्थिति तनावपूर्ण हो गई, लेकिन कोई बड़ा नुकसान नहीं हुआ।
12 भारतीय क्रू मेंबर सुरक्षित
पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्रालय ने बताया कि जहाज पर मौजूद सभी 12 भारतीय क्रू मेंबर पूरी तरह सुरक्षित हैं।
मंत्रालय के निदेशक मनदीप सिंह रंधावा ने कहा:
“फारसी खाड़ी में मौजूद सभी भारतीय जहाजों और उनके चालक दल पर कड़ी नजर रखी जा रही है। सभी नाविक सुरक्षित हैं।”
टोगो टैंकर क्या होता है? आसान भाषा में समझें
यहां “टोगो टैंकर” का मतलब यह नहीं है कि जहाज टोगो देश का ही हो, बल्कि इसका अर्थ है कि वह जहाज टोगो के झंडे के तहत रजिस्टर्ड है। समुद्री क्षेत्र में कई जहाज ऐसे होते हैं जो किसी दूसरे देश में रजिस्टर कराए जाते हैं, ताकि वहां के आसान नियम, कम टैक्स और सुविधाजनक कानूनों का फायदा मिल सके।
टोगो पश्चिम अफ्रीका का एक देश है, और जब किसी जहाज पर उसका झंडा लगा होता है, तो इसका मतलब होता है कि वह जहाज उसी देश के समुद्री नियमों के तहत ऑपरेट कर रहा है। इसलिए खबरों में “टोगो के झंडे वाला टैंकर” कहा जाता है, तो उसका सीधा मतलब होता है जहाज का रजिस्ट्रेशन टोगो में है—भले ही उसका मालिक, ऑपरेटर या क्रू किसी और देश से क्यों न हो।
होर्मुज स्ट्रेट में बढ़ता तनाव
होर्मुज स्ट्रेट में लगातार तनाव बना हुआ है।
ईरान पहले भी कह चुका है कि उसकी अनुमति के बिना कोई जहाज इस रास्ते से नहीं गुजर सकता।
हाल ही में ईरानी नौसेना ने:
- कई जहाजों को रोका
- कुछ को अपने कब्जे में भी लिया
जिससे अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्ग पर खतरा बढ़ गया है।
क्यों अहम है यह इलाका?
फारसी खाड़ी और होर्मुज स्ट्रेट दुनिया के सबसे अहम समुद्री व्यापार मार्गों में से हैं।
यहां किसी भी तरह का तनाव वैश्विक तेल आपूर्ति और व्यापार पर बड़ा असर डाल सकता है।